Bahraich : तीन लोगों पर बाघ का हमला, हालत नाजुक...वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
रुपईडीहा के पचपकरी वार्ड में बुधवार सुबह बाघ के हमले से दहशत फैल गई। तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सूचना पर वन विभाग, पुलिस और एसएसबी ने घेराबंदी कर ड्रोन की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बाघ को सुरक्षित पकड़ने की तैयारी जारी है।
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आदर्श नगर पंचायत रुपईडीहा के पचपकरी वार्ड में बुधवार सुबह बाघ के हमले से अफरा-तफरी मच गई। हमले में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चर्दा भेजा गया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। वन विभाग, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने क्षेत्र की घेराबंदी कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब पचपकरी वार्ड में अचानक बाघ ने लोगों पर हमला कर दिया। हमले में राधे वर्मा पुत्र परशुराम वर्मा (60) गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और मुंह पर गहरे जख्म हुए हैं। वहीं संजना (12) पुत्री हंसराम सुबह शौच के लिए घर से बाहर निकली थी, तभी झाड़ियों से निकले बाघ ने उस पर हमला कर दिया।
उसके हाथ पर गहरे घाव आए हैं। जबकि मिहींपुरवा थाना क्षेत्र के रंजीतबोझा निवासी अंकित (23) पुत्र धनीराम भी बाघ के हमले में घायल हो गए। उनके सिर पर गहरे जख्म हैं। तीनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी चर्दा रेफर किया गया है।
लोग गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए
ग्रामीणों का कहना है कि बाघ एसएसबी कैंप की ओर से इलाके में अचानक पहुंचा और हमलावर हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। प्रत्यक्षदर्शी किरण कश्यप, राजकुमार वर्मा, बजरंग वर्मा, रामजी और नन्हेलाल आदि का कहना है कि हमला इतनी तेजी से हुआ कि जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक हमले की जद में आने वाले लोग गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए।
सशस्त्र सीमा बल के सहायक कमांडेंट शिवम कुमार, प्रभारी निरीक्षक रुपईडीहा रमेश सिंह रावत तथा वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची है। बाघ की मौजूदगी की पुष्टि के बाद वन विभाग ने व्यापक स्तर पर ड्रोन से सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। बाघ को सुरक्षित रूप से पकड़ने और किसी भी प्रकार की जनहानि रोकने के लिए विशेष टीम तैनात की गई है।
वन विभाग ने बाघ को ट्रैंकुलाइज करने की जिम्मेदारी डॉ. दीपक वर्मा को सौंपी है। रेस्क्यू ऑपरेशन में जाल, विशेष पिंजड़े, वाइल्डलाइफ रेस्क्यू वाहन और थर्मल ड्रोन कैमरे का उपयोग किया जा रहा है। थर्मल ड्रोन के माध्यम से घने इलाकों, खेतों और संभावित मूवमेंट क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
तीन चरणों में चल रहा ऑपरेशन
डीएफओ डॉ. राम सिंह यादव ने बाघ के हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन को तीन चरणों में संचालित किया जा रहा है। पहले चरण में पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की गई है। दूसरे चरण में ड्रोन कैमरे और पदचिह्नों के आधार पर बाघ की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। तीसरे चरण में आवश्यकता पड़ने पर बाघ को बेहोश कर सुरक्षित रेस्क्यू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव प्रबंधन मानकों के अनुसार की जा रही है।