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एक सप्ताह देर से बंद हुए गिरिजा बैराज के गेट
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बहराइच। मिहींपुरवा तहसील स्थित चौधरी चरण सिंह गिरिजा बैराज का क्लोजर इस बार तय समय से एक सप्ताह विलंब से किया गया। दरअसल, भीषण गर्मी के चलते नहरों व तालाबों में बढ़ी पानी की मांग को देखते हुए ऐसा किया गया है। रविवार को बैराज प्रभारी संतराम वर्मा ने बैराज का निरीक्षण कर गेटों की स्थिति जानी। बताते चलें कि क्लोजर होने पर बैराज से प्रवाहित होने वाली 16 जिलों की शारदा सहायक नहर व आठ जिलों की सरयू योजक नहर का पानी प्रभावित हो गया है।
गिरिजा बैराज प्रभारी इंजीनियर संतराम वर्मा ने बताया कि आठ मई को गिरिजा बैराज का क्लोजर किया जाना था, लेकिन जिले में पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए इस बार एक सप्ताह देरी से यह काम किया गया। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार इस बार पांच जून तक क्लोजर किया गया है । 15 मई की सुबह तक बैराज के सभी गेटों को खोलकर पानी छोड़ा गया है।
दोपहर से पानी बंद कर क्लोजर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि क्लोजर होते ही बैराज के गेटों की मरम्मत, डिवाइड वॉल की पेंटिंग व सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू करवा दिया गया है। योजक नहर का कुछ भाग क्षतिग्रस्त पाया गया है जिसकी मरम्मत का कार्य भी चल रहा है । बता दें कि भीषण गर्मी के मद्देनजर शहरी क्षेत्रों के तालाबों और पोखरों में पर्याप्त मात्रा में पानी एकत्रित करने को लेकर शासन के आदेशानुसार बैराज का क्लोजर इस बार तय समय से एक सप्ताह देरी से किया गया है। गिरिजा बैराज का क्लोजर वर्ष में दो बार गेटों की मरम्मत व अन्य अनुरक्षण कार्यों के लिए किया जाता है।
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गिरिजा बैराज प्रभारी इंजीनियर संतराम वर्मा ने बताया कि आठ मई को गिरिजा बैराज का क्लोजर किया जाना था, लेकिन जिले में पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए इस बार एक सप्ताह देरी से यह काम किया गया। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार इस बार पांच जून तक क्लोजर किया गया है । 15 मई की सुबह तक बैराज के सभी गेटों को खोलकर पानी छोड़ा गया है।
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दोपहर से पानी बंद कर क्लोजर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि क्लोजर होते ही बैराज के गेटों की मरम्मत, डिवाइड वॉल की पेंटिंग व सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू करवा दिया गया है। योजक नहर का कुछ भाग क्षतिग्रस्त पाया गया है जिसकी मरम्मत का कार्य भी चल रहा है । बता दें कि भीषण गर्मी के मद्देनजर शहरी क्षेत्रों के तालाबों और पोखरों में पर्याप्त मात्रा में पानी एकत्रित करने को लेकर शासन के आदेशानुसार बैराज का क्लोजर इस बार तय समय से एक सप्ताह देरी से किया गया है। गिरिजा बैराज का क्लोजर वर्ष में दो बार गेटों की मरम्मत व अन्य अनुरक्षण कार्यों के लिए किया जाता है।
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