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जल्द पूरा होगा तकियाघाट पुल का निर्माण
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बहराइच। सरयू नदी के तकियाघाट पर दस साल पहले पुल निर्माण को मंजूरी मिली थी। 9.5 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण शुरू किया गया। इसी बीच नदी की धारा का रुख दूसरी तरफ मुड़ गया। जिससे पुल निर्माण अधर में लटक गया। लंबे समय तक चले प्रयासों के बाद अब पुल निर्माण के लिए शासन ने 24.20 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित बजट को मंजूरी प्रदान की है। जिसके बाद करीब 25 गांवों की 40 हजार से अधिक आबादी की मुश्किलें दूर होने की उम्मीद जगी है।
सरयू के तकियाघाट पर नदी पार करके लोगों को नाव से आना-जाना पड़ता है। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए शासन ने वर्ष 2010 में पुल के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की थी। पुल के निर्माण के लिए शासन ने उस समय 9.5 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था। पुल का निर्माण शुरू कराया गया था। मगर निर्माण शुरू होने के बाद अचानक सरयू नदी के धारा का रुख मुड़ गया। जिससे पुल निर्माण अधूरा ही रह गया।
करीब दस साल से लोगों द्वारा पुल निर्माण को पूरा करने की मांग की जा रही थी। लोक निर्माण विभाग की ओर से पुल निर्माण का पुनरीक्षित बजट तैयार किया गया था। जिसेे शासन को भेजा गया। शासन की ओर से पुल के निर्माण को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। शासन के उप सचिव राजेश अग्रवाल ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता विकास को पत्र जारी कर 24.20 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी की जानकारी दी है।
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सांसद अक्षयबर लाल गोंड ने ग्रामीणों की शिकायत के बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को पत्र लिखकर पुल निर्माण पूरा कराने की मांग की थी। इसके बाद 24.20 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति मिल गई। सांसद ने बताया कि तकियाघाट का पुल निर्माण पूरा होने से कई गांवों के लोगों को राहत मिलेगी।
तकियाघाट का पुल निर्माण पूरा होने से करीब 25 गांवों की 40 हजार की आबादी को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। इन गांवों के लोगों को अभी गायघाट होते हुए करीब 40 किलोमीटर की दूरी तय कर नानपारा और मिहींपुरवा जाना पड़ता है। पुल बनने से बढ़ैया कला, कोड़री, गोकुलपुर, चंदनपुर, कलंदरपुरवा, दौलतपुर, मटिहा, बेलहन आदि गांवों के लोगों को नानपारा और मिहींपुरवा जाने के लिए महज पांच से छह किलोमीटर की दूरी ही तय करनी पड़ेगी।
सरयू के तकियाघाट पर पुल निर्माण के दौरान अचानक नदी की रुख दूसरी ओर हो गया। इससे निर्माण कार्य ठप हो गया था। लोक निर्माण विभाग ने पुल का दूसरा नक्शा आईआईटी रुड़की से बनवाया है। वहां की टीम ने तकियाघाट का दौरा करके दूसरा नक्शा तैयार किया है।
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सरयू के तकियाघाट पर नदी पार करके लोगों को नाव से आना-जाना पड़ता है। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए शासन ने वर्ष 2010 में पुल के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की थी। पुल के निर्माण के लिए शासन ने उस समय 9.5 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था। पुल का निर्माण शुरू कराया गया था। मगर निर्माण शुरू होने के बाद अचानक सरयू नदी के धारा का रुख मुड़ गया। जिससे पुल निर्माण अधूरा ही रह गया।
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करीब दस साल से लोगों द्वारा पुल निर्माण को पूरा करने की मांग की जा रही थी। लोक निर्माण विभाग की ओर से पुल निर्माण का पुनरीक्षित बजट तैयार किया गया था। जिसेे शासन को भेजा गया। शासन की ओर से पुल के निर्माण को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। शासन के उप सचिव राजेश अग्रवाल ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता विकास को पत्र जारी कर 24.20 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी की जानकारी दी है।
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सांसद अक्षयबर लाल गोंड ने ग्रामीणों की शिकायत के बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को पत्र लिखकर पुल निर्माण पूरा कराने की मांग की थी। इसके बाद 24.20 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति मिल गई। सांसद ने बताया कि तकियाघाट का पुल निर्माण पूरा होने से कई गांवों के लोगों को राहत मिलेगी।
तकियाघाट का पुल निर्माण पूरा होने से करीब 25 गांवों की 40 हजार की आबादी को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। इन गांवों के लोगों को अभी गायघाट होते हुए करीब 40 किलोमीटर की दूरी तय कर नानपारा और मिहींपुरवा जाना पड़ता है। पुल बनने से बढ़ैया कला, कोड़री, गोकुलपुर, चंदनपुर, कलंदरपुरवा, दौलतपुर, मटिहा, बेलहन आदि गांवों के लोगों को नानपारा और मिहींपुरवा जाने के लिए महज पांच से छह किलोमीटर की दूरी ही तय करनी पड़ेगी।
सरयू के तकियाघाट पर पुल निर्माण के दौरान अचानक नदी की रुख दूसरी ओर हो गया। इससे निर्माण कार्य ठप हो गया था। लोक निर्माण विभाग ने पुल का दूसरा नक्शा आईआईटी रुड़की से बनवाया है। वहां की टीम ने तकियाघाट का दौरा करके दूसरा नक्शा तैयार किया है।