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धराशायी हुई नलकूप की टंकी, फसलों की सिंचाई प्रभावित
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जरवलरोड(बहराइच) जरवल ब्लॉक की करमुल्लापुर ग्राम पंचायत में बृहस्पतिवार को सैकड़ों बीघा भूमि को सिंचित करने वाले नलकूप की टंकी भरभराकर गिर गई। टंकी गिरने से नलकूप से सिंचाई ठप हो गई। इससे गांव के लगभग 100 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। जिस समय टंकी गिरी उस समय भी नलकूप चल रहा था और गन्ने की फसल की सिंचाई हो रही थी। किसानों ने जिला प्रशासन से नलकूप की टंकी के निर्माण की मांग की है।
करमुल्लापुर ग्राम पंचायत में इंडो-डच परियोजना के तहत 1992 में नलकूप का निर्माण करवाया गया था जिसे बाद में राज्य सरकार को सौंप दिया गया था। सामान्य नलकूपों में जहां पानी का हौज होता है वहीं इसमें लगभग 10 फीट की ऊंचाई पर टंकी बनी है। बृहस्पतिवार को यह टंकी सिंचाई के समय भरभराकर गिर गई जिससे किसानों के खेतों की सिंचाई ठप हो गई। किसानों का कहना है कि महंगे डीजल के चलते 107 केजी का यह सरकारी नलकूप उन सभी के लिए वरदान है और इसी की बदौलत उनके खेत लहलहा रहे हैं। किसान धीरज यादव, कल्लू यादव, सतेंद्र सिंह, प्रमेंद्र सिंह आदि ने बताया कि नलकूप की टंकी गिरने से किसानों के सामने बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
सरकार की ओर से दिए जा रहे मुफ्त पानी से कई गरीब किसानों के खेत भी सिंचित हो रहे थे जो अब बंद हो जाएगा। किसानों ने बताया कि खेतों में लगी गन्ने की फसल को पानी की सख्त जरुरत है। ऐसे में अगर नलकूप सही नहीं होगा तो किसानों को महंगे डीजल से सिंचाई की व्यवस्था करनी पड़ेगी। कई किसान धन के अभाव में सिंचाई नहीं कर पाएंगे और उनकी फसल नष्ट होने की भी आशंका है। नलकूप संचालक बंशराज सिंह ने बताया कि नलकूप हमेशा सुचारू रूप से चलता था और बृहस्पतिवार को भी चल रहा था। चलते समय अचानक टंकी गिर गई जिससे सिंचाई प्रभावित हुई है।
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करमुल्लापुर ग्राम पंचायत में इंडो-डच परियोजना के तहत 1992 में नलकूप का निर्माण करवाया गया था जिसे बाद में राज्य सरकार को सौंप दिया गया था। सामान्य नलकूपों में जहां पानी का हौज होता है वहीं इसमें लगभग 10 फीट की ऊंचाई पर टंकी बनी है। बृहस्पतिवार को यह टंकी सिंचाई के समय भरभराकर गिर गई जिससे किसानों के खेतों की सिंचाई ठप हो गई। किसानों का कहना है कि महंगे डीजल के चलते 107 केजी का यह सरकारी नलकूप उन सभी के लिए वरदान है और इसी की बदौलत उनके खेत लहलहा रहे हैं। किसान धीरज यादव, कल्लू यादव, सतेंद्र सिंह, प्रमेंद्र सिंह आदि ने बताया कि नलकूप की टंकी गिरने से किसानों के सामने बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
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सरकार की ओर से दिए जा रहे मुफ्त पानी से कई गरीब किसानों के खेत भी सिंचित हो रहे थे जो अब बंद हो जाएगा। किसानों ने बताया कि खेतों में लगी गन्ने की फसल को पानी की सख्त जरुरत है। ऐसे में अगर नलकूप सही नहीं होगा तो किसानों को महंगे डीजल से सिंचाई की व्यवस्था करनी पड़ेगी। कई किसान धन के अभाव में सिंचाई नहीं कर पाएंगे और उनकी फसल नष्ट होने की भी आशंका है। नलकूप संचालक बंशराज सिंह ने बताया कि नलकूप हमेशा सुचारू रूप से चलता था और बृहस्पतिवार को भी चल रहा था। चलते समय अचानक टंकी गिर गई जिससे सिंचाई प्रभावित हुई है।
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