फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Bahraich violence: Situation like house arrest of deceased Ram Gopal, ban on family meeting, media banned

बहराइच हिंसा: मृतक रामगोपाल के घर नजरबंदी जैसी स्थिति, परिवार से मिलने पर लगी पाबंदी, मीडिया हुई बैन

Mon, 21 Oct 2024 07:06 AM IST
रोहित मिश्र जितेंद्र दीक्षित/शिवाजी अवस्थी/बहराइच
जितेंद्र दीक्षित/शिवाजी अवस्थी/बहराइच Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 21 Oct 2024 07:06 AM IST
सार

Bahraich violence: बहराइच हिंसा के शिकार रामगोपाल मिश्रा के घर पर किसी प्रकार की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। मीडिया का प्रवेश गांव में पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। 
 

विज्ञापन
Bahraich violence: Situation like house arrest of deceased Ram Gopal, ban on family meeting, media banned
बहराइच में भारी मात्रा में पुलिस बल। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

महराजगंज कस्बे में विसर्जन जुलूस के दौरान हुई पत्थरबाजी व रेहुवा निवासी रामगोपाल मिश्रा की गोली मार कर हत्या के बाद से रेहुवा मंसूर गांव के ग्रामीणों की दिनचर्या बदल गई है। गांव जाने वाले चारों रास्तों पर पुलिस ने बैरिकेटिंग कर मार्ग बंद कर दिया है। वहीं सभी बैरिकेटिंग पर भारी मात्रा में पुलिस तैनात है। यही नहीं रेहुवा गांव में भी जगह-जगह व मृतक रामगोपाल के घर भी भारी फोर्स तैनात है और बाहरी लोगों को जाने नहीं दिया जा रहा है। जिससे परिवार के नजरबंद जैसी स्थिति में जीने को मजबूर है।

विज्ञापन


इन रास्तों पर की गई बैरिकेटिंग
मृतक रामगोपाल मिश्रा के गांव रेहुवा मंसूर जाने के लिए चार रास्ते हैं, जिनसे सुविधानुसार ग्रामीण आवागमन करते हैं। लेकिन घटना के बाद से पुलिस ने चारो रास्तों खर्चहा चौराहा, सोतिया भट्ठा, महेशपुरवा व रेहुवा मोड़ पर बांस-बल्ली से बैरिकेटिंग की है। वहीं बैरिकेड को 24 घंटे बंद रखा जाता है।

विज्ञापन

आधार कार्ड व भारी पूंछतांछ से ग्रामीण परेशान

Bahraich violence: Situation like house arrest of deceased Ram Gopal, ban on family meeting, media banned
Bahraich Violence - फोटो : अमर उजाला

रेहुवा मंसूर गांव जाने के लिए ग्रामीणों को बैरिकेटिंग पर तैनात पुलिस कर्मी रोक रहे है और उनके आधार कार्ड की मांग की जा रही है। आधार व पहचान साबित करने के बाद ही ग्रामीणों को प्रवेश दिया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित है और लोग परेशान हैं। ग्रामीणो का आरोप है कि उन्हें दिन में कई बार जरुरी कार्यों के लिए घर से निकलना होता है। लेकिन कड़ी पूंछतांछ के चलते हम लोग कम निकल रहे।

सिर्फ मीडिया व राजनेताओं पर रोक
खर्चहा चौराहे पर तैनात उपनिरीक्षक महेन्द्र सिंह से बैरिकेटिंग व ग्रामीणों को हो रही परेशानी पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि सिर्फ मीडिया कर्मियों व राजनेताओं के गांव जाने पर रोक है। सामान्य ग्रामीणों को नहीं रोका जा रहा।

नजरबंद जैसे हालातों में जीने को मजबूर पूरा परिवार
मृतक रामगोपाल मिश्रा की मौत और पुलिसिया कार्रवाई के बाद मृतक की पत्नी रोली मिश्रा ने असंतोष जाहिर करते हुए बयान दिया था। वहीं मृतक के पिता ने भी असंतुष्टि दिखाई थी। जो प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन गया था। जिसके बाद परिवार पर पहरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है, कि परिवार नजरबंदी जैसे हालात में जीने को विवश है। बाहर तैनात पुलिस कर्मी सामान्य ग्रामीणों को भी परिवार से मिलने नहीं दे रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed