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अव्यवस्था के बीच शुरू हुआ मूल्यांकन
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 30 Mar 2016 11:32 PM IST
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बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का पहला दिन
- फोटो : अमर उजाला
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माध्यमिक शिक्षा परिषद के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई। इस बार जिले में दो मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। मूल्यांकन का पहला दिन सिर्फ औपचारिकताओं के बीच बीता। अव्यवस्थाएं बड़े पैमाने पर दिखीं। प्रकाश और पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं नजर आई।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से इस बार जिले के राजकीय बालिका इंटर कालेज और राजकीय इंटर कालेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा।
जबकि राजकीय इंटर कालेज में इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाएं जांची जाएंगी। इंटरमीडिएट की तीन लाख और हाईस्कूल की एक लाख उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए केंद्रों पर पंहुच चुकी हैं। इसके लिए परिषद की ओर से इंटरमीडिएट की 500 और हाईस्कूल में 300 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। बुधवार को पहला दिन होने के चलते मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचे विभिन्न क्षेत्रों के परीक्षकों ने सिटिंग प्लान देखा। इसके बाद अपनी ज्वाइनिंग केंद्र पर दी।
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ज्वाइनिंग के बाद परीक्षकों को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का तौर तरीका बताया गया। हालांकि दोनों केंद्रों पर पेयजल और प्रकाश व्यवस्था की समस्या दिखी। उत्तर पुस्तिकाएं जांचने के लिए आए परीक्षकों को पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए घड़े रखवाए गए हैं। घड़ों से ही सभी को अपने हाथ से प्यास बुझानी होगी। व
हीं प्रकाश की भी समुचित व्यवस्था नहीं दिखी। हालांकि केंद्र नियंत्रक जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह का दावा है कि लगभग 60 फीसदी परीक्षकों ने पहले दिन ज्वाइन कर लिया है। उन्हें मूल्यांकन के टिप्स सुझाए गए हैं। गुरुवार से समुचित तरीके से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य शुरू हो जाएंगे।
शिक्षक नेताओं से भी शिक्षकों ने बयां की अव्यवस्था
मूल्यांकन केंद्र का बुधवार को माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष घनश्याम मिश्र व जिला मंत्री डॉ. दीनबंधु शुक्ल ने मुआयना किया। इस दौरान दोनों शिक्षक नेताओं ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए आए परीक्षक शिक्षकों से मुलाकात की। जिला मंत्री ने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों ने प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था बेहतर न होने की समस्या बतायी। इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक के साथ ही दोनों केंद्रों के प्रभारियों से मुलाकात कर उन्हें अवगत कराया गया है।
मूल्यांकन कार्य 10 दिन चलने की उम्मीद
शत प्रतिशत शिक्षकों के ज्वाइन न करने के चलते मूल्यांकन कार्य 10 दिन चलने की उम्मीद जतायी जा रही है। हालांकि डीआईओएस ने कहा कि जिन शिक्षकों की ड्यूटी परीक्षक के रूप में लगी है। अगर वह शिक्षक गुरुवार दोपहर तक ज्वाइन नहीं करेंगे तो वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से इस बार जिले के राजकीय बालिका इंटर कालेज और राजकीय इंटर कालेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा।
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जबकि राजकीय इंटर कालेज में इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाएं जांची जाएंगी। इंटरमीडिएट की तीन लाख और हाईस्कूल की एक लाख उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए केंद्रों पर पंहुच चुकी हैं। इसके लिए परिषद की ओर से इंटरमीडिएट की 500 और हाईस्कूल में 300 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। बुधवार को पहला दिन होने के चलते मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचे विभिन्न क्षेत्रों के परीक्षकों ने सिटिंग प्लान देखा। इसके बाद अपनी ज्वाइनिंग केंद्र पर दी।
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ज्वाइनिंग के बाद परीक्षकों को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का तौर तरीका बताया गया। हालांकि दोनों केंद्रों पर पेयजल और प्रकाश व्यवस्था की समस्या दिखी। उत्तर पुस्तिकाएं जांचने के लिए आए परीक्षकों को पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए घड़े रखवाए गए हैं। घड़ों से ही सभी को अपने हाथ से प्यास बुझानी होगी। व
हीं प्रकाश की भी समुचित व्यवस्था नहीं दिखी। हालांकि केंद्र नियंत्रक जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह का दावा है कि लगभग 60 फीसदी परीक्षकों ने पहले दिन ज्वाइन कर लिया है। उन्हें मूल्यांकन के टिप्स सुझाए गए हैं। गुरुवार से समुचित तरीके से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य शुरू हो जाएंगे।
शिक्षक नेताओं से भी शिक्षकों ने बयां की अव्यवस्था
मूल्यांकन केंद्र का बुधवार को माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष घनश्याम मिश्र व जिला मंत्री डॉ. दीनबंधु शुक्ल ने मुआयना किया। इस दौरान दोनों शिक्षक नेताओं ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए आए परीक्षक शिक्षकों से मुलाकात की। जिला मंत्री ने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों ने प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था बेहतर न होने की समस्या बतायी। इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक के साथ ही दोनों केंद्रों के प्रभारियों से मुलाकात कर उन्हें अवगत कराया गया है।
मूल्यांकन कार्य 10 दिन चलने की उम्मीद
शत प्रतिशत शिक्षकों के ज्वाइन न करने के चलते मूल्यांकन कार्य 10 दिन चलने की उम्मीद जतायी जा रही है। हालांकि डीआईओएस ने कहा कि जिन शिक्षकों की ड्यूटी परीक्षक के रूप में लगी है। अगर वह शिक्षक गुरुवार दोपहर तक ज्वाइन नहीं करेंगे तो वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।