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पेट्रोल पंप सूखे, तेल के लिए जद्दोजहद बढ़ी
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बहराइच। जिले के पेट्रोल पंपों को डीजल और पेट्रोल समय पर नहीं मिल रहा है। यह दिक्कत खास तौर से प्राइवेट पेट्रोल पंपों पर है। इस वजह से उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम पदार्थ खरीदने में दिक्कत आ रही है। कई पेट्रोल पंप रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक बंद होने की सूचनाएं आ रही है। हालत यह हो गई है कि एस्सार और रिलायंस के पेट्रोल पंप तो बंद ही हो गये हैं। उपभोक्ताओं को 10-10 किमी दूर जाकर पेट्रोल-डीजल भराना पड़ रहा है। यही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप पीपे में रखकर पेट्रोल-डीजल बेचने वाले 10 की जगह 15 रुपये अधिक वसूलने लगे हैं।
पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल न तो समय पर मिल रहा है और न ही मांग के मुताबिक मिल रहा है। पेट्रोलियम कंपनियों ने ही आपूर्ति कम कर दी है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने जब से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें कम की हैं तब से कंपनियां घाटे में आ गईं हैं। शायद इसी वजह से आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
कैसरगंज। समय से सप्लाई न मिलने के कारण कई पेट्रोल पंप बंद हो गये है। मालिकों का कहना है कि पहले एक कॉल करने पर टैंकर आ जाता था। अब पहले पेमेंट करना पड़ रहा है उसके बाद भी एक टैंकर तेल नहीं मिल रहा है। आ भी रहा है तो आधा टैंकर तेल मिल पा रहा है। ऐसी स्थिति में पेट्रोल पंप बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
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शहर में रिलायंस का एक पेट्रोल पंप शहर के बाहरी छोर पर स्थित असम रोड पर संचालित हो रहा है। बताया जाता है कि वहां भी तेल की आपूर्ति न होने के कारण पंप बंद कर दिया गया है। जिम्मेदार लोगों से बात करने पर पता चला कि तेल की कीमतें कम करने के बाद से घाटा बढ़ गया है। इसी वजह से आपूर्ति नहीं की जा रही है जिससे पंप बंद करने पड़ रहे हैं।
पेट्रोल पंप बंद होने से पीपे में रखकर अवैध रूप से तेल बेचने वालों ने भी दाम बढ़ा दिए हैं। ऐसे लोग बाइक में तेल भरवाकर लाते हैं और फिर पीपे में भरकर ज्यादा दाम पर बेचते हैं। बताया जाता है कि पहले 110 रुपये में तेल आसानी से मिल जाता था। अब खुले में तेल बेचने वाले कमी का हवाला देकर 120 रुपये लीटर तेल बेच रहे हैं।
कंपनियों को तेल महंगा मिलने व सरकार की ओर से खुदरा दाम घटा देने से जिले के कई पेट्रोल पंप बंद चल रहे हैं। जब तक इसका समाधान नहीं हो जाता तब तक पेट्रोल पंपों का संचालन करना मुश्किल है। इंतजार कर रहे हैं कि कंपनी से तेल मिलना शुरू हो तो संचालन शुरू किया जाए।
- डॉ. आनंद गौड़, जिलाध्यक्ष, पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन, बहराइच/श्रावस्ती
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पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल न तो समय पर मिल रहा है और न ही मांग के मुताबिक मिल रहा है। पेट्रोलियम कंपनियों ने ही आपूर्ति कम कर दी है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने जब से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें कम की हैं तब से कंपनियां घाटे में आ गईं हैं। शायद इसी वजह से आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
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कैसरगंज। समय से सप्लाई न मिलने के कारण कई पेट्रोल पंप बंद हो गये है। मालिकों का कहना है कि पहले एक कॉल करने पर टैंकर आ जाता था। अब पहले पेमेंट करना पड़ रहा है उसके बाद भी एक टैंकर तेल नहीं मिल रहा है। आ भी रहा है तो आधा टैंकर तेल मिल पा रहा है। ऐसी स्थिति में पेट्रोल पंप बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
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शहर में रिलायंस का एक पेट्रोल पंप शहर के बाहरी छोर पर स्थित असम रोड पर संचालित हो रहा है। बताया जाता है कि वहां भी तेल की आपूर्ति न होने के कारण पंप बंद कर दिया गया है। जिम्मेदार लोगों से बात करने पर पता चला कि तेल की कीमतें कम करने के बाद से घाटा बढ़ गया है। इसी वजह से आपूर्ति नहीं की जा रही है जिससे पंप बंद करने पड़ रहे हैं।
पेट्रोल पंप बंद होने से पीपे में रखकर अवैध रूप से तेल बेचने वालों ने भी दाम बढ़ा दिए हैं। ऐसे लोग बाइक में तेल भरवाकर लाते हैं और फिर पीपे में भरकर ज्यादा दाम पर बेचते हैं। बताया जाता है कि पहले 110 रुपये में तेल आसानी से मिल जाता था। अब खुले में तेल बेचने वाले कमी का हवाला देकर 120 रुपये लीटर तेल बेच रहे हैं।
कंपनियों को तेल महंगा मिलने व सरकार की ओर से खुदरा दाम घटा देने से जिले के कई पेट्रोल पंप बंद चल रहे हैं। जब तक इसका समाधान नहीं हो जाता तब तक पेट्रोल पंपों का संचालन करना मुश्किल है। इंतजार कर रहे हैं कि कंपनी से तेल मिलना शुरू हो तो संचालन शुरू किया जाए।
- डॉ. आनंद गौड़, जिलाध्यक्ष, पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन, बहराइच/श्रावस्ती