{"_id":"62dc406c155bf13b7101ca4c","slug":"bahraich-bahraich-news-lko6408452171","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ कहां का...कहना मुश्किल पर सुरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ कहां का...कहना मुश्किल पर सुरक्षित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में गेरुआ नदी में बाघ के तैरने का वीडियो सामने आने के बाद चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही है। सवाल भी खड़ा हो रहा है कि आखिर बाघ नदी में कहां से और कैसे आया। फिलहाल यह जानकारी वन विभाग के पास भी नहीं है। कयास लगाया जा रहा है कि वह नेपाल, लखीमपुर या बहराइच के जंगल का हो सकता है। हालांकि, नदी से निकलने के बाद वह जंगल में सुरक्षित है इस बात की पुष्टि वन विभाग ने की है।
बता दें कि गुरुवार को गेरुआ नदी में एक बाघ तैरता दिखा था। बाद में बैराज का गेट नीचे कराकर पानी का बहाव कम कराया गया था। इसके बाद बाघ निकलकर जंगल की ओर चला गया था। डीएफओ आकाशदीप बधावन ने दावा किया कि बाघ पूरी तरह स्वस्थ है। उसकी निगरानी के लिए दो टीमें लगाई गईं हैं। टीमों को लगातार लोकेशन मिल रही है। डीएफओ का कहना है कि बाघ कहां का है, यह कहना मुश्किल है। इस समय बारिश अधिक हो रही है।
नाले में पानी भी अधिक हो गया है इसलिए हो सकता है कि वह नाला पार करते समय बहकर गेरुआ नदी में आ गया हो। यह भी हो सकता है कि वह नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बारिश के पानी के बहाव में बहकर आ गया हो। लखीमपुर के कौड़ियाला नाला में भी बहकर आया हो सकता है। डीएफओ ने बताया कि नेपाल में करनाली बनकर आने वाली नदी यहां गेरुआ बनती है और लखीमपुर से आने वाला कौड़ियाला नाला यहां नदी बन जाता है। यही दोनों नदियां जब बैराज के पास मिलती है तो घाघरा बन जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि गुरुवार को गेरुआ नदी में एक बाघ तैरता दिखा था। बाद में बैराज का गेट नीचे कराकर पानी का बहाव कम कराया गया था। इसके बाद बाघ निकलकर जंगल की ओर चला गया था। डीएफओ आकाशदीप बधावन ने दावा किया कि बाघ पूरी तरह स्वस्थ है। उसकी निगरानी के लिए दो टीमें लगाई गईं हैं। टीमों को लगातार लोकेशन मिल रही है। डीएफओ का कहना है कि बाघ कहां का है, यह कहना मुश्किल है। इस समय बारिश अधिक हो रही है।
विज्ञापन
नाले में पानी भी अधिक हो गया है इसलिए हो सकता है कि वह नाला पार करते समय बहकर गेरुआ नदी में आ गया हो। यह भी हो सकता है कि वह नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बारिश के पानी के बहाव में बहकर आ गया हो। लखीमपुर के कौड़ियाला नाला में भी बहकर आया हो सकता है। डीएफओ ने बताया कि नेपाल में करनाली बनकर आने वाली नदी यहां गेरुआ बनती है और लखीमपुर से आने वाला कौड़ियाला नाला यहां नदी बन जाता है। यही दोनों नदियां जब बैराज के पास मिलती है तो घाघरा बन जाती है।
विज्ञापन