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जांच की संख्या बढ़ने से सामने आ रहे कोरोना मरीज
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बहराइच। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह शनिवार को जिले के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने लखनऊ रोड स्थित कैसरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में कोरोना वार्ड का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांचीं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में सिर्फ 300 जांच होती थीं, लेकिन अब प्रतिदिन 12 हजार जांच हो रही हैं। 20 हजार प्रतिदिन जांच का लक्ष्य रखा गया है। इससे कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे व्यवस्थाएं पटरी पर आ जाएंगी।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह जिले के दौरे पर रहे। उन्होंने लखनऊ रोड स्थित कैसरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। वार्ड में सफाई, दवा आदि की व्यवस्थाएं जांची। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज पहुंचे और कोरोना मरीजों के लिए बने आइसोशलन वार्ड का निरीक्षण किया। प्राचार्य डॉ. अनिल के साहनी और सीएमएस डॉ. डीके सिंह से वार्ड में बेड और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर में मार्च में प्रतिदिन 200 से 300 लोगों की जांच होती थी। लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकार ने कदम उठाए हैं। जांच की व्यवस्थाएं तेजी से बढ़ी हैं, जिससे अब प्रतिदिन 12 लोगों के सैंपल की जांच हो रही है। उन्होंने कहा कि जून में जांच का आंकड़ा 15 हजार पहुंच जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जितनी जांच बढ़ रही हैं, उतने मरीज सामने आ रहे हैं।
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लेकिन ठीक होने की क्षमता प्रदेश में अधिक है। इससे लोग परेशान न हों, बल्कि सावधानी बरतकर कोरोना वायरस को खत्म करने का संकल्प लें। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने रिसिया में स्थित सीएचसी का निरीक्षण किया। सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार सिंह से सीएचसी में मौजूद व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस मौके पर डीएम शंभु कुमार, नगर मजिस्ट्रेट जयप्रकाश, हॉस्पिटल मैनेजर रिजवान, कैसरगंज अधीक्षक डॉ. एनके सिंह, रिसिया के डॉ. अतुल श्रीवास्तव, वीरेंद्र वर्मा, श्रवण मित्तल, डॉ. जीशान, डॉ. मोहसिन, शिखा पाल आदि मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री से पत्रकारों ने सीएमओ आफिस में जमे बाबू और ठेकेदारी प्रथा के बारे में जानकारी ली। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सीमा से सटे पांच जिलों में स्वास्थ्य विभाग की एसआईटी द्वारा जांच करायी जा रही है। एसआईटी जांच के बाद जो रिपोर्ट आएगी। उसमें संलिप्त बाबू और आफिस के कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बहराइच के स्वास्थ्य विभाग में कई बाबू स्थानांतरित होने के बाद भी पटल पर जमे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं चल पा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और अरसे से जमे बाबुओं के मामले में शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री से जानकारी ली गई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नेपाल सीमा से सटे बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज में कई बाबू वर्षों से जमे हैं।
तथाकथित ठेकेदारों द्वारा इनसे मिलीभगत कर खेल किया जा रहा है। इसकी जांच एसआईटी से करायी जा रही है। मंत्री ने कहा कि एसआईटी जांच पूरी होते ही तथाकथित ठेकेदार, बाबू और संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह जिले के दौरे पर रहे। उन्होंने लखनऊ रोड स्थित कैसरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। वार्ड में सफाई, दवा आदि की व्यवस्थाएं जांची। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज पहुंचे और कोरोना मरीजों के लिए बने आइसोशलन वार्ड का निरीक्षण किया। प्राचार्य डॉ. अनिल के साहनी और सीएमएस डॉ. डीके सिंह से वार्ड में बेड और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर में मार्च में प्रतिदिन 200 से 300 लोगों की जांच होती थी। लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकार ने कदम उठाए हैं। जांच की व्यवस्थाएं तेजी से बढ़ी हैं, जिससे अब प्रतिदिन 12 लोगों के सैंपल की जांच हो रही है। उन्होंने कहा कि जून में जांच का आंकड़ा 15 हजार पहुंच जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जितनी जांच बढ़ रही हैं, उतने मरीज सामने आ रहे हैं।
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लेकिन ठीक होने की क्षमता प्रदेश में अधिक है। इससे लोग परेशान न हों, बल्कि सावधानी बरतकर कोरोना वायरस को खत्म करने का संकल्प लें। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने रिसिया में स्थित सीएचसी का निरीक्षण किया। सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार सिंह से सीएचसी में मौजूद व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस मौके पर डीएम शंभु कुमार, नगर मजिस्ट्रेट जयप्रकाश, हॉस्पिटल मैनेजर रिजवान, कैसरगंज अधीक्षक डॉ. एनके सिंह, रिसिया के डॉ. अतुल श्रीवास्तव, वीरेंद्र वर्मा, श्रवण मित्तल, डॉ. जीशान, डॉ. मोहसिन, शिखा पाल आदि मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री से पत्रकारों ने सीएमओ आफिस में जमे बाबू और ठेकेदारी प्रथा के बारे में जानकारी ली। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सीमा से सटे पांच जिलों में स्वास्थ्य विभाग की एसआईटी द्वारा जांच करायी जा रही है। एसआईटी जांच के बाद जो रिपोर्ट आएगी। उसमें संलिप्त बाबू और आफिस के कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बहराइच के स्वास्थ्य विभाग में कई बाबू स्थानांतरित होने के बाद भी पटल पर जमे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं चल पा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और अरसे से जमे बाबुओं के मामले में शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री से जानकारी ली गई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नेपाल सीमा से सटे बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज में कई बाबू वर्षों से जमे हैं।
तथाकथित ठेकेदारों द्वारा इनसे मिलीभगत कर खेल किया जा रहा है। इसकी जांच एसआईटी से करायी जा रही है। मंत्री ने कहा कि एसआईटी जांच पूरी होते ही तथाकथित ठेकेदार, बाबू और संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।