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हजारों लाभार्थियों को इंतजार... कब होगा कल्याण
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बहराइच। गरीब परिवारों की मदद के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से चलाई जा रहीं योजनाएं जिले में दम तोड़ती नजर आ रहीं हैं। इसकी वजहें अलग-अलग हैं, लेकिन सच्चाई यही है कि लाभार्थी परेशान हो रहे हैं। हजारों लोग आवेदन करने के बाद धन का इंतजार कर रहे हैं। आधार सत्यापन न होने से 47 हजार लाभार्थियों की वृद्धावस्था पेंशन पर तलवार लटक रही है। यही नहीं शादी अनुदान योजना हो या पारिवारिक लाभ योजना, लोग पैसे का इंतजार ही कर रहे हैं। विधवा पेंशन का भी बुरा हाल है।
समाज कल्याण विभाग बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन देता है। योजना के तहत पहले बुजुर्गों को भरण-पोषण के लिए 500 रुपये प्रति माह दिए जाते थे, लेकिन जनवरी, 2022 से इसे दोगुना करते हुए 1000 रुपये कर दिया गया है। जिले में लगभग 98 हजार बुजुर्ग हैं जो वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ पा रहे थे, लेकिन आधार कार्ड सत्यापन की सुस्त रफ्तार के चलते इनमें से 47 हजार बुजुर्गों की पेंशन लटक गई है। बुजुर्गों को मार्च माह तक की पेंशन का भुगतान जनवरी माह में कर दिया गया है, लेकिन इसके बाद अप्रैल, मई व जून की पेंशन अभी नहीं मिली है। पेंशन अधर में लटकने का कारण आधार सत्यापन की सुस्ती को बताया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग के जिम्मेदार आधार सत्यापन के लिए ब्लॉक व गांवों में कैंप लगाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन इतनी संख्या में लंबित आधार सत्यापन विभागीय दावों की पोल खोल रहा है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की आधारभूत जरूरतें पूरी करने के लिए सरकार की ओर से राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत परिवार के मुखिया (परिवार का भरण पोषण करने वाले व्यक्ति) का निधन हो जाने पर सरकार परिवार को 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद देती है। योजना के तहत आवेदक को मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना होता है। योजना के तहत अब तक जिले में 303 आवेदन हो चुके हैं। समाज कल्याण विभाग के सूत्रों के मुताबिक इनमें कई आवेदन दो से तीन साल पुराने हैं, लेकिन अब तक पारिवारिक लाभ योजना के तहत सहायता राशि नहीं मिल पाई है। वहीं, समाज कल्याण अधिकारी अनुमोदन के लिए सूची मुख्यालय भेजने की बात बता कह रहे हैं।
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एससी व एसटी के लोगों का उत्पीड़न होने पर अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत समाज कल्याण विभाग की ओर से उन्हें सहायता राशि दी जाती है। अधिनियम के तहत पीड़ित व्यक्ति को 40 से 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। योजना के तहत समाज कल्याण विभाग में ऐसे 25 पीड़ितों के प्रपत्र लंबित हैं। 81 आवेदन स्वीकृत हो जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया है।
शादी अनुदान योजना के तहत गरीब परिवारों को 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। हर साल अप्रैल माह से इस योजना के लिए आवेदन किए जाते हैं। योजना के तहत जिले के विभिन्न ब्लॉकों से 300 लोगों ने आवेदन किया है, लेकिन इन आवेदकों को एक भी पैसा नहीं मिला है। इसके उलट भुगतान के लिए आए 60 लाख रुपये वापस जरूर कर दिए गये। ऐसे में निकट भविष्य में भी शादी अनुदान का पैसा मिलता नहीं दिख रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, 300 लोगों के भुगतान के लिए आए 60 लाख रुपये वापस होना अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा है।
पयागपुर व कैसरगंज तहसील क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों को जोड़कर दोनों को नगर पंचायत का तोहफा दिया गया है, लेकिन यह तोहफा नगर पंचायत में जोड़ी गई ग्राम पंचायतों के लिए मुसीबत का सबब बन गया। पयागपुर व कैसरगंज नगर पंचायत के लोगों को बीते दो सालों से शादी अनुदान का पैसा नहीं मिला है। इसका कारण शादी अनुदान योजना में इन दोनों नगर पंचायतों को न जोड़ा जाना बताया जाता है।
ब्लॉक आवेदनकर्ता
पयागपुर 53
विशेश्वरगंज 61
चित्तौरा 24
तेजवापुर 36
जरवल 16
हुजूरपुर 38
शिवपुर 16
महसी 42
कैसरगंज 26
मोतीपुर 16
रिसिया 10
फखरपुर 29
नानपारा टाउन 02
नवाबगंज 31
बलहा 10
वृद्धावस्था पेंशन के लिए विभागीय कर्मचारी कैंप लगाकर आधार सत्यापन करवा रहे हैं। पयागपुर व कैसरगंज नगर पंचायत में सिर्फ शादी अनुदान योजना में दिक्कतें आ रही हैं। इसके लिए पत्राचार किया गया है। अन्य योजनाओं में अनुमोदन के लिए डेटा मुख्यालय भेजा गया है। अनुमोदन मिलते ही लाभ दिया जाएगा। 60 लाख रुपये वापस होने के पीछे कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं।
- रामशंकर गुप्ता, समाज कल्याण अधिकारी।
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समाज कल्याण विभाग बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन देता है। योजना के तहत पहले बुजुर्गों को भरण-पोषण के लिए 500 रुपये प्रति माह दिए जाते थे, लेकिन जनवरी, 2022 से इसे दोगुना करते हुए 1000 रुपये कर दिया गया है। जिले में लगभग 98 हजार बुजुर्ग हैं जो वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ पा रहे थे, लेकिन आधार कार्ड सत्यापन की सुस्त रफ्तार के चलते इनमें से 47 हजार बुजुर्गों की पेंशन लटक गई है। बुजुर्गों को मार्च माह तक की पेंशन का भुगतान जनवरी माह में कर दिया गया है, लेकिन इसके बाद अप्रैल, मई व जून की पेंशन अभी नहीं मिली है। पेंशन अधर में लटकने का कारण आधार सत्यापन की सुस्ती को बताया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग के जिम्मेदार आधार सत्यापन के लिए ब्लॉक व गांवों में कैंप लगाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन इतनी संख्या में लंबित आधार सत्यापन विभागीय दावों की पोल खोल रहा है।
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आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की आधारभूत जरूरतें पूरी करने के लिए सरकार की ओर से राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत परिवार के मुखिया (परिवार का भरण पोषण करने वाले व्यक्ति) का निधन हो जाने पर सरकार परिवार को 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद देती है। योजना के तहत आवेदक को मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना होता है। योजना के तहत अब तक जिले में 303 आवेदन हो चुके हैं। समाज कल्याण विभाग के सूत्रों के मुताबिक इनमें कई आवेदन दो से तीन साल पुराने हैं, लेकिन अब तक पारिवारिक लाभ योजना के तहत सहायता राशि नहीं मिल पाई है। वहीं, समाज कल्याण अधिकारी अनुमोदन के लिए सूची मुख्यालय भेजने की बात बता कह रहे हैं।
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एससी व एसटी के लोगों का उत्पीड़न होने पर अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत समाज कल्याण विभाग की ओर से उन्हें सहायता राशि दी जाती है। अधिनियम के तहत पीड़ित व्यक्ति को 40 से 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। योजना के तहत समाज कल्याण विभाग में ऐसे 25 पीड़ितों के प्रपत्र लंबित हैं। 81 आवेदन स्वीकृत हो जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया है।
शादी अनुदान योजना के तहत गरीब परिवारों को 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। हर साल अप्रैल माह से इस योजना के लिए आवेदन किए जाते हैं। योजना के तहत जिले के विभिन्न ब्लॉकों से 300 लोगों ने आवेदन किया है, लेकिन इन आवेदकों को एक भी पैसा नहीं मिला है। इसके उलट भुगतान के लिए आए 60 लाख रुपये वापस जरूर कर दिए गये। ऐसे में निकट भविष्य में भी शादी अनुदान का पैसा मिलता नहीं दिख रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, 300 लोगों के भुगतान के लिए आए 60 लाख रुपये वापस होना अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा है।
पयागपुर व कैसरगंज तहसील क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों को जोड़कर दोनों को नगर पंचायत का तोहफा दिया गया है, लेकिन यह तोहफा नगर पंचायत में जोड़ी गई ग्राम पंचायतों के लिए मुसीबत का सबब बन गया। पयागपुर व कैसरगंज नगर पंचायत के लोगों को बीते दो सालों से शादी अनुदान का पैसा नहीं मिला है। इसका कारण शादी अनुदान योजना में इन दोनों नगर पंचायतों को न जोड़ा जाना बताया जाता है।
ब्लॉक आवेदनकर्ता
पयागपुर 53
विशेश्वरगंज 61
चित्तौरा 24
तेजवापुर 36
जरवल 16
हुजूरपुर 38
शिवपुर 16
महसी 42
कैसरगंज 26
मोतीपुर 16
रिसिया 10
फखरपुर 29
नानपारा टाउन 02
नवाबगंज 31
बलहा 10
वृद्धावस्था पेंशन के लिए विभागीय कर्मचारी कैंप लगाकर आधार सत्यापन करवा रहे हैं। पयागपुर व कैसरगंज नगर पंचायत में सिर्फ शादी अनुदान योजना में दिक्कतें आ रही हैं। इसके लिए पत्राचार किया गया है। अन्य योजनाओं में अनुमोदन के लिए डेटा मुख्यालय भेजा गया है। अनुमोदन मिलते ही लाभ दिया जाएगा। 60 लाख रुपये वापस होने के पीछे कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं।
- रामशंकर गुप्ता, समाज कल्याण अधिकारी।