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चुनाव से हटने का प्रार्थनापत्र देने के बाद फिर नहीं ले सकेंगे वापस
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Tue, 29 Sep 2015 10:13 PM IST
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बहराइच। त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन में क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्य पद के लिए उम्मीदवारी वापस लेने तथा चुनाव चिह्न आवंटन के मामले में राज्य निर्वाचन आयोग ने दिशा-निर्देश जारी किया है।
आयोग के निर्देश के मुताबिक कोई भी प्रत्याशी लिखित नोटिस द्वारा अपना नाम वापस ले सकता है लेकिन नोटिस रिसीव कराने के बाद उसे उम्मीदवार फिर वापस नहीं ले सकेगा।
आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि नाम वापस लेने के लिए दिए जाने वाले प्रार्थनापत्र की सघन जांच की जाए। यदि नाम वापसी के समय उम्मीदवार स्वयं उपस्थित न हों तब और भी अधिक सावधानी जिला प्रशासन को बरतना होगा।
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आयोग ने निर्देश दिया है कि यदि उम्मीदवारी वापस लिए जाने की सूचना प्रस्तावक या निर्वाचन अभिकर्ता अथवा अधिकृत व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किया जाए तो इसे तभी स्वीकार किया जाना चाहिए जब उस प्रार्थनापत्र के साथ नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने के समय दी गई रसीद संलग्न की गई हो। आयोग ने आरओ और एआरओ को निर्देश दिया है कि उम्मीदवारी वापस लेने वाले उम्मीदवारों की सूची भी प्रकाशित की जानी होगी।
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आयोग के निर्देश के मुताबिक कोई भी प्रत्याशी लिखित नोटिस द्वारा अपना नाम वापस ले सकता है लेकिन नोटिस रिसीव कराने के बाद उसे उम्मीदवार फिर वापस नहीं ले सकेगा।
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आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि नाम वापस लेने के लिए दिए जाने वाले प्रार्थनापत्र की सघन जांच की जाए। यदि नाम वापसी के समय उम्मीदवार स्वयं उपस्थित न हों तब और भी अधिक सावधानी जिला प्रशासन को बरतना होगा।
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आयोग ने निर्देश दिया है कि यदि उम्मीदवारी वापस लिए जाने की सूचना प्रस्तावक या निर्वाचन अभिकर्ता अथवा अधिकृत व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किया जाए तो इसे तभी स्वीकार किया जाना चाहिए जब उस प्रार्थनापत्र के साथ नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने के समय दी गई रसीद संलग्न की गई हो। आयोग ने आरओ और एआरओ को निर्देश दिया है कि उम्मीदवारी वापस लेने वाले उम्मीदवारों की सूची भी प्रकाशित की जानी होगी।