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रात निकली, दिन भी बीता, नहीं बदला ट्रांसफार्मर
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रुपईडीहा (बहराइच)। अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर स्थित रुपईडीहा कस्बे में बिजली समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। दो दिन पूर्व कस्टम कार्यालय के पास तार टूटने से 12 घंटे आपूर्ति बाधित रही थी। शुक्रवार की शाम ट्रांसफार्मर फुंकने से एक बार फिर आपूर्ति ठप हो गई। इस वजह से हजारों की आबादी को पूरी रात उमस व अंधेरे में बितानी पड़ी। शनिवार को भी ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया। इस वजह से लोगों में काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि तार जर्जर हो चुके हैं। ट्रांसफार्मर भी कम क्षमता के हैं। इस वजह से आए दिन समस्या होती है।
बता दें कि शुक्रवार को फुंका 400 केवीए का ट्रांसफार्मर डेढ़ माह पूर्व ही रखा गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि लोड के हिसाब से यह ट्रांसफार्मर कम क्षमता का है। इसी वजह से फुंक गया। स्थानीय निवासी सिद्धनाथ गुप्ता, श्याम मिश्रा, रजा इमाम रिजवी, शकील अहमद, जमालू व मास्टर ने लगातार बिजली संकट पर गुस्सा जताते हुए ट्रांसफार्मरों की संख्या व क्षमता बढ़ाने की मांग की है।
लोगों ने आरोप लगाया कि कस्बा क्षेत्र के बिजली के तार जर्जर हो चुके हैं। इसी वजह से आए दिन टूट रहे हैं। बिजली तो मिलती नहीं है, लेकिन बिल धड़ल्ले से आते हैं। जर्जर तार बदलने को लेकर जब भी कोई समाजसेवी आवाज उठाता है तो उसके घर विजिलेंस टीम भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है।
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बता दें कि शुक्रवार को फुंका 400 केवीए का ट्रांसफार्मर डेढ़ माह पूर्व ही रखा गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि लोड के हिसाब से यह ट्रांसफार्मर कम क्षमता का है। इसी वजह से फुंक गया। स्थानीय निवासी सिद्धनाथ गुप्ता, श्याम मिश्रा, रजा इमाम रिजवी, शकील अहमद, जमालू व मास्टर ने लगातार बिजली संकट पर गुस्सा जताते हुए ट्रांसफार्मरों की संख्या व क्षमता बढ़ाने की मांग की है।
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लोगों ने आरोप लगाया कि कस्बा क्षेत्र के बिजली के तार जर्जर हो चुके हैं। इसी वजह से आए दिन टूट रहे हैं। बिजली तो मिलती नहीं है, लेकिन बिल धड़ल्ले से आते हैं। जर्जर तार बदलने को लेकर जब भी कोई समाजसेवी आवाज उठाता है तो उसके घर विजिलेंस टीम भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है।
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