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बहराइच में काउंसलिंग शुरू होते ही कर दी गई बंद
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बहराइच। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इधर प्रक्रिया चल रही थी, उधर कुछ समय बाद ही प्रक्रिया को बंद करने का आदेश जारी हो गया जिसके बाद काउंसलिंग रोक दी गई।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए बुधवार से काउंसलिंग शुरू कराई गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद काउंसलिंग की सूचना जारी की गई थी। इसमें जिले के प्राइमरी स्कूलों में 1060 शिक्षकों के सापेक्ष मुख्यालय से 1040 अभ्यर्थियों की सूची भेजी गई थी। बुधवार सुबह से राजकीय इंटर कॉलेज में काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हुई।
बीएसए दिनेश यादव ने बताया कि बैरिकेडिंग लगाकर सभी को प्रवेश दिया जा रहा था। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग भी कराई जा रही थी। इसके अलावा अंदर भी सोशल डिस्टेंसिंग के बाद ही अभिलेखों की जांच आदि कराई जा रही थी। इसी बीच शासन से प्रक्रिया को रोकने का आदेश जारी कर दिया गया जिसके बाद काउंसलिंग रोक दी गई।
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काउंसलिंग में शामिल होने के लिए दूरदराज के जिलों से अभ्यर्थी आए हुए थे। इन सभी को धूप में ही खड़ा कर दिया गया था। जौनपुर से आए विकास कुमार, बस्ती के राजेश द्विवेदी व सीतापुर की प्रियंका मिश्रा आदि ने बताया कि काउंसलिंग स्थल पर पानी तक का इंतजाम नहीं किया गया था। कई लोगों को धूप में दिक्कत होने पर नलों के किनारे हाथ और मुंह धुलकर राहत पाने का प्रयास करते हुए देखा गया।
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बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए बुधवार से काउंसलिंग शुरू कराई गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद काउंसलिंग की सूचना जारी की गई थी। इसमें जिले के प्राइमरी स्कूलों में 1060 शिक्षकों के सापेक्ष मुख्यालय से 1040 अभ्यर्थियों की सूची भेजी गई थी। बुधवार सुबह से राजकीय इंटर कॉलेज में काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हुई।
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बीएसए दिनेश यादव ने बताया कि बैरिकेडिंग लगाकर सभी को प्रवेश दिया जा रहा था। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग भी कराई जा रही थी। इसके अलावा अंदर भी सोशल डिस्टेंसिंग के बाद ही अभिलेखों की जांच आदि कराई जा रही थी। इसी बीच शासन से प्रक्रिया को रोकने का आदेश जारी कर दिया गया जिसके बाद काउंसलिंग रोक दी गई।
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काउंसलिंग में शामिल होने के लिए दूरदराज के जिलों से अभ्यर्थी आए हुए थे। इन सभी को धूप में ही खड़ा कर दिया गया था। जौनपुर से आए विकास कुमार, बस्ती के राजेश द्विवेदी व सीतापुर की प्रियंका मिश्रा आदि ने बताया कि काउंसलिंग स्थल पर पानी तक का इंतजाम नहीं किया गया था। कई लोगों को धूप में दिक्कत होने पर नलों के किनारे हाथ और मुंह धुलकर राहत पाने का प्रयास करते हुए देखा गया।