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छह युवकों से पांच लाख ठगे
अमर उजाला/बहराइच
Updated Sat, 18 Feb 2017 11:49 PM IST
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- फोटो : SELF
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लाॅटरी निकलने और विदेशी कंपनी की ओर से मोबाइल नंबर का लकी विजेता के रूप में चयनित करने का झांसा देकर छह युवकों से मोबाइल हैकरों ने पांच लाख रुपये ठग लिए। करोड़पति बनाने का लालच देकर किसी से 72 हजार तो किसी से 85 हजार रुपये जमा करवाए गए। रुपये जमा करने के बाद जब संबंधित नंबर पर बातचीत बंद हो गई, तब युवकों को ठगने का अहसास हुआ। इस मामले में पीड़ित युवकों ने संबंधित थाने में प्रार्थना पत्र देकर एसपी को पत्र भेजा है।
कोतवाली देहात क्षत्र के चिलवरिया निवासी रोहित और बालकराम के मोबाइल नंबर में सिर्फ एक सीरीज का अंतर है। इन दोनों को पखवारे भर पूर्व अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर उनका मोबाइल नंबर लकी नंबर के रूप में चयनित होने की बात कहते हुए 50 लाख रुपये का इनाम जीतने की बात कही। साथ ही कहा कि यह रकम लेने के लिए टैक्स जमा करना पड़ेगा। जिसके तहत कम से कम एक लाख रुपये देने होंगे।
दोनों युवक अज्ञात व्यक्ति के झांसे में आ गए। रोहित का कहना है कि पांच बार में उन्होंने मोबाइल नंबर 7390038078, 7887285224 पर हुई बातचीत के तहत इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के खाते में 80 हजार रुपये जमा कराए।
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इसके बाद पुन: युवक ने काल कर और पांच हजार रुपये की डिमांड की। उसे भी उधार लेकर दोनों युवकों ने जमा किए। लेकिन इसके बाद दोनों मोबाइल नंबर बंद हो गए। तब दोनों को ठगने का अहसास हुआ।
उधर, पयागपुर के पंडितपुरवा निवासी तिलकराम और खैरीघाट निवासी शिवकुमार, करुणाप्रसाद और नंदन भी इसी प्रकार की ठगी के शिकार हुए हैं। इनके मोबाइल पर भी अमेरिका की एक कंपनी द्वारा लाटरी विजेता होने का मैसेज भेजा गया। दो से ढाई करोड़ की लाटरी निकलने की बात कही गई। उस राशि को देने के एवज में इन युवकों से अलग-अलग खाता नंबरों में 72 से 85 हजार रुपये जमा करवाए गए। लेकिन रुपये जमा होने के बाद जिस मोबाइल नंबर पर बात हो रही थी, वह नंबर स्विच ऑफ बताने लगा। सभी ने काफी खोजबीन की, लेकिन जब कोई पता नहीं चला। तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
पीड़ितों ने संबंधित क्षेत्र के थानों पर तहरीर दी है। लेकिन पुलिस साइबर क्राइम का मामला बता रही है। इसके चलते सभी ने एसपी को पत्र भेजकर ठगी का पर्दाफाश करने की गुहार लगाई है। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी का कहना है कि अज्ञात नंबरों से आने वाली काल पर यदि लाटरी या अन्य पुरस्कार जीतने की बात कही जा रही है तो तत्काल विश्वास नहीं करना चाहिए। अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे।
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कोतवाली देहात क्षत्र के चिलवरिया निवासी रोहित और बालकराम के मोबाइल नंबर में सिर्फ एक सीरीज का अंतर है। इन दोनों को पखवारे भर पूर्व अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर उनका मोबाइल नंबर लकी नंबर के रूप में चयनित होने की बात कहते हुए 50 लाख रुपये का इनाम जीतने की बात कही। साथ ही कहा कि यह रकम लेने के लिए टैक्स जमा करना पड़ेगा। जिसके तहत कम से कम एक लाख रुपये देने होंगे।
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दोनों युवक अज्ञात व्यक्ति के झांसे में आ गए। रोहित का कहना है कि पांच बार में उन्होंने मोबाइल नंबर 7390038078, 7887285224 पर हुई बातचीत के तहत इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के खाते में 80 हजार रुपये जमा कराए।
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इसके बाद पुन: युवक ने काल कर और पांच हजार रुपये की डिमांड की। उसे भी उधार लेकर दोनों युवकों ने जमा किए। लेकिन इसके बाद दोनों मोबाइल नंबर बंद हो गए। तब दोनों को ठगने का अहसास हुआ।
उधर, पयागपुर के पंडितपुरवा निवासी तिलकराम और खैरीघाट निवासी शिवकुमार, करुणाप्रसाद और नंदन भी इसी प्रकार की ठगी के शिकार हुए हैं। इनके मोबाइल पर भी अमेरिका की एक कंपनी द्वारा लाटरी विजेता होने का मैसेज भेजा गया। दो से ढाई करोड़ की लाटरी निकलने की बात कही गई। उस राशि को देने के एवज में इन युवकों से अलग-अलग खाता नंबरों में 72 से 85 हजार रुपये जमा करवाए गए। लेकिन रुपये जमा होने के बाद जिस मोबाइल नंबर पर बात हो रही थी, वह नंबर स्विच ऑफ बताने लगा। सभी ने काफी खोजबीन की, लेकिन जब कोई पता नहीं चला। तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
पीड़ितों ने संबंधित क्षेत्र के थानों पर तहरीर दी है। लेकिन पुलिस साइबर क्राइम का मामला बता रही है। इसके चलते सभी ने एसपी को पत्र भेजकर ठगी का पर्दाफाश करने की गुहार लगाई है। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी का कहना है कि अज्ञात नंबरों से आने वाली काल पर यदि लाटरी या अन्य पुरस्कार जीतने की बात कही जा रही है तो तत्काल विश्वास नहीं करना चाहिए। अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे।