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हत्यारे तांत्रिक को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Dec 2016 11:03 PM IST
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रानीपुर गांव निवासी एक युवक की 19 वर्ष पूर्व एक तांत्रिक और उसके सहयोगी ने मिलकर हत्या कर दी थी। हत्या के मामले में एडीजे ने तांत्रिक और सहयोगी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही धारा 201 के तहत सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 75-75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
रानीपुर थाना अंतर्गत ग्राम रानीपुर निवासी रामनरेश उर्फ लंगड़ को घोड़हनपुरवा निवासी तांत्रिक शब्बीर अली ने घर में सोना और चांदी गड़ा होने का झांसा देकर 11 हजार रुपये ऐंठ लिए थे। सोना-चांदी नहीं निकलने पर वह पैसा देने के लिए दबाव बनाने लगा। 13 नवंबर 1997 को रत्तापुर गांव के पास स्थित बरुही ताल में रामनरेश की सर कटी लाश मिली थी।
उसके पिता गोविंद प्रसाद की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तांत्रिक शब्बीर अली और उसके साथी सलीम को नामजद करते हुए केस दर्ज किया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर चार पर चल रही थी।
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एडीजे सुरेशचंद्र भारती ने फैसला सुनाते हुए धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड तथा धारा 201 के तहत सात वर्ष के सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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रानीपुर थाना अंतर्गत ग्राम रानीपुर निवासी रामनरेश उर्फ लंगड़ को घोड़हनपुरवा निवासी तांत्रिक शब्बीर अली ने घर में सोना और चांदी गड़ा होने का झांसा देकर 11 हजार रुपये ऐंठ लिए थे। सोना-चांदी नहीं निकलने पर वह पैसा देने के लिए दबाव बनाने लगा। 13 नवंबर 1997 को रत्तापुर गांव के पास स्थित बरुही ताल में रामनरेश की सर कटी लाश मिली थी।
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उसके पिता गोविंद प्रसाद की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तांत्रिक शब्बीर अली और उसके साथी सलीम को नामजद करते हुए केस दर्ज किया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर चार पर चल रही थी।
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एडीजे सुरेशचंद्र भारती ने फैसला सुनाते हुए धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड तथा धारा 201 के तहत सात वर्ष के सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।