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निशुल्क खाद्यान्न पर विराम, अब देना होगा दाम
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बहराइच। शासन की ओर से कोरोना काल में गरीबों के लिए शुरू की गई निशुल्क खाद्यान्न वितरण योजना पर अब विराम लग गया है। करीब 29 माह बाद अब उपभोक्ताओं को निर्धारित दामों में खाद्यान्न वितरण कराया जाएगा। शासन के निर्देश पर पूर्ति महकमे ने सभी कोटेदारों को निर्देश जारी कर दिया है। सरकार ने गेहूं के लिए दो रुपये व चावल के लिए तीन रुपये प्रति किलो दाम निर्धारित किया है। उपभोक्ता अब अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में निर्धारित दाम का भुगतान कर खाद्यान्न उठा सकेंगे।
कोरोना काल के दौरान लगातार लॉकडाउन होने के चलते गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा होने लगा था। लॉकडाउन में दुकानें और सारे काम बंद हो जाने से गरीब परिवार दो जून की रोटी को लेकर परेशान थे। इसी को देखते हुए मार्च, 2020 से गरीबों को निशुल्क खाद्यान्न वितरण की योजना बनाकर अमलीजामा पहनाया गया था। 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व सरकार ने तीन माह के लिए बढ़ाकर योजना को जून तक कर दिया था, लेकिन जिले के गोदामों में खाद्यान्न की खेप पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचने के चलते निशुल्क खाद्यान्न वितरण की गति धीमी पड़ गई थी।
अब अगस्त माह में योजना पर पूरी तरह विराम लगा दिया गया है। अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में उपभोक्ता निर्धारित शुल्क का भुगतान कर कोटेदार से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। जुलाई माह में सरकार की ओर से जिले को रिफाइंड, नमक व चना की खेप का आवंटन नहीं किया गया था इसलिए उपभोक्ताओं को भी ये वस्तुएं नहीं मिल पाईं थीं। पूर्ति महकमे की मानें तो अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में शुरू होने वाले खाद्यान्न वितरण के दौरान उपभोक्ताओं को बीते माह के रिफाइंड, नमक व चने का वितरण निशुल्क कराया जाएगा। डीएसओ अनंत प्रताप सिंह ने बताया कि अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में उपभोक्ता निर्धारित शुल्क भुगतान कर कोटेदार से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे।
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कोरोना काल के दौरान लगातार लॉकडाउन होने के चलते गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा होने लगा था। लॉकडाउन में दुकानें और सारे काम बंद हो जाने से गरीब परिवार दो जून की रोटी को लेकर परेशान थे। इसी को देखते हुए मार्च, 2020 से गरीबों को निशुल्क खाद्यान्न वितरण की योजना बनाकर अमलीजामा पहनाया गया था। 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व सरकार ने तीन माह के लिए बढ़ाकर योजना को जून तक कर दिया था, लेकिन जिले के गोदामों में खाद्यान्न की खेप पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचने के चलते निशुल्क खाद्यान्न वितरण की गति धीमी पड़ गई थी।
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अब अगस्त माह में योजना पर पूरी तरह विराम लगा दिया गया है। अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में उपभोक्ता निर्धारित शुल्क का भुगतान कर कोटेदार से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। जुलाई माह में सरकार की ओर से जिले को रिफाइंड, नमक व चना की खेप का आवंटन नहीं किया गया था इसलिए उपभोक्ताओं को भी ये वस्तुएं नहीं मिल पाईं थीं। पूर्ति महकमे की मानें तो अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में शुरू होने वाले खाद्यान्न वितरण के दौरान उपभोक्ताओं को बीते माह के रिफाइंड, नमक व चने का वितरण निशुल्क कराया जाएगा। डीएसओ अनंत प्रताप सिंह ने बताया कि अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में उपभोक्ता निर्धारित शुल्क भुगतान कर कोटेदार से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे।
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