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बसों की कमी, यात्री परेशान
अमर उजाला/बहराइच
Updated Mon, 19 Jun 2017 11:05 PM IST
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बस अड्डे पर जुटे यात्री
- फोटो : अमर उजाला
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योग दिवस को लेकर शासन द्वारा जिले से 52 बसें अधिग्रहीत कर ली गई हैं। इसके चलते जिला मुख्यालय पर बसों की कमी हो गई है। लखनऊ, फैजाबाद, इलाहाबाद आदि मार्गों पर बसों का टोटा है। यहां पहले से ही 12 बसें खराब हैं। ऐसे में गैर जनपद से आने वाली बसों का ही सहारा है। बसों की कमी से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। सोमवार को बसों की कमी से यात्री इधर-उधर भटकते रहे। गैर जनपदों की बसों के पहुंचते ही उसमें सवार होने के लिए धक्कामुक्की हुई। यह हालत 21 जून तक रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को है। प्रदेश में योग दिवस की तैयारी को लेकर शासन भी जुटा है। जिला मुख्यालय स्थित रोडवेज बस अड्डे पर मौजूदा समय 114 बसें कागजों पर संचालित हो रही हैं। जबकि देखरेख के अभाव में 12 से अधिक बसें जर्जर हो चुकीं हैं। यह बसें रोडवेज के वर्कशॉप पर खड़ी धूल फांक रही हैं। शासन ने योग दिवस के लिए जनपद की 52 बसों को अधिग्रहित कर लिया है।
सभी 52 बसों को लखनऊ रोडवेज प्रशासन ने लखनऊ के लिए रवाना भी कर दिया है। ऐसे में अब मौजूदा समय रोडवेज बस अड्डे से महज 50 बसों का ही संचालन हो रहा है। करीब सौ से अधिक बसें गैर जनपदों से प्रतिदिन जिला मुख्यालय आतीं थीं ,लेकिन दूसरे बस अड्डे की बसें भी योग दिवस में भेजी जा चुकी है।
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ऐसे में गैर जनपदों से आने वाली बसों की संख्या भी आधी रह गई है। जबकि प्रतिदिन बहराइच से लखनऊ, फैजाबाद, सुल्तानपुर, इलाहाबाद, दिल्ली, कानपुर व आसपास के जिलों के लिए 2500 से अधिक यात्री यात्रा करते हैं। अचानक बसों की कमी से यात्री गंतव्य तक जाने के लिए सोमवार को भटकते रहे। हालात यह हैं कि गैर जनपद से आने वाली बसों के पहुंचते ही उनमें सवार होने के लिए धक्कामुक्की होती दिखी। यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए रोडवेज बस अड्डे पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, बसों की कमी से निजी वाहन स्वामियों की चांदी है।
कोट
बसों की नहीं है कमी
शासन की मांग पर योग दिवस के कार्य में जिले से 52 बसों को लखनऊ भेजा गया है। लेकिन इसके बावजूद मुख्यालयों पर बसों की कमी नहीं है। रोडवेज से संचालित सभी बसें पूर्णतया दुरुस्त हैं। बसों को विभिन्न मार्गों पर समय सारिणी के अनुसार संचालित किया जा रहा है। गैर जनपदों से भी बसें निरंतर आ रही हैं। यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
- अवधेश कुमार पाल, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को है। प्रदेश में योग दिवस की तैयारी को लेकर शासन भी जुटा है। जिला मुख्यालय स्थित रोडवेज बस अड्डे पर मौजूदा समय 114 बसें कागजों पर संचालित हो रही हैं। जबकि देखरेख के अभाव में 12 से अधिक बसें जर्जर हो चुकीं हैं। यह बसें रोडवेज के वर्कशॉप पर खड़ी धूल फांक रही हैं। शासन ने योग दिवस के लिए जनपद की 52 बसों को अधिग्रहित कर लिया है।
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सभी 52 बसों को लखनऊ रोडवेज प्रशासन ने लखनऊ के लिए रवाना भी कर दिया है। ऐसे में अब मौजूदा समय रोडवेज बस अड्डे से महज 50 बसों का ही संचालन हो रहा है। करीब सौ से अधिक बसें गैर जनपदों से प्रतिदिन जिला मुख्यालय आतीं थीं ,लेकिन दूसरे बस अड्डे की बसें भी योग दिवस में भेजी जा चुकी है।
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ऐसे में गैर जनपदों से आने वाली बसों की संख्या भी आधी रह गई है। जबकि प्रतिदिन बहराइच से लखनऊ, फैजाबाद, सुल्तानपुर, इलाहाबाद, दिल्ली, कानपुर व आसपास के जिलों के लिए 2500 से अधिक यात्री यात्रा करते हैं। अचानक बसों की कमी से यात्री गंतव्य तक जाने के लिए सोमवार को भटकते रहे। हालात यह हैं कि गैर जनपद से आने वाली बसों के पहुंचते ही उनमें सवार होने के लिए धक्कामुक्की होती दिखी। यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए रोडवेज बस अड्डे पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, बसों की कमी से निजी वाहन स्वामियों की चांदी है।
कोट
बसों की नहीं है कमी
शासन की मांग पर योग दिवस के कार्य में जिले से 52 बसों को लखनऊ भेजा गया है। लेकिन इसके बावजूद मुख्यालयों पर बसों की कमी नहीं है। रोडवेज से संचालित सभी बसें पूर्णतया दुरुस्त हैं। बसों को विभिन्न मार्गों पर समय सारिणी के अनुसार संचालित किया जा रहा है। गैर जनपदों से भी बसें निरंतर आ रही हैं। यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
- अवधेश कुमार पाल, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक