{"_id":"61cc9c9fe39481251d26c759","slug":"bahraich-bahraich-news-lko61111781","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से बढ़ी ठिठुरन तो बिजली ने भी सताया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से बढ़ी ठिठुरन तो बिजली ने भी सताया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। तराई में अचानक बदले मौसम व रिमझिम बारिश से ठंड के साथ ठिठुरन बढ़ गई है। मंगलवार रात शुरू हुई रिमझिम बारिश दूसरे दिन दोपहर तक जारी रही। बरसात व ठंडी हवाओं के कारण ठंड व गलन बढ़ गई जिससे लोग घरों में दुबके रहे। बारिश के दौरान बिजली व्यवस्था ध्वस्त रही। बिजली आपूर्ति ठप होने से जिले की पांच लाख आबादी प्रभावित रही। लोग घरों में पानी के लिए तरसते रहे। मौसम वैज्ञानिकों ने आगामी चार दिनों तक कोहरा व बादल छाए रहने व ठंड बढ़ने की संभावना व्यक्त की है।
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में भी दिखाई पड़ने लगा है। रिमझिम बरसात ने ठंड व गलन बढ़ा दी है। ठंड व बरसात के कारण बुधवार को प्रमुख मार्ग व चौक-चौराहों पर सन्नाटा पसरा रहा। आवश्यक कारणों से ही लोग घरों से बाहर निकले। इस दौरान अधिकांश स्थानों पर दुकानें भी बंद रहीं। विभिन्न स्थानों पर लोगों को कीचड़ की समस्या से भी परेशान होना पड़ा। कृषि विज्ञान केंद्र के सेवानिवृत्त मौसम विज्ञानी डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में भारी बर्फबारी हो रही है। इसका असर मैदानी क्षेत्रों में दिख रहा है। बर्फबारी के कारण अभी तराई में आगामी कुछ दिनों में ठंड का प्रकोप जारी रहेगा। बरसात के बाद मौसम साफ होने से सुबह व शाम कोहरा पड़ने के साथ ही ठंड और बढ़ेगी। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
जिले में अचानक हुए मौसम के बदलाव के दौरान मंगलवार की देर रात बूंदाबांदी शुरू हो गई। रात में हुई तेज बारिश के चलते जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई। हालात यह रहे कि शहरी क्षेत्र के मोहल्ला मेवातीपुरा, बड़ीहाट, ब्राम्हणीपुरा, नाजिरपुरा, अकबरपुरा, स्टेशनरोड, मालगोदामरोड, रायपुरराजा, छावनी समेत कई मोहल्लों में अंधेरा पसर गया। मोहल्लों में करीब आठ से दस घंटे के बाद शुरू हुई विद्युत आपूर्ति के बाद शहर के लोगों ने कुछ राहत की सांस जरूर ली, लेकिन इसके बाद भी देर शाम तक बिजली की आवाजाही चलती रही।
विज्ञापन
रिसिया नगर में भी देर रात करीब 12 बजे तेज बारिश से लाइनों में आई फाल्ट के चलते विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। विद्युत ठप होने से रिसिया के इंदिरा नगर, ऋषिभूमि समेत आधा दर्जन मोहल्ले अंधेरे में डूब गए। दोपहर एक बजे आपूर्ति शुरू होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। बख्शीपुरा फीडर में भी लाइन में फाल्ट आ जाने से नगरौर, सांसापारा, लडग़ड़हा समेत आधा दर्जन गांव प्रभावित हुए। करीब 13 घंटे के बाद शुरू हुई विद्युत आपूर्ति के बाद लोगों को राहत मिली। इस दौरान जिले की पांच लाख से अधिक की आबादी बूंद-बूंद पानी को तरसती रही।
रिमझिम बरसात से बढ़ी ठंड भले ही लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हो, लेकिन फसलों के लिए यह बरसात वरदान साबित हो रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वीपी शाही ने बताया कि गेहूं, सरसों, मटर व अरहर को इस बरसात से खासा फायदा होगा।
विज्ञापन
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में भी दिखाई पड़ने लगा है। रिमझिम बरसात ने ठंड व गलन बढ़ा दी है। ठंड व बरसात के कारण बुधवार को प्रमुख मार्ग व चौक-चौराहों पर सन्नाटा पसरा रहा। आवश्यक कारणों से ही लोग घरों से बाहर निकले। इस दौरान अधिकांश स्थानों पर दुकानें भी बंद रहीं। विभिन्न स्थानों पर लोगों को कीचड़ की समस्या से भी परेशान होना पड़ा। कृषि विज्ञान केंद्र के सेवानिवृत्त मौसम विज्ञानी डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में भारी बर्फबारी हो रही है। इसका असर मैदानी क्षेत्रों में दिख रहा है। बर्फबारी के कारण अभी तराई में आगामी कुछ दिनों में ठंड का प्रकोप जारी रहेगा। बरसात के बाद मौसम साफ होने से सुबह व शाम कोहरा पड़ने के साथ ही ठंड और बढ़ेगी। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन
जिले में अचानक हुए मौसम के बदलाव के दौरान मंगलवार की देर रात बूंदाबांदी शुरू हो गई। रात में हुई तेज बारिश के चलते जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई। हालात यह रहे कि शहरी क्षेत्र के मोहल्ला मेवातीपुरा, बड़ीहाट, ब्राम्हणीपुरा, नाजिरपुरा, अकबरपुरा, स्टेशनरोड, मालगोदामरोड, रायपुरराजा, छावनी समेत कई मोहल्लों में अंधेरा पसर गया। मोहल्लों में करीब आठ से दस घंटे के बाद शुरू हुई विद्युत आपूर्ति के बाद शहर के लोगों ने कुछ राहत की सांस जरूर ली, लेकिन इसके बाद भी देर शाम तक बिजली की आवाजाही चलती रही।
विज्ञापन
रिसिया नगर में भी देर रात करीब 12 बजे तेज बारिश से लाइनों में आई फाल्ट के चलते विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। विद्युत ठप होने से रिसिया के इंदिरा नगर, ऋषिभूमि समेत आधा दर्जन मोहल्ले अंधेरे में डूब गए। दोपहर एक बजे आपूर्ति शुरू होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। बख्शीपुरा फीडर में भी लाइन में फाल्ट आ जाने से नगरौर, सांसापारा, लडग़ड़हा समेत आधा दर्जन गांव प्रभावित हुए। करीब 13 घंटे के बाद शुरू हुई विद्युत आपूर्ति के बाद लोगों को राहत मिली। इस दौरान जिले की पांच लाख से अधिक की आबादी बूंद-बूंद पानी को तरसती रही।
रिमझिम बरसात से बढ़ी ठंड भले ही लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हो, लेकिन फसलों के लिए यह बरसात वरदान साबित हो रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वीपी शाही ने बताया कि गेहूं, सरसों, मटर व अरहर को इस बरसात से खासा फायदा होगा।