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सिर्फ 65 हजार किसानों ने ही कराया फसल बीमा
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बहराइच। बारिश से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। मुआवजे के लिए किसानों को फसलों का बीमा कराना होता है। वहीं, जिले के सिर्फ 65 हजार किसानों ने ही फसलों का बीमा कराया है, जबकि 75 हजार से अधिक किसानों ने बीमा नहीं कराया है। ऐसे में बीमा न कराने वाले किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का लाभ नहीं दिया जाएगा।
इस बार किसानों ने 1.64 लाख हेक्टेयर धान की बुआई की है। जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में सिर्फ 65 हजार किसानों ने ही बीमा कंपनी से फसलों का बीमा कराया है। ऐसे में बीमित फसलों की क्षतिपूर्ति ही किसानों के खाते में भेजी जाएगी। फसलों का बीमा न कराने के चलते जिले के 75 हजार से अधिक किसानोें को क्षतिपूर्ति का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसको लेकर किसानों में चिंता है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि सर्वे कार्य जिलेभर में चल रहा है। पात्र किसान शिकायत दर्ज कराएं जिससे उन्हें लाभ मिल सके।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि बीमा कराने वाले 65 हजार किसानों को ही क्षतिपूर्ति का लाभ मिलेगा। इनमें 53 हजार केसीसी धारक और 12 हजार गैर केसीसी धारक हैं। इसके अलावा अन्य किसान योजना से बाहर रहेंगे।
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शिवपुर विकास खंड के रामपुर धोबियाहार गांव निवासी कर्ताराम वर्मा ने बताया कि उन्होंने इस बार 30 बीघा में धान की फसल लगाई थी, लेकिन बेमौसम बारिश के चलते फसल बर्बाद हो गई। बीमा न होने के चलते क्षतिपूर्ति का लाभ नहीं मिल सकेगा।
मिहींपुरवा विकास खंड की ग्राम पंचायत उर्रा निवासी शांति देवी ने दो बीघा में धान लगाया गया था। धान की फसल तैयार हो गई थी, लेकिन बारिश में गिर गई जिससे काफी नुकसान हुआ है।
उप कृषि निदेशक टीपी शाही ने बताया कि जिन किसानों ने फसलों का बीमा कराया है वे फसल की क्षति होने पर टोल फ्री नंबर 18008896868 पर मिस कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उनके नुकसान का आंकलन करने के बाद मुआवजा दिया जाएगा।
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इस बार किसानों ने 1.64 लाख हेक्टेयर धान की बुआई की है। जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में सिर्फ 65 हजार किसानों ने ही बीमा कंपनी से फसलों का बीमा कराया है। ऐसे में बीमित फसलों की क्षतिपूर्ति ही किसानों के खाते में भेजी जाएगी। फसलों का बीमा न कराने के चलते जिले के 75 हजार से अधिक किसानोें को क्षतिपूर्ति का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसको लेकर किसानों में चिंता है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि सर्वे कार्य जिलेभर में चल रहा है। पात्र किसान शिकायत दर्ज कराएं जिससे उन्हें लाभ मिल सके।
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जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि बीमा कराने वाले 65 हजार किसानों को ही क्षतिपूर्ति का लाभ मिलेगा। इनमें 53 हजार केसीसी धारक और 12 हजार गैर केसीसी धारक हैं। इसके अलावा अन्य किसान योजना से बाहर रहेंगे।
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शिवपुर विकास खंड के रामपुर धोबियाहार गांव निवासी कर्ताराम वर्मा ने बताया कि उन्होंने इस बार 30 बीघा में धान की फसल लगाई थी, लेकिन बेमौसम बारिश के चलते फसल बर्बाद हो गई। बीमा न होने के चलते क्षतिपूर्ति का लाभ नहीं मिल सकेगा।
मिहींपुरवा विकास खंड की ग्राम पंचायत उर्रा निवासी शांति देवी ने दो बीघा में धान लगाया गया था। धान की फसल तैयार हो गई थी, लेकिन बारिश में गिर गई जिससे काफी नुकसान हुआ है।
उप कृषि निदेशक टीपी शाही ने बताया कि जिन किसानों ने फसलों का बीमा कराया है वे फसल की क्षति होने पर टोल फ्री नंबर 18008896868 पर मिस कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उनके नुकसान का आंकलन करने के बाद मुआवजा दिया जाएगा।