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पेड़ पर आसन लगाकर बैठे बंदरिया बाबा
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सुजौली थाने के पास पेड़ पर बैठकर आसन लगाये बाबा।
- फोटो : BAHRAICH
बिछिया (बहराइच)। सुजौली थाने से करीब 100 मीटर की दूरी पर पीपल के पुराने पेड़ की पत्तियों के ऊपर सोमवार की शाम करीब छह बजे एक संत आसन लगाए बैठे थे। इनको देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस के समझाने पर छह घंटे बाद बाबा नीचे उतरे। यहां के बाद बाबा चित्रकूट के लिए रवाना हो गए।
सुजौली थाने से चंद कदमों की दूरी पर पीपल पेड़ है, जिसकी ऊंचाई करीब 30 फुट होगी। पीपल के पेड़ पर सोमवार शाम कुछ लोगों ने साधु को आसन लगाए हुए देखा। उन्होंने पेड़ की पत्तियों पर चादर डालकर आसन लगा रखा था। रात 10 बजे सुजौली के प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार मौके पर पहुंचे और बाबा को समझा कर नीचे उतारा गया।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि बाबा का कहना था कि वह बजरंग बली के आदेश पर पेड़ पर चढ़ते हैं। उन्होंने अपना नाम बंदरिया बाबा बताया है। लगभग चार माह पूर्व बंदरिया बाबा रामगांव थाना क्षेत्र के खसहा मोहम्मदपुर में भी एक पेड़ पर चढ़े हुए थे।
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सुजौली थाने से चंद कदमों की दूरी पर पीपल पेड़ है, जिसकी ऊंचाई करीब 30 फुट होगी। पीपल के पेड़ पर सोमवार शाम कुछ लोगों ने साधु को आसन लगाए हुए देखा। उन्होंने पेड़ की पत्तियों पर चादर डालकर आसन लगा रखा था। रात 10 बजे सुजौली के प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार मौके पर पहुंचे और बाबा को समझा कर नीचे उतारा गया।
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प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि बाबा का कहना था कि वह बजरंग बली के आदेश पर पेड़ पर चढ़ते हैं। उन्होंने अपना नाम बंदरिया बाबा बताया है। लगभग चार माह पूर्व बंदरिया बाबा रामगांव थाना क्षेत्र के खसहा मोहम्मदपुर में भी एक पेड़ पर चढ़े हुए थे।
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