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Bahraich News: मानसून में शिकारियों पर शिकंजा, कतर्नियाघाट में वन विभाग अलर्ट

Wed, 30 Jul 2025 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Wed, 30 Jul 2025 12:35 AM IST
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Crackdown on poachers during monsoon, forest department alert in Katarniaghat
 कतर्नियाघाट जंगल में दिखे बाघ की फाइल फोटो
बहराइच। बरसात के मौसम में जब आम लोगों के लिए कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के द्वार बंद हो जाते हैं, तब कुछ शिकारी अपनी चालें तेज कर देते हैं। 15 जून से 15 नवंबर तक का समय इस सेंक्चुरी में प्रवेश वर्जित होता है, लेकिन इस दौरान नेपाल सीमा से सटे कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में बाहर से आए शिकारियों की गतिविधियां अचानक बढ़ जाती हैं। झाड़ियों, खरपतवार और जलभराव वाले रास्तों से होकर ये शिकारी बाघ, तेंदुए, हाथी और दुर्लभ कछुओं तक पहुंचने की कोशिश करते हैं।
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इसके मद्देनजर वन विभाग अलर्ट हो गया है। चेकिंग अभियान को तेज कर दिया गया है। जंगल की सात रेंजों में विशेष निगरानी टीमें गठित कर दी गई हैं।


नेपाल के रास्ते खाड़ी देशों तक पहुंचाते हैं शिकार

पिछले वर्षों के रिकॉर्ड के अुनसार, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान के कई शिकारियों के गिरोह मानसून में सक्रिय हो जाते हैं। ये गिरोह ट्रैप विधि से बाघों को फंसाकर उनके अंगों की तस्करी करते हैं। इन अंगों को नेपाल के रास्ते खाड़ी देशों में अवैध रूप से भेजा जाता है। वर्ष 2011-12 में हरियाणा के दो शिकारी कतर्नियाघाट में पकड़े गए थे, जबकि राजस्थान के बावरिया गिरोह की गतिविधियां भी उसी समय चिह्नित हुई थीं।
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2023 में गुजरात के शिकारी को पकड़ा था

नौ जुलाई, 2023 को तत्कालीन डीएफओ आकाशदीप बधावन की निगरानी में मयूरबाई जिला सावरकांठा, गुजरात निवासी शिकारी को रंगे हाथ दबोचा गया था। उसके खिलाफ केस दर्ज कर तत्काल पूछताछ की गई थी। इस कार्रवाई के बाद एसटीपीएफ और एसएसबी की गश्त तेज कर दी गई।
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नेपाली नदियों के कछुओं पर भी शिकारियों की नजर

कतर्नियाघाट सेंक्चुरी के ककरहा रेंज अंतर्गत हसुलिया बीट से बीते सप्ताह दो शिकारियों को वन विभाग ने पकड़ा था। उनके कब्जे से आठ कछुए बरामद किए थे। इसके पूर्व भी जंगल से बहने वालीं नेपाल की गेरुआ नदी और कौड़ियला नदी के कछुओं पर शिकारियों की नजर रही है।



वन विभाग की अपील सतर्क रहें, सहयोग करें
डीएफओ कतर्नियाघाट सूरज ने बताया कि मानसून सत्र में कतर्नियाघाट से होकर गुजरने वाले सभी वाहन रोडवेज बस, निजी बस, ट्रक और बाइक की जंगल के मार्गों पर स्थापित बैरियर पर सघन चेकिंग की जा रही है। हर नाका पॉइंट पर संदिग्धों की पहचान के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। यात्रियों के बैग, साजो-सामान और मोबाइल तक की जांच की जा रही है ताकि कोई शिकारी या तस्कर जंगल की ओर न बढ़ सके। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों से अपील की है कि अगर किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचित करें। जंगल की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है।
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