फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   डायरिया और बुखार से चार की मौत, तीन गंभीर

डायरिया और बुखार से चार की मौत, तीन गंभीर

Sun, 18 Jun 2017 02:31 AM IST
Updated Sun, 18 Jun 2017 02:31 AM IST
विज्ञापन
डायरिया और बुखार से चार की मौत, तीन गंभीर
डायरिया व बुखार से चार मासूमों ने दम तोड़ा
विज्ञापन

जिला अस्पताल में संक्रामक रोगों से पीड़ित 19 और मरीज हुए भर्ती, तीन की हालत नाजुक
बहराइच। तराई में बदल रहे मौसम के बीच डायरिया और बुखार का कहर तेज हो गया है। जिला अस्पताल में भर्ती बुखार व डायरिया से पीड़ित चार मासूमों की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर चले गए हैं। वहीं, जिला अस्पताल में बुखार और डायरिया से पीड़ित 19 और रोगी भर्ती हुए हैं, इनमें तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है।
तराई में बरसात के बाद निकल रही तेज धूप संक्रामक रोगों का संवाहक बन रही है। बुखार के साथ डायरिया का प्रकोप भी शुरू हो गया है। कैसरगंज निवासी संजू (2) पुत्री पृथ्वीनाथ को परिवार के लोगों ने बुखार व उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर निजी चिकित्सकों को दिखाया, जहां दो दिन तक इलाज किया गया, लेकिन लाभ न होने पर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां पर शुक्रवार को इलाज के दौरान संजू ने दम तोड़ दिया। उधर, बुखार और उल्टी-दस्त से पीड़ित शिवपुर निवासी बिंदू (एक) पुत्र कमलेश कुमार, बंधा महसी निवासी पंचम (एक) पुत्र राजेंद्र व बलरामपुर के अहिरनपुरवा निवासी संजीव (3) पुत्र जसकरन की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, जिला अस्पताल में बुखार, डायरिया व खसरा से पीड़ित 19 और मरीज भर्ती हुए हैं। इनमें विशेश्वरगंज निवासी आशीष (2), किरन (7) व प्रदीप (3) की हालत नाजुक बताई जा रही है। जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केेके वर्मा का कहना है कि बरसात के बाद निकल रही तेज धूप के चलते संक्रामक रोगों का प्रकोप शुरू हुआ है। ऐसे में अभिभावक सजग रहकर बच्चों की सुरक्षा कर सकते हैं। अभिभावक तेज धूप के समय बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें। साथ ही उनकी साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें। नौनिहालों को घर का बना खाना ही खिलाएं। बाहर के खाद्य पदार्थ न खानें दें।
विज्ञापन


इंसेट
संक्रामक रोगों के लक्षण व बचाव के उपाय
बरसात में संक्रामक रोग फैलने पर तेज बुखार के साथ शरीर में ऐंठन, सिरदर्द, चक्कर आने के साथ मिचली और उल्टी-दस्त के लक्षण दिखाई पड़ते हैं। ऐसी दशा में योग्य चिकित्सक से संपर्क कर मरीजों का इलाज कराएं। अपने मन से दवा का सेवन न करें। क्योंकि कुछ दवाइयां रोग को घटाने के बजाय बढ़ा देती हैं। उल्टी-दस्त की स्थिति में मरीज को नमक और चीनी का घोल पिलाते रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. केके वर्मा, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ

इंसेट
एक माह में 32 पीड़ितों की हो चुकी है मौत
जिला अस्पताल में बुखार व अन्य बीमारियों से ग्रसित 32 रोगियों की माह भर में मौत हो चुकी है। इनमें अधिकांश रोगी बुखार और उल्टी-दस्त की चपेट में थे। मृतकों में एक दिन से छह वर्ष के बच्चों की संख्या अधिक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed