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हालात कर रहे बरसात में भीषण जलभराव की ओर इशारा
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बहराइच। मंगलवार को पहली बारिश के बाद शहर में जलभराव की जो स्थिति दिखी उससे तो यही लग रहा है कि बरसात में भीषण जलभराव तय है। इसी आशंका की वजह से फिलहाल नगर पालिका ने पल्ला झाड़ते हुए जलनिगम को पत्र लिख दिया है। उधर, जलनिगम भी अपने बचाव के लिए प्रयास कर रहा है। दरअसल, जल निगम ने ही अमृत योजना के तहत शहर के अंदर सड़कें खोदी हैं, लेकिन पाइप डालकर मानक के अनुसार इनकी मरम्मत नहीं की गई। इसी वजह से जलभराव की स्थिति ज्यादा विकट है।
अमृत योजना के तहत कार्यदायी संस्था के ठेकेदारों ने मोहल्ले की सड़कें खोदकर पाइप लाइन तो बिछा दिया, लेकिन खोदी गई सड़कों को मानक के अनुसार न भरने से इनमें से ज्यादातर गड्ढों में तब्दील होने लगी हैं। हालात यह है कि हल्की बारिश में ही सड़कें धंसने लगती हैं जिससे आवागमन तो प्रभावित होता ही है, साथ में सड़कों पर जलभराव की स्थित हो जाती है। मंगलवार को हुई महज एक घंटे की बारिश में यह हकीकत सामने भी आ गई। मामले में नपाप प्रशासन की ओर से जलनिगम को कई बार पत्र लिखकर सड़कों को मानक के अनुसार भरने के लिए कहा गया, लेकिन जलनिगम के जिम्मेदार चुप्पी साधे हैं।
नगर पालिका के ईओ दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि जल निगम के एक्सईएन से खोदी गई सड़कों को मानक के अनुसार भरने के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है। निगम के जेई से भी बरसात से पूर्व कार्य पूर्ण् कराने की बात की जा चुकी है। वहीं, जलनिगम के एक्सईएन मनोज कुमार ने बताया कि कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराया जा रहा है। अमृत योजना के तहत डाली गई पाइप लाइनों में दो से तीन बड़े इंटर कनेक्शन का कार्य बचा है। इसे जल्द पूरा कराने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए हैं।
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अमृत योजना के तहत कार्यदायी संस्था के ठेकेदारों ने मोहल्ले की सड़कें खोदकर पाइप लाइन तो बिछा दिया, लेकिन खोदी गई सड़कों को मानक के अनुसार न भरने से इनमें से ज्यादातर गड्ढों में तब्दील होने लगी हैं। हालात यह है कि हल्की बारिश में ही सड़कें धंसने लगती हैं जिससे आवागमन तो प्रभावित होता ही है, साथ में सड़कों पर जलभराव की स्थित हो जाती है। मंगलवार को हुई महज एक घंटे की बारिश में यह हकीकत सामने भी आ गई। मामले में नपाप प्रशासन की ओर से जलनिगम को कई बार पत्र लिखकर सड़कों को मानक के अनुसार भरने के लिए कहा गया, लेकिन जलनिगम के जिम्मेदार चुप्पी साधे हैं।
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नगर पालिका के ईओ दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि जल निगम के एक्सईएन से खोदी गई सड़कों को मानक के अनुसार भरने के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है। निगम के जेई से भी बरसात से पूर्व कार्य पूर्ण् कराने की बात की जा चुकी है। वहीं, जलनिगम के एक्सईएन मनोज कुमार ने बताया कि कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराया जा रहा है। अमृत योजना के तहत डाली गई पाइप लाइनों में दो से तीन बड़े इंटर कनेक्शन का कार्य बचा है। इसे जल्द पूरा कराने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए हैं।
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