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अखिलेश बोले, खुशी है कि हम परिवारवादी
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बहराइच। देश से काका (काला कानून) चले गए, तो प्रदेश से बाबा भी चले जाएंगे। आप लोगों ने एक गाना सुना होगा कि यूपी में काबा, तब से हो गया है बाय-बाय बाबा। ये बातें सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहीं। वह शहर के गेंदघर मैदान में बुधवार को सपा प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे। जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव के तेवर काफी तल्ख दिखे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना जुबानी हमला करते हुए कहा कि भाजपा के छोटे नेता छोटा झूठ बोल रहे हैं तो बड़े नेता बड़ा झूठ बोल रहे हैं और सबसे बड़े नेता सफेद झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसानों की आय दोगुनी करने को कहा था।
हवाई चप्पल पहनने वाला हवाई जहाज में चलेगा, यह बात कही गई थी, लेकिन सरकार में आते ही हवाई अड्डे बिकने शुरू हो गए, पानी के जहाज व बंदरगाह बिक गए। रेल गाड़ी व रेलवे स्टेशन बेचने की तैयारी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा सब बेच रहे हैं। जब सब बिक जाएगा तो नौकरी देने का झंझट भी समाप्त हो जाएगा। भाजपा के लोग गरीबों की जेब से पैसा निकालकर अमीरों की तिजोरी भर रह हैं। अखिलेश ने कहा कि पेट्रोल व डीजल के दाम काफी बढ़ गए हैं। खाद की बोरी से पांच किलो खाद की चोरी हो गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश ने कहा कि आपने अखबार में पढ़ा होगा कि एक उद्योगपति 28 बैंकों की 22 हजार करोड़ से ज्यादा रकम लेकर भाग गया। सरकार को पता तक नही चला। इससे पूर्व भी कई उद्योगपति बैक के करोड़ों रुपये लेकर भाग चुके हैं, लेकिन सरकार चुप है। उन्होंने कहा कि इस डबल इंजन की सरकार में महंगाई व भ्रष्टाचार डबल हो गया है। अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा के लोग हमारे ऊपर परिवारवाद का आरोप लगा रहे हैं।
हमें खुशी है कि हम परिवारवारवादी हैं। हमें परिवार चलाने का दायित्व का मिला है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान मजदूर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर प्रदेश की ओर कूच कर रहे थे। उनके साथ छोटे-छोटे बच्चे भी थे जो बच्चे पैदल नहीं चल सकते थे, उनको कभी मां तो कभी पिता अपनी गोद में लेकर चल रहे थे। अखिलेश ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान एक गर्भवती मां को बेटा पैदा हुआ। मां ने बेटे का नाम लॉकडाउन रख दिया। हमें जानकारी हुई तो हमने पार्टी नेताओं को भेजकर एक लाख रुपये सहायता प्रदान की। लॉकडाउन में 90 मजदूरों की मौत हो गई थी। हमने पार्टी फंड से पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख रुपये देने का कार्य किया था जबकि सरकार ने कोई मदद नहीं की। एक परिवारवाला ही दूसरे परिवार के दुख को समझ सकता है।
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जनसभा की अध्यक्षता सपा के जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव व संचालन पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जफरउल्ला खां बंटी ने किया। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष अब्दुल मन्नान, पूर्व मंत्री यासर शाह, मारिया शाह, पूर्व सांसद सावित्रीबाई फूले, पंडित भगतराम मिश्रा, लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव रामजी यादव, प्रमोद सिंह जादौन, नंदेश्वरनंद यादव, पूर्व विधायक शब्बीर वाल्मीकि, दिलीप वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण यादव, मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता, अफसाल शानू, अजितेश पांडेय मनी, नपाप चेयरमैन अब्दुल मुईद, शैलेश सिंह व शमीम समेत सातों विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी मौजूद रहे।
अखिलेश ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि आजकल बाबा मुख्यमंत्री जी कह रहे हैं कि हम 12 बजे सोकर उठते हैं। जबसे हमने सुना हम इन पर नजर रखने लगे है क्योंकि बाबा मुख्यमंत्री का आवास मेरे आवास के बगल में है। इधर कई दिनों से देख रहा था कि बाबा के आवास से शाम को धुआं उठ रहा है। कुछ दिन पहले पोताई करने वाले जा रहे थे। हमने पूछा कि कहां जा रहे हो तो पता चला कि बाबा के आवास से धुएं के धब्बे मिटाने जा रहे हैं। अखिलेश ने तंज भरे लहजे में कहा कि बाबा अपने भाषण में कह रहे थे कि इंटर करने के बाद बीटेक करने वाले छात्र को लैपटॉप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शुक्र है कि बाबा मुख्यमंत्री ने यह नहीं कहा कि इंटर के बाद दसवीं पास करने वाले को लैपटॉप दिया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी जनसभा में एकता का संदेश देते हुए कहा कि समाजवादी लोग भाईचारे पर विश्वास करते हैं। समाजवादी ईद, होली व दीपावली का त्योहार एक साथ मनाने का कार्य करते हैं जबकि भाजपा के लोग एक-दूसरे को आपस में लड़ाने का कार्य करते हैं।
अखिलेश ने कहा कि पड़ोसी जिले में एक केंद्रीय मंत्री के पुत्र ने वाहन से कुचलकर किसानों को मार दिया था। भाजपा सरकार हमलावरों को बचाना चाहती थी, लेकिन सभी विपक्षियों के दबाव में सरकार ने मजबूरीवश कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि काका (काले कानून) भी चले गए अब बाबा भी चले जायेंगे।
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हमें खुशी है कि हम परिवारवारवादी हैं। हमें परिवार चलाने का दायित्व का मिला है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान मजदूर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर प्रदेश की ओर कूच कर रहे थे। उनके साथ छोटे-छोटे बच्चे भी थे जो बच्चे पैदल नहीं चल सकते थे, उनको कभी मां तो कभी पिता अपनी गोद में लेकर चल रहे थे। अखिलेश ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान एक गर्भवती मां को बेटा पैदा हुआ। मां ने बेटे का नाम लॉकडाउन रख दिया। हमें जानकारी हुई तो हमने पार्टी नेताओं को भेजकर एक लाख रुपये सहायता प्रदान की। लॉकडाउन में 90 मजदूरों की मौत हो गई थी। हमने पार्टी फंड से पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख रुपये देने का कार्य किया था जबकि सरकार ने कोई मदद नहीं की। एक परिवारवाला ही दूसरे परिवार के दुख को समझ सकता है।
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जनसभा की अध्यक्षता सपा के जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव व संचालन पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जफरउल्ला खां बंटी ने किया। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष अब्दुल मन्नान, पूर्व मंत्री यासर शाह, मारिया शाह, पूर्व सांसद सावित्रीबाई फूले, पंडित भगतराम मिश्रा, लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव रामजी यादव, प्रमोद सिंह जादौन, नंदेश्वरनंद यादव, पूर्व विधायक शब्बीर वाल्मीकि, दिलीप वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण यादव, मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता, अफसाल शानू, अजितेश पांडेय मनी, नपाप चेयरमैन अब्दुल मुईद, शैलेश सिंह व शमीम समेत सातों विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी मौजूद रहे।
अखिलेश ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि आजकल बाबा मुख्यमंत्री जी कह रहे हैं कि हम 12 बजे सोकर उठते हैं। जबसे हमने सुना हम इन पर नजर रखने लगे है क्योंकि बाबा मुख्यमंत्री का आवास मेरे आवास के बगल में है। इधर कई दिनों से देख रहा था कि बाबा के आवास से शाम को धुआं उठ रहा है। कुछ दिन पहले पोताई करने वाले जा रहे थे। हमने पूछा कि कहां जा रहे हो तो पता चला कि बाबा के आवास से धुएं के धब्बे मिटाने जा रहे हैं। अखिलेश ने तंज भरे लहजे में कहा कि बाबा अपने भाषण में कह रहे थे कि इंटर करने के बाद बीटेक करने वाले छात्र को लैपटॉप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शुक्र है कि बाबा मुख्यमंत्री ने यह नहीं कहा कि इंटर के बाद दसवीं पास करने वाले को लैपटॉप दिया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी जनसभा में एकता का संदेश देते हुए कहा कि समाजवादी लोग भाईचारे पर विश्वास करते हैं। समाजवादी ईद, होली व दीपावली का त्योहार एक साथ मनाने का कार्य करते हैं जबकि भाजपा के लोग एक-दूसरे को आपस में लड़ाने का कार्य करते हैं।
अखिलेश ने कहा कि पड़ोसी जिले में एक केंद्रीय मंत्री के पुत्र ने वाहन से कुचलकर किसानों को मार दिया था। भाजपा सरकार हमलावरों को बचाना चाहती थी, लेकिन सभी विपक्षियों के दबाव में सरकार ने मजबूरीवश कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि काका (काले कानून) भी चले गए अब बाबा भी चले जायेंगे।