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पौधे लगाकर पानी देना भूल गए अधिकारी
Updated Sun, 09 Sep 2018 11:50 PM IST
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बहराइच। जिले मेें मानसून के दौरान 18 लाख से अधिक फल और छायादार पौधों का रोपण किया गया था। लेकिन सुरक्षा के समुचित इंतजाम नहीं हुए। आधे से अधिक पौधे सूख गए। हालात ये हैं कि जरवल में पौधरोपण के लिए मंगाए गए पौधे बिना रोपण के ही सूख गए।
शासन की ओर से जिले में 14.91 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था। चार अगस्त को दूसरा आदेश जारी करते हुए करीब 3.32 लाख और पौधे लगाने का लक्ष्य दे दिया गया। जिले के करीब 25 विभागों को पौधरोपण के लिए लक्ष्य का आवंटन किया गया था।
इसमें ग्राम्य विकास विभाग, वन विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग और विकास विभाग अहम थे। इसके अलावा पीडब्लूडी, भूमि संरक्षण, बाल विकास समेत अन्य महकमों को भी लक्ष्य आवंटित किया गया था। 15 अगस्त को एक साथ पौधे लगाने की तैयारी की गई थी।
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सभी विभागों को बजट भी मिल गया था। लेकिन अधिकतर विभागों ने महज कागजी घोड़े दौड़ाते हुए पौधरोपण के लक्ष्य को पूरा दिखा दिया। जिन विभागों ने पौधे लगाए भी, उनके अफसर और कर्मचारी पौधों को पानी देना ही भूल गए, जिससे अधिकतर पौधे सूख गए।
हालात ये रहे कि विकास खंड जरवल में लगभग एक हजार पौधे बिना लगाए ही कार्यालय परिसर में पड़े रह गए। पौधों के सूखने की भनक पर अधिकारियों ने इनको हटवा दिया।
विभागों की है जिम्मेदारी
वन विभाग की ओर से सूचना देने और लक्ष्य के आवंटन का काम किया गया था। पौधों को लगाने और उनको संरक्षित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की थी।
उनकी गणना कर वन विभाग को रिपोर्ट भेजी गई है। जिसके आधार पर उसकी फीडिंग करा दी गई है। पौधों के सूखने के लिए संबंधित विभाग ही जिम्मेदार हैं।
-आरपी सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी
जांच कराकर करेंगे कार्रवाई
जरवल के खंड विकास अधिकारी राम अवतार ने बताया कि विकास विभाग के माध्यम से उनको 50 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था।
सभी पौधों को ब्लॉक कार्यालय और ग्राम पंचायतों में लगवाया गया है। एक हजार पौधे किन कारणों से रखे रह गए। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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शासन की ओर से जिले में 14.91 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था। चार अगस्त को दूसरा आदेश जारी करते हुए करीब 3.32 लाख और पौधे लगाने का लक्ष्य दे दिया गया। जिले के करीब 25 विभागों को पौधरोपण के लिए लक्ष्य का आवंटन किया गया था।
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इसमें ग्राम्य विकास विभाग, वन विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग और विकास विभाग अहम थे। इसके अलावा पीडब्लूडी, भूमि संरक्षण, बाल विकास समेत अन्य महकमों को भी लक्ष्य आवंटित किया गया था। 15 अगस्त को एक साथ पौधे लगाने की तैयारी की गई थी।
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सभी विभागों को बजट भी मिल गया था। लेकिन अधिकतर विभागों ने महज कागजी घोड़े दौड़ाते हुए पौधरोपण के लक्ष्य को पूरा दिखा दिया। जिन विभागों ने पौधे लगाए भी, उनके अफसर और कर्मचारी पौधों को पानी देना ही भूल गए, जिससे अधिकतर पौधे सूख गए।
हालात ये रहे कि विकास खंड जरवल में लगभग एक हजार पौधे बिना लगाए ही कार्यालय परिसर में पड़े रह गए। पौधों के सूखने की भनक पर अधिकारियों ने इनको हटवा दिया।
विभागों की है जिम्मेदारी
वन विभाग की ओर से सूचना देने और लक्ष्य के आवंटन का काम किया गया था। पौधों को लगाने और उनको संरक्षित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की थी।
उनकी गणना कर वन विभाग को रिपोर्ट भेजी गई है। जिसके आधार पर उसकी फीडिंग करा दी गई है। पौधों के सूखने के लिए संबंधित विभाग ही जिम्मेदार हैं।
-आरपी सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी
जांच कराकर करेंगे कार्रवाई
जरवल के खंड विकास अधिकारी राम अवतार ने बताया कि विकास विभाग के माध्यम से उनको 50 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था।
सभी पौधों को ब्लॉक कार्यालय और ग्राम पंचायतों में लगवाया गया है। एक हजार पौधे किन कारणों से रखे रह गए। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।