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किशोरी के अपहरण व रेप मामले में 10 वर्ष का सश्रम कारावास
Updated Sat, 15 Jul 2017 11:19 PM IST
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बहराइच। कोतवाली नानपारा क्षेत्र निवासी एक किशोरी को वर्ष 2015 में पड़ोस में रहने वाला युवक बहला फुसलाकर अगवा कर ले गया था। रेप की वारदात को भी अंजाम दिया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और अलग-अलग मामलों में 32 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
दीवानी कचेहरी के डीजीसी क्रिमनल संत प्रताप सिंह ने बताया कि कोतवाली नानपारा अंतर्गत एक गांव निवासी 14 वर्षीय किशोरी को पड़ोस में रहने वाला जमशेद पुत्र जुम्मन 29 मार्च 2015 को बहला फुसलाकर अगवा कर ले गया था। इस मामले में किशोरी की मां ने जमशेद को नामजद करते हुए केस दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में किशोरी को बरामद करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शनिवार को मुकदमे की फाइल दीवानी कचेहरी के कक्ष संख्या एक में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट लाल बहादुर द्वितीय के न्यायालय पर पेश हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने धारा 363, 366, 376, 452, 506 में अलग-अलग सजाएं सुनाईं। जिसके तहत दोष सिद्ध जमशेद को 10 वर्ष का सश्रम कारावास भुगतना होगा। जबकि अलग-अलग मामलों में 32 हजार रुपये जुर्माना अदा करना होगा।
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दीवानी कचेहरी के डीजीसी क्रिमनल संत प्रताप सिंह ने बताया कि कोतवाली नानपारा अंतर्गत एक गांव निवासी 14 वर्षीय किशोरी को पड़ोस में रहने वाला जमशेद पुत्र जुम्मन 29 मार्च 2015 को बहला फुसलाकर अगवा कर ले गया था। इस मामले में किशोरी की मां ने जमशेद को नामजद करते हुए केस दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में किशोरी को बरामद करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शनिवार को मुकदमे की फाइल दीवानी कचेहरी के कक्ष संख्या एक में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट लाल बहादुर द्वितीय के न्यायालय पर पेश हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने धारा 363, 366, 376, 452, 506 में अलग-अलग सजाएं सुनाईं। जिसके तहत दोष सिद्ध जमशेद को 10 वर्ष का सश्रम कारावास भुगतना होगा। जबकि अलग-अलग मामलों में 32 हजार रुपये जुर्माना अदा करना होगा।
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