{"_id":"5ec00ca28ebc3e90b01468d5","slug":"beverages-will-not-visit-ghazi-s-shrine-today-bahraich-news-lko5218628165","type":"story","status":"publish","title_hn":"गाजी की दरगाह पर आज नहीं आएंगी बरातें,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गाजी की दरगाह पर आज नहीं आएंगी बरातें,
विज्ञापन
बहराइच। सैय्यद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर लगने वाले जेठ मेले पर भी लॉकडाउन का असर रहा है। रविवार को होने वाले मुख्य मेले में सैकड़ों सालों से देश के अलग-अलग हिस्सों से बरातें शामिल होती थीं। एक माह तक चलने वाले ऐतिहासिक मेले को प्रबंध समिति नेे स्थगित कर दिया है।
अब सरकार के चौथे चरण में जारी होने आदेशों पर नजर है। इसके बाद ही कोई फैसला आ सकेगा। हालांकि मुख्य मेले की रौनक की जगह आज सन्नाटा पसरा रहेगा। न तो लाखों की संख्या में जायरीनों का रेला दिखेगा, और न ही हजारों की संख्या में पहुंचने वाली बरातें रहेंगी।
कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन घोषित कर रखा गया है। अधिक लोगों के एकत्र होने वाले धार्मिक पूजा स्थलों, मस्जिदों, गिरिजाघर व मजार शरीफों पर होने वाले आयोजनों व कार्यक्रमों को भी प्रतिबंधित कर रखा गया है।
विज्ञापन
इससे जिले का ऐतिहासिक दरगाह शरीफ भी अछूता नहीं रह गया है। गाजी की दरगाह पर प्रतिवर्ष एक माह तक चलने वाले जेठ मेले का आयोजन होता है। इसके तैयारियों के लिए बसंत मेले में ही तारीखों की घोषणा कर दी जाती है। लाखों जायरीनों की आस्था से जुड़े हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक दरगाह शरीफ में इस बार 14 मई से जेठ मेला शुरू होना था।
जबकि मुख्य मेला 17 मई को होना था। मुख्य मेले के दिन करीब दो से तीन लाख की संख्या में जायरीन देश के अलग-अलग हिस्सों और पूर्वांचल से आते हैं। सैकड़ों साल से इसकी परंपरा चली आ रही थी। लॉकडाउन के कारण इस बार प्रबंध समिति ने मेले को स्थगित कर दिया है। अब लॉकडाउन के चौथे चरण में जारी होने वाले नियमों के बाद ही दरगाह प्रबंध कमेटी मेले के बारे में कोई निर्णय लेने की बात कह रही है।
प्रबंध समिति अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि दरगाह प्रबंध समिति की ओर से जेठ मेले की घोषणा पहले की गई थी। लॉकडाउन के बाद दरगाह को जायरीनों के लिए बंद कर दिया गया। मुख्य मेला रविवार को होना था। मगर अब कमेटी ने मेले को नये आदेशों के तहत टाल दिया है। लॉकडाउन के चौथे चरण में सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत ही कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
अब सरकार के चौथे चरण में जारी होने आदेशों पर नजर है। इसके बाद ही कोई फैसला आ सकेगा। हालांकि मुख्य मेले की रौनक की जगह आज सन्नाटा पसरा रहेगा। न तो लाखों की संख्या में जायरीनों का रेला दिखेगा, और न ही हजारों की संख्या में पहुंचने वाली बरातें रहेंगी।
विज्ञापन
कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन घोषित कर रखा गया है। अधिक लोगों के एकत्र होने वाले धार्मिक पूजा स्थलों, मस्जिदों, गिरिजाघर व मजार शरीफों पर होने वाले आयोजनों व कार्यक्रमों को भी प्रतिबंधित कर रखा गया है।
विज्ञापन
इससे जिले का ऐतिहासिक दरगाह शरीफ भी अछूता नहीं रह गया है। गाजी की दरगाह पर प्रतिवर्ष एक माह तक चलने वाले जेठ मेले का आयोजन होता है। इसके तैयारियों के लिए बसंत मेले में ही तारीखों की घोषणा कर दी जाती है। लाखों जायरीनों की आस्था से जुड़े हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक दरगाह शरीफ में इस बार 14 मई से जेठ मेला शुरू होना था।
जबकि मुख्य मेला 17 मई को होना था। मुख्य मेले के दिन करीब दो से तीन लाख की संख्या में जायरीन देश के अलग-अलग हिस्सों और पूर्वांचल से आते हैं। सैकड़ों साल से इसकी परंपरा चली आ रही थी। लॉकडाउन के कारण इस बार प्रबंध समिति ने मेले को स्थगित कर दिया है। अब लॉकडाउन के चौथे चरण में जारी होने वाले नियमों के बाद ही दरगाह प्रबंध कमेटी मेले के बारे में कोई निर्णय लेने की बात कह रही है।
प्रबंध समिति अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि दरगाह प्रबंध समिति की ओर से जेठ मेले की घोषणा पहले की गई थी। लॉकडाउन के बाद दरगाह को जायरीनों के लिए बंद कर दिया गया। मुख्य मेला रविवार को होना था। मगर अब कमेटी ने मेले को नये आदेशों के तहत टाल दिया है। लॉकडाउन के चौथे चरण में सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत ही कार्रवाई की जाएगी।