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मदरसे में पढ़ाए जा रहे नेपाली बच्चे
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बहराइच। शहर के बशीरगंज मोहल्ले में संचालित मदरसे में नेपाल के बच्चे भी शिक्षा ले रहे हैं। हालांकि, इनकी पहचान के संबंध में यहां कोई दस्तावेज नहीं है। यह बात मदरसे के सर्वे के दौरान सामने आई।
बृहस्पतिवार को जिला अल्पसंख्यक अधिकारी संजय कुमार मिश्रा ने बशीरगंज स्थित मदरसा हिदायत उल इस्लाम का सर्वे किया। इस दौरान प्रबंधक मोहम्मद अताउल्लाह ने बताया कि मदरसा 1992 से संचालित है। इस समय 265 बच्चे पढ़ रहे हैं जिन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी 13 शिक्षक संभाल रहे हैं। मदरसे का संचालन प्रतिवर्ष मिलने वाले 2.7 लाख के आवामी चंदे होता है।
सर्वे के दौरान मदरसे में कई नेपाली बच्चे भी मिले। हालांकि, बच्चों की पहचान के संबंध में मदरसा प्रबंधक कोई जानकारी नहीं दे पाए। उन्होंने बताया कि प्रवेश के समय पहचान पत्र या अन्य कोई अभिलेख नहीं लिया गया था। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि मदरसे में विदेशी बच्चे पढ़ते मिले है, जिन्हें नेपाल का बताया जा रहा है। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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बृहस्पतिवार को जिला अल्पसंख्यक अधिकारी संजय कुमार मिश्रा ने बशीरगंज स्थित मदरसा हिदायत उल इस्लाम का सर्वे किया। इस दौरान प्रबंधक मोहम्मद अताउल्लाह ने बताया कि मदरसा 1992 से संचालित है। इस समय 265 बच्चे पढ़ रहे हैं जिन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी 13 शिक्षक संभाल रहे हैं। मदरसे का संचालन प्रतिवर्ष मिलने वाले 2.7 लाख के आवामी चंदे होता है।
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सर्वे के दौरान मदरसे में कई नेपाली बच्चे भी मिले। हालांकि, बच्चों की पहचान के संबंध में मदरसा प्रबंधक कोई जानकारी नहीं दे पाए। उन्होंने बताया कि प्रवेश के समय पहचान पत्र या अन्य कोई अभिलेख नहीं लिया गया था। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि मदरसे में विदेशी बच्चे पढ़ते मिले है, जिन्हें नेपाल का बताया जा रहा है। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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