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चश्मदीद बोले, शांतिपूर्ण था प्रदर्शन, चढ़ा दी गई गाड़ी
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नानपारा (बहराइच)। लखीमपुर खीरी के प्रदर्शन में शामिल होने गए घायल किसानों ने घटना की बर्बरता की कहानी बयां की है। किसानों का कहना है कि बहराइच से करीब तीन सौ की संख्या में किसान गए थे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण था मगर राज्यमंत्री के पुत्र के काफिले के वाहनों की रफ्तार इतनी तेज थी कि कुछ समझ ही नहीं आया। बस चीख-पुकार ही सुनाई देती रही।
बहराइच जिले से लखीमपुर खीरी में किसानों के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सिख पंजाबी यूथ ग्रुप बहराइच के युवा किसान गए थे। करीब पंद्रह से बीस की संख्या में बाइक से किसान गए थे। अन्य वाहनों से भी भारी संख्या में तीन अक्तूबर को किसान रवाना हुए थे। इसमें दो किसानों की मौत हुई जबकि कई किसान घायल भी हुए हैं। घायल किसान बंजारन टांड़ा निवासी हरविंदर सिंह ने बताया कि किसानों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा था। सभी लोग महज काला झंडा लेकर डिप्टी सीएम के आने का बहिष्कार कर रहे थे मगर इसी बीच काफिले के साथ पहुंचे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र ने गाड़ियों को तेज रफ्तार से दौड़ा दिया। वह हाथ में पिस्टल भी लिए थे। गाड़ियों की रफ्तार इतनी तेज थी कि कुछ समझ ही नहीं आया। उनके पैर रौंदते हुए गाड़ी गुजर गई। उन्होंने सरकार से मामले की जांच कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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बहराइच जिले से लखीमपुर खीरी में किसानों के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सिख पंजाबी यूथ ग्रुप बहराइच के युवा किसान गए थे। करीब पंद्रह से बीस की संख्या में बाइक से किसान गए थे। अन्य वाहनों से भी भारी संख्या में तीन अक्तूबर को किसान रवाना हुए थे। इसमें दो किसानों की मौत हुई जबकि कई किसान घायल भी हुए हैं। घायल किसान बंजारन टांड़ा निवासी हरविंदर सिंह ने बताया कि किसानों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा था। सभी लोग महज काला झंडा लेकर डिप्टी सीएम के आने का बहिष्कार कर रहे थे मगर इसी बीच काफिले के साथ पहुंचे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र ने गाड़ियों को तेज रफ्तार से दौड़ा दिया। वह हाथ में पिस्टल भी लिए थे। गाड़ियों की रफ्तार इतनी तेज थी कि कुछ समझ ही नहीं आया। उनके पैर रौंदते हुए गाड़ी गुजर गई। उन्होंने सरकार से मामले की जांच कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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