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बिना प्रयोग किए ही प्रयोगात्मक परीक्षा देंगे बच्चे

Tue, 02 Feb 2021 10:41 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 02 Feb 2021 10:41 PM IST
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Children will give practical exam without experiment
बहराइच के राजकीय इंटर कॉलेज की प्रयोगशाला। - फोटो : BAHRAICH
बहराइच। कोरोना काल में बंद चल रहे स्कूलों के खुलने के कुछ माह बाद ही यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराने का ऐलान कर दिया गया है। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी आधी-अधूरी तैयारियों के बीच ही प्रयोगात्मक परीक्षा देेंगे। जबकि कोरोना के चलते प्रयोगशालाएं लगभग बंद ही रहीं हैं। ऐसे में शिक्षकों को भी बच्चों को प्रयोग कराने के लिए अधिक समय नहीं मिल सका।
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जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित 299 स्कूलों में तीन फरवरी से यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू की जा रही हैं। इसमें जिले के 50 राजकीय इंटर कॉलेज, 28 सहायता प्राप्त विद्यालय और 221 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। इन सभी इंटर कॉलेजों में हाईस्कूल व इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षाएं होनी हैं।
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कोरोना के कारण मार्च से ही स्कूल बंद चल रहे थे। सरकार के निर्देशों के बाद शुरू हुए अनलॉक से स्कूलों को राहत मिली। जिसके बाद करीब तीन माह पहले इंटर कॉलेजों में दो पालियों में शिक्षण कार्य शुरू हुआ। मगर इसके बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी। करीब 15 दिन पहले सीएम के निर्देश के बाद एक पाली में स्कूल खुलने लगे। इसी बीच माध्यमिक शिक्षा बोर्ड प्रयागराज ने बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तिथि घोषित कर दी। स्कूलों में अभी तक प्रयोगशालाएं बंद चल रहीं थीं। कुछ विद्यालयों में ही प्रयोगशालाओं में बच्चों को नवाचार सिखाने की पहल की गई। ऐसे में अधूरे कोर्स और अधूरी तैयारियों के बीच ही प्रयोगात्मक परीक्षा में बोर्ड के परीक्षार्थी शामिल होंगे।
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डीआईओएस राजेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि जिले के सभी 299 स्कूलों के प्रधानाचार्य व प्रबंधक को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाओं में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

यूपी बोर्ड के निर्देशों के तहत प्रत्येक सप्ताह हर विषय के दो से तीन प्रयोग कराना अनिवार्य है। मगर कॉलेजों में प्रयोगशालाएं पूरे शैक्षिक सत्र में महज दो से तीन बार ही खोली जाती हैं। सिर्फ परीक्षक के आने पर ही परीक्षार्थी प्रयोगशाला में दाखिल हो पाते हैं। यहां संसाधनों का अभाव भी रहता है।
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