बाघिन का हमला

Lucknow Bureau Updated Thu, 07 Dec 2017 10:34 PM IST
उर्रा (बहराइच)। ककरहा रेंज के भीमनगर खैरी गांव में शावकों के साथ पहुंची बाघिन ने ताबड़तोड़ हमले कर महिला समेत तीन लोगों को लहूलुहान कर दिया। दो ग्रामीणों ने बाघिन से पांच मिनट तक संघर्ष किया। जैसे-तैसे जान बची। सभी को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। हालत काफी नाजुक बताई जा रही है। उधर घटना की सूचना पाकर गांव पहुंची वन विभाग की टीम को घेरकर ग्रामीणों ने खरी-खोटी सुनाई। झड़प भी हुई। गांव में घटना के बाद से आक्रोश है। वहीं ग्रामीण दहशत में भी हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र से सटे गांवों में बाघ और तेंदुए के ताबड़तोड़ हमले बढ़ रहे हैं। गुरुवार दोपहर में ककरहा रेंज के भीमनगर खैरी गांव के लोग दोपहर एक बजे के आसपास अपने घर में मौजूद थे। इसी दौरान बाघिन दो शावकों के साथ गांव में पहुंच गई। बाघिन गांव निवासी जयकिशन के घर के सामने पहुंचकर दहाड़ी तो परिवार के लोग सकते में आ गए। आंगन में मौजूद जयकिशन ने मकान का दरवाजा बंदकर शोर मचाया। शोर सुनकर गांव के लोगों ने भी हांका लगाना शुरू किया। इस पर बाघिन शावकों के साथ रूपनरायन (58) पुत्रकंधई के घर में घुस गई। यहां बरामदे में मौजूद रूपनरायन पर हमला कर लहूलुहान कर दिया। चीख सुनकर घर के लोग दौड़े। उधर गांव के लोग भी एकत्रित होने लगे। इस दौरान रूपनरायन ने बाघिन का सामना किया। मौके पर पहुंचे पड़ोसी अनिल (25) पुत्रशिव प्रसाद पर भी बाघिन शावकों के साथ झपट पड़ी। रूपनरायन और अनिल पांच मिनट तक बाघिन से संघर्ष करते रहे। ग्रामीणों की भीड़ और शोर सुनकर आगे बढ़ी तो घर के सामने धूप सेंक रही लखमीना (50) पत्नी तूफानी परहमला कर दिया। किसी तरह ग्रामीणों ने लखमीना की जान बचाई। इसके बाद बाघिन शावकों के साथ गन्ने के खेत में घुस गई। बाघिन के हमले में घायल महिला व ग्रामीणों की सूचना रेंज कार्यालय पर दी गई। वन क्षेत्राधिकारी महेंद्र मौर्या टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो उन्हें ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। वन विभाग पर सुरक्षा मुहैया न कराने का आरोप मढ़ा। तीखी झड़प हुई। जैसे-तैसे मामला शांत हुआ। आननफानन में सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर पहुंचाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

ग्रामीण बोले, वन विभाग सिर्फ निभाता है औपचारिकता
बाघिन के हमले की सूचना पाकर वन विभाग की टीम गांव पहुंची तो ग्रामीण संघर्ष के मूड में दिखे। किसी तरह स्थिति को काबू में किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन बाघ और तेंदुओं के फर्जी शिकार के मामले में वन विभाग की ओर से फंसाया जाता है। लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।

देंगे मुआवजा, कर रहे व्यवस्था
बाघिन के हमले की सूचना मिलते ही टीम गांव पहुंच गई है। ग्रामीणों का आक्रोश स्वाभाविक है। उन्हें समझा बुझाकर शांत किया गया है। गोले-पटाखे का वितरण कर तीन टीमें क्षेत्र में लगाई गई हैं। वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को भी सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाघिन के हमले में जो भी घायल हुए हैं। उन्हें अहेतुक सहायता व मुआवजा प्रदान किया जाएगा। -महेंद्र मौर्या, वन क्षेत्राधिकारी ककरहा

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