{"_id":"6247478650fc981e120433cf","slug":"bahraich-bahraich-news-lko624170653","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले दिन सन्नाटे में डूबे रहे क्रय केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले दिन सन्नाटे में डूबे रहे क्रय केंद्र
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बहराइच। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिए शुक्रवार को जिलेभर में सरकारी क्रय केंद्र खुल गए, लेकिन पहले दिन एक भी किसान बिक्री के लिए क्रय केंद्र नहीं पहुंचा। क्रय केंद्रों पर पूरे दिन सन्नाटे की स्थिति देखने को मिली। केंद्र प्रभारियों को कागज दुरुस्त करते जरूर देखा गया। शहर क्षेत्र में नवीन मंडी स्थल पर संचालित खाद्य विभाग व एफसीआई के क्रय केंद्र का जिला खाद्य विपणन अधिकारी संजीव सिंह ने निरीक्षण किया। केंद्र पर सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद पाई गईं। गेहूं खरीद के पहले दिन क्रय केंद्रों पर किसानों के न पहुंचने की वजह मंडियों में गेहूं का भाव ज्यादा होना बताया जा रहा है। हालांकि कई लोग अभी गेहूं की फसल तैयार न होने की भी बात कह रहे हैं।
गेहूं खरीद के लिए सरकार की ओर से इस बार समर्थन मूल्य 2015 रुपये रखा गया है जो पिछले साल से 40 रुपये ज्यादा है। पिछले साल 1975 रुपये में किसानों से गेहूं की खरीद की गई थी। समर्थन मूल्य पर किसानों की गेहूं खरीद के लिए इस बार जिले में पांच क्रय एजेंसियों के 103 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। शुक्रवार को गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्रों के ताले खुल गए और खरीद शुुरू हो गई, लेकिन गेहूं बिक्री के लिए किसी भी क्रय केंद्र पर किसान नहीं पहुंचे।
वहीं, कुछ केंद्रोें पर बोरा, पंखा व झन्ना भी नजर नहीं आया। सिर्फ केंद्र प्रभारी उपस्थित दिखे और केंद्र संबंधी कार्यों का निष्पादन करते रहे। फखरपुर में संचालित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर सारी तैयारियां नजर आईं। केंद्र प्रभारी विकास गुप्ता किसानों का इंतजार करते नजर आए। उन्होंने बताया कि तौल के लिए अभी कोई किसान नहीं आया है। बौंडी क्षेत्र के सहकारी क्रय केंद्र, उमरी दहलों व ललईबाग पर भी खरीद संबंधी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद मिलीं। उमरी दहलो के केंद्र प्रभारी योगेश यादव ने बताया कि किसानों के आने पर खरीद की जाएगी।
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कृषि उत्पादन मंडी समिति, नानपारा में स्थापित खाद्य एवं रसद विभाग के गेहूं क्रय केंद्र की पड़ताल की गई। केंद्र पर प्रभारी एसके श्रीवास्तव बैठे नजर आए। यहां पूरी तरह सन्नाटा रहा। शुभारंभ के मौके पर एक भी किसान ने गेहूं बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया था। केंद्र प्रभारी एसके श्रीवास्तव ने बताया कि बाजार में गेहूं का मूल्य ज्यादा होने के कारण यहां किसान नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि धान खरीद के समय पहले दिन ही 250 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया था, लेकिन गेहूं खरीद में एक भी किसान ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है।
खैरीघाट के इमामगंज स्थित साधन सहकारी समिति, खैराकला की पड़ताल की गई। केंद्र पर तौल प्रभारी क्रय केंद्र संबंधी कागजात दुुरुस्त करते पाए गए। केंद्र प्रभारी धर्मेंद्र मिश्र ने बताया कि क्षेत्र में अभी किसानों की गेहूं की फसल तैयार नहीं है। इस कारण पहले दिन एक भी किसान तौल के लिए नहीं आया है। उन्होंने बताया कि केेंद्र पर सभी तैयारियां पूर्ण हैं। किसानों के आते ही तौल की जाएगी।
रिसिया नगर के नवीन गल्ला मंडी स्थल पर संचालित क्रय केंद्रों की पड़ताल की गई। यहां खाद्य एवं रसद विभाग, एफसीआई व पीसीएफ के क्रय केंद्र खुले पाए गए। केंद्र पर पंखा, झन्ना व कांटा समेत बोरे की उपलब्धता पाई गई, लेकिन एक भी किसान नजर नहीं आया। केंद्र प्रभारी उमेश पांडेय ने बताया कि सभी तैयारियां पूर्ण हैं। 2015 रुपये के भाव से खरीद की जाएगी।
बाबागंज स्थित सहकारी संघ लिमिटेड, उपकेंद्र अलीनगर, क्रय केंद्र जलालपुर, कालियापुरवा, सहकारी समिति रायबोझा व इमामगंज गडरहवा की पड़ताल की गई। केंद्र पर खरीद संबंधी सुविधाएं मिलीं, लेकिन बाबागंज क्षेत्र के किसी भी क्रय केंद्र पर बोरा नजर नहीं आया।
रुपईडीहा स्थित साधन सहकारी समिति की पड़ताल की गई तो केंद्र पर ताला नजर आया। गेहूं क्रय केंद्र पर प्रभारी समेत मजदूर भी गायब नजर आए। पास में पंचर बना रहे युवक से बात की गई तो उसने बताया कि सुबह से कोई नहीं आया है।
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गेहूं खरीद के लिए सरकार की ओर से इस बार समर्थन मूल्य 2015 रुपये रखा गया है जो पिछले साल से 40 रुपये ज्यादा है। पिछले साल 1975 रुपये में किसानों से गेहूं की खरीद की गई थी। समर्थन मूल्य पर किसानों की गेहूं खरीद के लिए इस बार जिले में पांच क्रय एजेंसियों के 103 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। शुक्रवार को गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्रों के ताले खुल गए और खरीद शुुरू हो गई, लेकिन गेहूं बिक्री के लिए किसी भी क्रय केंद्र पर किसान नहीं पहुंचे।
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वहीं, कुछ केंद्रोें पर बोरा, पंखा व झन्ना भी नजर नहीं आया। सिर्फ केंद्र प्रभारी उपस्थित दिखे और केंद्र संबंधी कार्यों का निष्पादन करते रहे। फखरपुर में संचालित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर सारी तैयारियां नजर आईं। केंद्र प्रभारी विकास गुप्ता किसानों का इंतजार करते नजर आए। उन्होंने बताया कि तौल के लिए अभी कोई किसान नहीं आया है। बौंडी क्षेत्र के सहकारी क्रय केंद्र, उमरी दहलों व ललईबाग पर भी खरीद संबंधी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद मिलीं। उमरी दहलो के केंद्र प्रभारी योगेश यादव ने बताया कि किसानों के आने पर खरीद की जाएगी।
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कृषि उत्पादन मंडी समिति, नानपारा में स्थापित खाद्य एवं रसद विभाग के गेहूं क्रय केंद्र की पड़ताल की गई। केंद्र पर प्रभारी एसके श्रीवास्तव बैठे नजर आए। यहां पूरी तरह सन्नाटा रहा। शुभारंभ के मौके पर एक भी किसान ने गेहूं बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया था। केंद्र प्रभारी एसके श्रीवास्तव ने बताया कि बाजार में गेहूं का मूल्य ज्यादा होने के कारण यहां किसान नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि धान खरीद के समय पहले दिन ही 250 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया था, लेकिन गेहूं खरीद में एक भी किसान ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है।
खैरीघाट के इमामगंज स्थित साधन सहकारी समिति, खैराकला की पड़ताल की गई। केंद्र पर तौल प्रभारी क्रय केंद्र संबंधी कागजात दुुरुस्त करते पाए गए। केंद्र प्रभारी धर्मेंद्र मिश्र ने बताया कि क्षेत्र में अभी किसानों की गेहूं की फसल तैयार नहीं है। इस कारण पहले दिन एक भी किसान तौल के लिए नहीं आया है। उन्होंने बताया कि केेंद्र पर सभी तैयारियां पूर्ण हैं। किसानों के आते ही तौल की जाएगी।
रिसिया नगर के नवीन गल्ला मंडी स्थल पर संचालित क्रय केंद्रों की पड़ताल की गई। यहां खाद्य एवं रसद विभाग, एफसीआई व पीसीएफ के क्रय केंद्र खुले पाए गए। केंद्र पर पंखा, झन्ना व कांटा समेत बोरे की उपलब्धता पाई गई, लेकिन एक भी किसान नजर नहीं आया। केंद्र प्रभारी उमेश पांडेय ने बताया कि सभी तैयारियां पूर्ण हैं। 2015 रुपये के भाव से खरीद की जाएगी।
बाबागंज स्थित सहकारी संघ लिमिटेड, उपकेंद्र अलीनगर, क्रय केंद्र जलालपुर, कालियापुरवा, सहकारी समिति रायबोझा व इमामगंज गडरहवा की पड़ताल की गई। केंद्र पर खरीद संबंधी सुविधाएं मिलीं, लेकिन बाबागंज क्षेत्र के किसी भी क्रय केंद्र पर बोरा नजर नहीं आया।
रुपईडीहा स्थित साधन सहकारी समिति की पड़ताल की गई तो केंद्र पर ताला नजर आया। गेहूं क्रय केंद्र पर प्रभारी समेत मजदूर भी गायब नजर आए। पास में पंचर बना रहे युवक से बात की गई तो उसने बताया कि सुबह से कोई नहीं आया है।