सुखा कर व रंग कर फिर से बेच देते थे प्रयोग की हुई चाय की पत्ती
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प्रयोग में लाई गई चाय की पत्ती में रंग मिलाकर उसे फिर से बाजार में पहुंचाने का गोरखधंधा बहराइच में सामने आया है। इस धंधे से जुड़े लोग एक बार प्रयोग की गई चाय की पत्ती को सुखाकर उसमें रंग मिलाते थे और उसकी नई पैकिंग करके बाजार में कम दामों में बेच दिया करते थे।
इसकी जानकारी मिलने पर बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी कर मौके से 50 किलोग्राम रंगी गई चाय की पत्ती बरामद की है।
खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना मिली थी जिले के नानपारा स्थित कबड़िया टोला में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने का यह गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा था।
इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनंत स्वरूप वर्मा ने टीम के साथ मोहल्ला कबड़िया टोला में एक भवन पर छापा मारा। यहां पाया कि इस्तेमाल हो चुकी चाय की पत्ती पर रंग चढ़ाकर कलर चढ़ाकर उसे नेशनल टी कंपनी के रैपर में पैक किया जा रहा है।
बरामद किए चाय की पत्ती, रैपर, रंग व पैकिंग के सामान
मौके से खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने करीब 50 किलोग्राम खराब चाय की पत्ती, रैपर, रंग व अन्य पैकिंग के सामान जब्त किए। बरामद चाय के नमूना को परीक्षण के लिए वाराणसी के प्रयोगशाला भेजा गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि नकली चाय की पत्ती की पैकिंग का कार्य मोहल्ला पड़ाव में स्थित गोल्डेन टी कंपनी के मालिक मोहम्मद महमूद हाशमी द्वारा कराया जा रहा था। हाशमी के एजेंसी पर भी छापेमारी की गई, लेकिन वहां कुछ संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि बरामद चाय के नमूने को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। बिना लाइसेंस के चाय की पैकिंग का कारोबार करने के मामले में हाशमी को नोटिस जारी किया गया है। वाराणसी से जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।