{"_id":"67bf6d9bb12b87e92e065728","slug":"children-falling-ill-due-to-changing-weather-32-admitted-in-medical-college-bahraich-news-c-98-1-slko1011-127301-2025-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: बदल रहे मौसम में बीमार हो रहे बच्चे, मेडिकल कॉलेज में 32 भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: बदल रहे मौसम में बीमार हो रहे बच्चे, मेडिकल कॉलेज में 32 भर्ती
Thu, 27 Feb 2025 01:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 27 Feb 2025 01:08 AM IST
विज्ञापन
बहराइच। तराई में मौसम लगातार बदल रहा है। मंगलवार को कड़क धूप के बाद बुधवार को आसमान में बादल छाए रहे। बदलते मौसम का सीधा असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में बाल रोगियों की संख्या घटने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। बुधवार को बाल रोग विभाग में 32 बच्चे भर्ती रहे। बच्चों की सेहत को लेकर अभिभावक भी लापरवाही बरत रहे हैं, इसको लेकर चिकित्सक उनको इलाज कराने के साथ सजग रहने की सलाह दे रहे हैं।
बदल रहे मौसम के कारण बालरोग विभाग की ओपीडी में सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ उल्टी-दस्त और निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। आलम यह है कि ओपीडी में प्रतिदिन 200 से 250 बाल रोगी पहुंच रहे हैं और बाल रोग वार्ड में 32 मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। बाल रोगियों की संख्या लगातार बढ़ने के पीछे का कारण अभिभावकों की लापरवाही को बताया जा रहा है
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके त्रिपाठी व डॉ. अरविंद शुक्ला ने बताया कि बच्चों को सुबह-शाम पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाने चाहिए। साथ ही मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी लगाएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बीमारी से बचाने के लिए छह माह तक के बच्चों को मां का दूध पिलाना चाहिए और बड़े बच्चों को बाहरी खाद्य वस्तु देने से बचना चाहिए। बुखार के साथ सांसें तेज होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बदल रहे मौसम के कारण बालरोग विभाग की ओपीडी में सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ उल्टी-दस्त और निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। आलम यह है कि ओपीडी में प्रतिदिन 200 से 250 बाल रोगी पहुंच रहे हैं और बाल रोग वार्ड में 32 मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। बाल रोगियों की संख्या लगातार बढ़ने के पीछे का कारण अभिभावकों की लापरवाही को बताया जा रहा है
विज्ञापन
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके त्रिपाठी व डॉ. अरविंद शुक्ला ने बताया कि बच्चों को सुबह-शाम पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाने चाहिए। साथ ही मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी लगाएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बीमारी से बचाने के लिए छह माह तक के बच्चों को मां का दूध पिलाना चाहिए और बड़े बच्चों को बाहरी खाद्य वस्तु देने से बचना चाहिए। बुखार के साथ सांसें तेज होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
विज्ञापन