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पुलिस और ग्रामीणों में संघर्ष, दरोगा समेत तीन घायल
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रामगांव थाना क्षेत्र के जमापुर गांव में पुलिस की पिटाई से बिलखतीं व चोट दिखातीं महिलाएं।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। रामगांव थाना क्षेत्र के जमापुर गांव में सोमवार की रात बच्चा चोरी की अफवाह को लेकर एक ग्रामीण को गांव वालों ने मारपीटकर कमरे में बंद कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ग्रामीण को ले जाने का प्रयास कर रही थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि इसी दौरान एक सिपाही ने शराब के नशे में लोगों की पिटाई शुरू कर दी। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। इसमें एक दरोगा व सिपाही समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों के पथराव करने से पुलिस वैन के शीशे भी टूट गए। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
पुलिस ने दरोगा की तहरीर पर आठ नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। 21 लोगों को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार किया गया है। गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार को सुबह एसपी कार्यालय का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई की मांग की।
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रामगांव थाना क्षेत्र के जमापुर गांव के पास ही दूसरे गांव का रहने वाला ग्रामीण बालकराम सोमवार की रात गुजर रहा था। तभी गांव के लोगों के बीच बच्चा चोर आने की अफवाह फैल गई।
इसको देखते हुए ग्रामीणों ने बालकराम को पकड़ लिया। उसकी पिटाई कर एक कमरे में बंद कर दिया गया। सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक सुरेंद्र प्रताप सिंह, सिपाही अरुण प्रताप सिंह और होमगार्ड हीरालाल भास्कर मौके पर पहुंचे। पकड़े गए ग्रामीण को छुड़ाने का प्रयास किया जा रहा था।
ग्रामीणों का आरोप है कि इसी बीच सिपाही अरुणप्रताप ने नशे में होने के कारण कुछ ग्रामीणों पर लाठी बरसाना शुरू कर दिया, जिससे ग्रामीण भी आक्रोशित हो गए। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे दरोगा व सिपाही और होमगार्ड घायल हो गए।
सूचना मिलने पर गांव में और पुलिस फोर्स पहुंच गई और लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। इसमें गर्भवती पूनम समेत पांच महिलाएं व करीब 15 ग्रामीण घायल हो गए। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रवींद्र कुमार सिंह ने बताया कि एसआई सुरेंद्र सिंह की तहरीर पर आठ नामजद और 50 अज्ञात ग्रामीणों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
जांच में शराब पीने की नहीं हुई पुष्टि
रामगांव थानाध्यक्ष मुकेश सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से सिपाही अरुण प्रताप पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाया गया। जिस पर उसका जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया, लेकिन चिकित्सकों की ओर से शराब पीने की पुष्टि नहीं की गई।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
रामगांव थाना क्षेत्र के जमापुर गांव में बच्चा चोर के आने की अफवाह कुछ लोगों ने फैलायी थी। जिसके बाद सीओ महसी शंकर प्रसाद को मौके पर जांच के लिए भेजा गया। जिसमें अफवाह की पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में सोशल मीडिया पर जिन लोगों द्वारा बच्चा चोरी की अफवाह होने की सूचना फैलायी गयी है। उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. गौरव ग्रोवर, पुलिस अधीक्षक
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ग्रामीणों का आरोप है कि इसी दौरान एक सिपाही ने शराब के नशे में लोगों की पिटाई शुरू कर दी। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। इसमें एक दरोगा व सिपाही समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों के पथराव करने से पुलिस वैन के शीशे भी टूट गए। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
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पुलिस ने दरोगा की तहरीर पर आठ नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। 21 लोगों को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार किया गया है। गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार को सुबह एसपी कार्यालय का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई की मांग की।
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रामगांव थाना क्षेत्र के जमापुर गांव के पास ही दूसरे गांव का रहने वाला ग्रामीण बालकराम सोमवार की रात गुजर रहा था। तभी गांव के लोगों के बीच बच्चा चोर आने की अफवाह फैल गई।
इसको देखते हुए ग्रामीणों ने बालकराम को पकड़ लिया। उसकी पिटाई कर एक कमरे में बंद कर दिया गया। सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक सुरेंद्र प्रताप सिंह, सिपाही अरुण प्रताप सिंह और होमगार्ड हीरालाल भास्कर मौके पर पहुंचे। पकड़े गए ग्रामीण को छुड़ाने का प्रयास किया जा रहा था।
ग्रामीणों का आरोप है कि इसी बीच सिपाही अरुणप्रताप ने नशे में होने के कारण कुछ ग्रामीणों पर लाठी बरसाना शुरू कर दिया, जिससे ग्रामीण भी आक्रोशित हो गए। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे दरोगा व सिपाही और होमगार्ड घायल हो गए।
सूचना मिलने पर गांव में और पुलिस फोर्स पहुंच गई और लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। इसमें गर्भवती पूनम समेत पांच महिलाएं व करीब 15 ग्रामीण घायल हो गए। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रवींद्र कुमार सिंह ने बताया कि एसआई सुरेंद्र सिंह की तहरीर पर आठ नामजद और 50 अज्ञात ग्रामीणों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
जांच में शराब पीने की नहीं हुई पुष्टि
रामगांव थानाध्यक्ष मुकेश सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से सिपाही अरुण प्रताप पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाया गया। जिस पर उसका जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया, लेकिन चिकित्सकों की ओर से शराब पीने की पुष्टि नहीं की गई।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
रामगांव थाना क्षेत्र के जमापुर गांव में बच्चा चोर के आने की अफवाह कुछ लोगों ने फैलायी थी। जिसके बाद सीओ महसी शंकर प्रसाद को मौके पर जांच के लिए भेजा गया। जिसमें अफवाह की पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में सोशल मीडिया पर जिन लोगों द्वारा बच्चा चोरी की अफवाह होने की सूचना फैलायी गयी है। उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. गौरव ग्रोवर, पुलिस अधीक्षक