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प्रत्याशियों पर कसा आचार संहिता का फंदा
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Tue, 22 Sep 2015 10:24 PM IST
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बहराइच। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना के साथ ही जिले में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। इसके उल्लंघन पर केस दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में कोताही बरतने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश थानों को दिए गए हैं।
उपजिलाधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में नजर रखेंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी विद्याशंकर सिंह ने बताया कि पंचायतों के चुनाव को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष कराने के लिए आदर्श आचार संहिता को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है।
सामान्य चुनाव के दौरान सभी प्रत्याशी, राजनीतिक दल, मतदाता, शासकीय व अर्द्धशासकीय विभागों और चुनाव प्रक्रिया में लगे अधिकारियों व कर्मचारियों पर यह लागू होगी। उन्होंने बताया कि सामान्य आचार संहिता, चुनाव प्रचार, सभा और जुलूस, मतदान दिवसर पर प्रत्याशी व एजेंट की भूमिका और सत्ताधारी दल से अपेक्षा और शासकीय विभागों एवं कर्मियों के लिए आचार संहिता का निर्धारण किया गया है।
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सामान्य आचार संहिता
इसके तहत उम्मीदवार को किसी भी जाति व धर्म की भावना को आहत करने व तनाव की स्थिति उत्पन्न नहीं करने की हिदायत रहेगी। किसी प्रत्याशी के निजी जीवन पर टिप्पणी भी नहीं की जा सकेगी। मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर व गुरुद्वारे में सभा, प्रचार आदि नहीं हो सकेंगे। प्रत्याशी मतदाता को रिश्वत देकर, डराकर और मादक द्रव्य देकर प्रभावित करना भी आचार संहिता का उल्लंघन होगा।
चुनाव प्रचार ः आयोग ने चुनाव प्रचार के 11 बिंदुओं पर आचार संहिता जारी की है। इसमें किसी प्रत्याशी का पुतला जलाने, आवास के सामने प्रदर्शन करने, बिना अनुमति झंडा लगाने, शासकीय परिसर में होर्डिंग लगाने आदि पर रोक रहेगी। रात दस बजे से सुबह छह बजे तक प्रचार के लिए लाउडस्पीकर के प्रयोग पर भी रोक रहेगी।
सभा एवं जुलूस ः सभा और जुलूस करने से पूर्व जिला प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी होगा। मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले ही प्रचार बंद कर दिया जाएगा। इसमें समाचार पत्र, न्यूज चैनल आदि भी शामिल होंगे।
परियोजनाओं का नहीं होगा उद्घाटन ः आदर्श आचार संहिता के प्रभावी होने के साथ ही पंचायत क्षेत्रों के लिए योजना, परियोजना, कार्यक्रम आदि की घोषणा पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इसके लिए धनराशि की स्वीकृति भी जारी नहीं की जा सकेगी। चालू परियोजना में भी नई स्वीकृति देने पर रोक रहेगी।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई ः उप जिला निर्वाचन अधिकारी विद्याशंकर सिंह ने बताया कि आचार संहिता का उल्लंघन करने पर भारतीय दंड संहिता, 1860 और अन्य सुसंगत अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। सभी अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
छह माह तक की हो सकती सजा
आचार संहिता का उल्लंघन किस स्तर पर किया गया है। इसका परीक्षण कोर्ट में केस की सुनवाई के दौरान होता है। आचार संहिता उल्लंघन पर कम से कम छह माह की सजा का प्रावधान है, जबकि जुर्माने की राशि निर्वाचन आयोग द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट पर होता है।
- श्रवण कुमार निगम, वरिष्ठ अधिवक्ता व महामंत्री बार एसोसिएशन
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उपजिलाधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में नजर रखेंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी विद्याशंकर सिंह ने बताया कि पंचायतों के चुनाव को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष कराने के लिए आदर्श आचार संहिता को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है।
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सामान्य चुनाव के दौरान सभी प्रत्याशी, राजनीतिक दल, मतदाता, शासकीय व अर्द्धशासकीय विभागों और चुनाव प्रक्रिया में लगे अधिकारियों व कर्मचारियों पर यह लागू होगी। उन्होंने बताया कि सामान्य आचार संहिता, चुनाव प्रचार, सभा और जुलूस, मतदान दिवसर पर प्रत्याशी व एजेंट की भूमिका और सत्ताधारी दल से अपेक्षा और शासकीय विभागों एवं कर्मियों के लिए आचार संहिता का निर्धारण किया गया है।
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सामान्य आचार संहिता
इसके तहत उम्मीदवार को किसी भी जाति व धर्म की भावना को आहत करने व तनाव की स्थिति उत्पन्न नहीं करने की हिदायत रहेगी। किसी प्रत्याशी के निजी जीवन पर टिप्पणी भी नहीं की जा सकेगी। मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर व गुरुद्वारे में सभा, प्रचार आदि नहीं हो सकेंगे। प्रत्याशी मतदाता को रिश्वत देकर, डराकर और मादक द्रव्य देकर प्रभावित करना भी आचार संहिता का उल्लंघन होगा।
चुनाव प्रचार ः आयोग ने चुनाव प्रचार के 11 बिंदुओं पर आचार संहिता जारी की है। इसमें किसी प्रत्याशी का पुतला जलाने, आवास के सामने प्रदर्शन करने, बिना अनुमति झंडा लगाने, शासकीय परिसर में होर्डिंग लगाने आदि पर रोक रहेगी। रात दस बजे से सुबह छह बजे तक प्रचार के लिए लाउडस्पीकर के प्रयोग पर भी रोक रहेगी।
सभा एवं जुलूस ः सभा और जुलूस करने से पूर्व जिला प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी होगा। मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले ही प्रचार बंद कर दिया जाएगा। इसमें समाचार पत्र, न्यूज चैनल आदि भी शामिल होंगे।
परियोजनाओं का नहीं होगा उद्घाटन ः आदर्श आचार संहिता के प्रभावी होने के साथ ही पंचायत क्षेत्रों के लिए योजना, परियोजना, कार्यक्रम आदि की घोषणा पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इसके लिए धनराशि की स्वीकृति भी जारी नहीं की जा सकेगी। चालू परियोजना में भी नई स्वीकृति देने पर रोक रहेगी।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई ः उप जिला निर्वाचन अधिकारी विद्याशंकर सिंह ने बताया कि आचार संहिता का उल्लंघन करने पर भारतीय दंड संहिता, 1860 और अन्य सुसंगत अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। सभी अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
छह माह तक की हो सकती सजा
आचार संहिता का उल्लंघन किस स्तर पर किया गया है। इसका परीक्षण कोर्ट में केस की सुनवाई के दौरान होता है। आचार संहिता उल्लंघन पर कम से कम छह माह की सजा का प्रावधान है, जबकि जुर्माने की राशि निर्वाचन आयोग द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट पर होता है।
- श्रवण कुमार निगम, वरिष्ठ अधिवक्ता व महामंत्री बार एसोसिएशन