बहराइच। मोहर्रम के मौके पर शुक्रवार को शहर व ग्रामीण अंचलों में जुलूस नहीं निकाला गया। हालांकि, कर्बला पर या हुसैन की सदाएं सुनाई दीं। घरों में लोगों ने मातम किया। इसके बाद एक-एक कर ताजिए दफन किए गए। दुलदुल हाउस के बाहर व कर्बला पर पुलिस फोर्स तैनात रही। अधिकारी भी जायजा लेते रहे।
मोहर्रम के पर्व को कोरोना महामारी को देखते हुए बहुत ही सादगी के साथ मनाया गया। इमामबाड़ों में मातम हुआ। लोगों ने घरों में भी मातम किया। मगर सड़कों पर इस बार दुलदुल व मातम का जुलूस नहीं निकाला गया। शहर के मोहल्ला नाजिरपुरा और काजीपुरा स्थित इमामबाड़े में विभिन्न अंजुमन के लोगों ने पहुंचकर मातम किया। दुलदुल हाउस के बाहर फोर्स तैनात रही। वहीं नानपारा बाईपास रोड स्थित कर्बला में सुरक्षा का जाजया लेने के लिए एसडीएम सदर सौरभ गंगवार और सीओ सिटी विनय द्विवेदी पहुंचे। यहां एक-एक कर ताजिए दफन किए गए। इसके अलावा फखरपुर, कैसरगंज, जरवल, महसी, शिवपुर, मिहींपुरवा, पयागपुर, विशेश्वरगंज, चित्तौरा आदि इलाकों में भी इसी तरह से मोहर्रम मनाया गया। बाबागंज के बाबा कुट्टी, मुख्य बाजार, तकिया, मकनपुर, देवरा आदि गांवों में कर्बला में सादगी के साथ मोहर्रम मनाया गया। नवाबगंज कस्बे के साथ निम्रहारा, नौबस्ता, बख्शीगांव, ढोढ़ेगांव, भटपुरवा, भगतपुरवा, मनसुख गांव आदि में भी महामारी को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मोहर्रम मनाया गया। अंजुमन हुसैनिया कमेटी के अध्यक्ष मुन्नवर हुसैन ने बताया कि हजरत इमाम हुसैन व उनके 72 साथियों की शहादत की याद में गमगीन माहौल में ताजिए दफन किए गए।