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सहकारिता मंत्री ने पीएचसी में मारा छापा, चिकित्सक समेत चार निलंबित
अमर उजाला/बहराइच
Updated Mon, 17 Apr 2017 11:49 PM IST
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पीएचसी पर जांच करते मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने सोमवार को फखरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर छापेमारी की। यहां बड़े पैमाने पर अव्यवस्था मिली। एक चिकित्सक को छोड़कर कोई भी कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं मिला। इस पर सीएमओ ने चिकित्सक समेत चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। मंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र के सभी अभिलेख जब्त कर लिए। वहीं, कैबिनेट मंत्री ने बसंतापुर स्थित खाद्य विपणन विभाग के भंडार गृह का औचक निरीक्षण किया। यहां पर तौल कांटा गड़बड़ मिला। बड़े पैमाने पर अनियमितता और अव्यवस्थाएं मिलीं। इस पर विभाग के एमडी को तलब किया है।
फखरपुर के बसंतापुर स्थित खाद्य विभाग के गोदाम में घटतौली की शिकायतें अरसे से मिल रही थीं। इसके अलावा अन्य अव्यवस्थाओं की भी शिकायतें थीं। जिसके चलते सुबह करीब 11 बजे प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री मुकुटबिहारी वर्मा अमले के साथ अचानक खाद्य विभाग के भंडार गृह पहुंच गए। यहां पर उन्हें गंदगी पसरी मिली। तौल का संपूर्ण हिसाब मौके पर मौजूद प्रभारी बता नहीं सका।
गोदाम में जो कांटा लगा हुआ था, उस पर कैबिनेट मंत्री ने बोरियों की तौल कराई तो डेढ़ से दो किलो का अंतर मिला। इस पर कैबिनेट मंत्री बिफर पड़े। उन्होंने खाद्य विभाग के एमडी को कार्यालय में तलब किया है। साथ ही मौके पर मौजूद कर्मचारियों को पारदर्शितापूर्ण कार्य करने की हिदायत दी। इसके बाद सहकारिता मंत्री फखरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां पर ड्यूटी पर सिर्फ एक चिकित्सक मिला।
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इसके अलावा एक भी एएनएम मौके पर मौजूद नहीं थी। दोपहर के 12:30 बज रहे थे। लेकिन वार्ड में भर्ती मरीजों को भोजन नहीं मिला था। इलाज की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी। इस पर कैबिनेट मंत्री ने नाराजगी जताई। स्वास्थ्य केंद्र की कैंटीन में ताला लटक रहा था। उसे अपने सामने तोड़वाया। इसके बाद भोजन बनाने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री के छापे की सूचना पाकर एएनएम व अन्य चिकित्साकर्मी उपस्थिति पंजिका पर आनन-फानन में हस्ताक्षर बनाने लगे। इस पर कैबिनेट मंत्री ने सभी अभिलेखों को अपने कब्जे में ले लिया। अभिलेख सील कर वाहन में रखवाने के बाद सीएमओ को तलब किया है।
कैबिनेट मंत्री के औचक निरीक्षण में अनियमितताओं के मामले में सीएमओ डॉ. अरुणलाल ने ड्यूटी से नदारद डॉ. समीर, हेल्थ सुपरवाइजर बीएन सिंह, एचवी सावित्री सिंह व रमेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सीएमओ ने बताया कि अन्य विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है।
कैबिनेट मंत्री के फखरपुर स्वास्थ्य केंद्र निरीक्षण की भनक जैसे ही कैसरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जरवल के स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंची। वहां भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आनन-फानन में व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई।
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फखरपुर के बसंतापुर स्थित खाद्य विभाग के गोदाम में घटतौली की शिकायतें अरसे से मिल रही थीं। इसके अलावा अन्य अव्यवस्थाओं की भी शिकायतें थीं। जिसके चलते सुबह करीब 11 बजे प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री मुकुटबिहारी वर्मा अमले के साथ अचानक खाद्य विभाग के भंडार गृह पहुंच गए। यहां पर उन्हें गंदगी पसरी मिली। तौल का संपूर्ण हिसाब मौके पर मौजूद प्रभारी बता नहीं सका।
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गोदाम में जो कांटा लगा हुआ था, उस पर कैबिनेट मंत्री ने बोरियों की तौल कराई तो डेढ़ से दो किलो का अंतर मिला। इस पर कैबिनेट मंत्री बिफर पड़े। उन्होंने खाद्य विभाग के एमडी को कार्यालय में तलब किया है। साथ ही मौके पर मौजूद कर्मचारियों को पारदर्शितापूर्ण कार्य करने की हिदायत दी। इसके बाद सहकारिता मंत्री फखरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां पर ड्यूटी पर सिर्फ एक चिकित्सक मिला।
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इसके अलावा एक भी एएनएम मौके पर मौजूद नहीं थी। दोपहर के 12:30 बज रहे थे। लेकिन वार्ड में भर्ती मरीजों को भोजन नहीं मिला था। इलाज की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी। इस पर कैबिनेट मंत्री ने नाराजगी जताई। स्वास्थ्य केंद्र की कैंटीन में ताला लटक रहा था। उसे अपने सामने तोड़वाया। इसके बाद भोजन बनाने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री के छापे की सूचना पाकर एएनएम व अन्य चिकित्साकर्मी उपस्थिति पंजिका पर आनन-फानन में हस्ताक्षर बनाने लगे। इस पर कैबिनेट मंत्री ने सभी अभिलेखों को अपने कब्जे में ले लिया। अभिलेख सील कर वाहन में रखवाने के बाद सीएमओ को तलब किया है।
कैबिनेट मंत्री के औचक निरीक्षण में अनियमितताओं के मामले में सीएमओ डॉ. अरुणलाल ने ड्यूटी से नदारद डॉ. समीर, हेल्थ सुपरवाइजर बीएन सिंह, एचवी सावित्री सिंह व रमेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सीएमओ ने बताया कि अन्य विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है।
कैबिनेट मंत्री के फखरपुर स्वास्थ्य केंद्र निरीक्षण की भनक जैसे ही कैसरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जरवल के स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंची। वहां भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आनन-फानन में व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई।