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बैनामा के बहाने निशक्त दंपती से 14 लाख लेकर फरार
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Mon, 10 Aug 2015 10:12 PM IST
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नानपारा (बहराइच)। निशक्त दंपती ने गुजारे के लिए छह बीघा जमीन का सौदा किया था। जमीन के एवज में जमा पूंजी 13 लाख 80 हजार रुपये दिए लेकिन तहसील में लिखापढ़ी के दौरान सौदा करने वाले लोग बिना जमीन का बैनामा किए नकदी लेकर भाग निकले।
काफी खोजबीन के बाद भी पता न लगने पर पीड़ित दंपती ने सोमवार देर शाम कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने महिला समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रुपईडीहा थाना क्षेत्र अंतर्गत मसूदनगर बस्थनवा गांव निवासी चंद्रावती निशक्त है। उसका पति हरिश्चंद्र नेत्रहीन है। दोनों दो जून की रोटी की जुगाड़ के लिए मेहनत मजदूरी करते हैं।
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दंपती ने अपनी पुश्तैनी जमीन व कुछ अन्य मदों से 13.80 लाख रुपये इकट्ठा किए थे। इसी दौरान गांव निवासी सतीश कुमार ने निशक्त दंपती को खेती योग्य जमीन खरीदवाने की बात कही।
हरिश्चंद्र और चंद्रावती को बात रास आई तो सतीश ने रामगांव थाना क्षेत्र के धर्मकुंडा निवासी अखिलेश और रामरूप से गांव में छह बीघा खेत के लिए बातचीत कराई।
13.80 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। उसी के तहत सोमवार दोपहर निशक्त दंपती नकदी लेकर बैनामा करवाने तहसील पहुंचे।
यहां सतीश से हुई वार्ता के मुताबिक दंपती ने जमीन के मालिक अखिलेश, रामरूप, प्रदीप और कांती देवी को नकदी सौंप दी थी।
तहसील में शाम पांच बजे के आसपास जब लिखापढ़ी हो रही थी तभी सौदा करने वाली महिला समेत चारों लोग चाय पीने के बहाने खिसक गए।
काफी देर तक इंतजार करने के बाद खोजबीन की गई लेकिन उनका पता नहीं चला। ठगे जाने का एहसास होने पर चंद्रावती और हरिश्चंद्र ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी है।
प्रभारी निरीक्षक एसके त्रिपाठी ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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काफी खोजबीन के बाद भी पता न लगने पर पीड़ित दंपती ने सोमवार देर शाम कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने महिला समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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रुपईडीहा थाना क्षेत्र अंतर्गत मसूदनगर बस्थनवा गांव निवासी चंद्रावती निशक्त है। उसका पति हरिश्चंद्र नेत्रहीन है। दोनों दो जून की रोटी की जुगाड़ के लिए मेहनत मजदूरी करते हैं।
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दंपती ने अपनी पुश्तैनी जमीन व कुछ अन्य मदों से 13.80 लाख रुपये इकट्ठा किए थे। इसी दौरान गांव निवासी सतीश कुमार ने निशक्त दंपती को खेती योग्य जमीन खरीदवाने की बात कही।
हरिश्चंद्र और चंद्रावती को बात रास आई तो सतीश ने रामगांव थाना क्षेत्र के धर्मकुंडा निवासी अखिलेश और रामरूप से गांव में छह बीघा खेत के लिए बातचीत कराई।
13.80 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। उसी के तहत सोमवार दोपहर निशक्त दंपती नकदी लेकर बैनामा करवाने तहसील पहुंचे।
यहां सतीश से हुई वार्ता के मुताबिक दंपती ने जमीन के मालिक अखिलेश, रामरूप, प्रदीप और कांती देवी को नकदी सौंप दी थी।
तहसील में शाम पांच बजे के आसपास जब लिखापढ़ी हो रही थी तभी सौदा करने वाली महिला समेत चारों लोग चाय पीने के बहाने खिसक गए।
काफी देर तक इंतजार करने के बाद खोजबीन की गई लेकिन उनका पता नहीं चला। ठगे जाने का एहसास होने पर चंद्रावती और हरिश्चंद्र ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी है।
प्रभारी निरीक्षक एसके त्रिपाठी ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।