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खत्म हुआ संशय, भाजपा ने पुराने योद्धाओं पर लगाया दांव
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बहराइच। जिले का राजनीतिक तापमान शुक्रवार को उस समय गर्मा गया जब भाजपा की बहु प्रतीक्षित लिस्ट जारी हुई। सभी पुराने चेहरों पर फिर से दांव लगाया गया है। प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद कयासों के दौर पर विराम लग गया। कैसरगंज सीट से कैबिनेट मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा के बेटे गौरव वर्मा को मैदान में उतारा गया है। राजनीतिक पंडित जिले की हलचल को देखते हुए इस बार कई प्रत्याशियों के टिकट कटने का कयास लगा रहे थे, लेकिन ये कयास सूची जारी होने के बाद खत्म हो गए। भाजपा प्रत्याशियों के सामने 2017 जैसा प्रदर्शन दोहराने की चुनौती होगी।
बसपा, कांग्रेस व सपा के बाद शुक्रवार को भाजपा ने भी प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। भाजपा ने एक बार फिर से पुराने योद्धाओं पर दांव लगाया है। सदर विधानसभा सीट से अनुपमा जायसवाल, पयागपुर से सुभाष त्रिपाठी, बलहा से सरोज सोनकर, महसी से सुरेश्वर सिंह, मटेरा से अरुणवीर सिंह व कैसरगंज विधानसभा सीट से कैबिनेट मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा के बेटे गौरव वर्मा को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है। सूची आने से पहले राजनीतिक पंडितों का मानना था कि जिले के कई प्रत्याशियों के टिकट कटने की संभावना है, लेकिन इन चर्चाओं पर अब विराम लग गया है।
अब एक बार फिर से प्रत्याशियों के सामने भारी मतों से अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराने की चुनौती होगी। हालांकि, राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस बार 2017 जैसा प्रदर्शन करना भाजपा के प्रत्याशियों के लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी। टिकट फाइनल होने के बाद समर्थकों में खुशी की लहर है तो बधाई देने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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समाजवादी पार्टी व सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के गठबंधन में बलहा की सीट सुभासपा के खाते में चली गई। गठबंधन के खाते में सीट जाने के बाद बलहा से ललिता हरेंद्र को प्रत्याशी बनाया गया है। सपा की ओर से टिकट की दावेदारी करने वाले प्रत्याशियों को बड़ा झटका लगा है।
बसपा ने अब तक बलहा, नानपारा व महसी सीट पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा नहीं की है। कांग्रेस ने सदर, बलहा, कैसरगंज, महसी और सपा ने मटेरा व कैसरगंज सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। कयास लगाया जा रहा है कि रविवार तक सभी सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा हो जाएगी।
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बसपा, कांग्रेस व सपा के बाद शुक्रवार को भाजपा ने भी प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। भाजपा ने एक बार फिर से पुराने योद्धाओं पर दांव लगाया है। सदर विधानसभा सीट से अनुपमा जायसवाल, पयागपुर से सुभाष त्रिपाठी, बलहा से सरोज सोनकर, महसी से सुरेश्वर सिंह, मटेरा से अरुणवीर सिंह व कैसरगंज विधानसभा सीट से कैबिनेट मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा के बेटे गौरव वर्मा को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है। सूची आने से पहले राजनीतिक पंडितों का मानना था कि जिले के कई प्रत्याशियों के टिकट कटने की संभावना है, लेकिन इन चर्चाओं पर अब विराम लग गया है।
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अब एक बार फिर से प्रत्याशियों के सामने भारी मतों से अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराने की चुनौती होगी। हालांकि, राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस बार 2017 जैसा प्रदर्शन करना भाजपा के प्रत्याशियों के लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी। टिकट फाइनल होने के बाद समर्थकों में खुशी की लहर है तो बधाई देने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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समाजवादी पार्टी व सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के गठबंधन में बलहा की सीट सुभासपा के खाते में चली गई। गठबंधन के खाते में सीट जाने के बाद बलहा से ललिता हरेंद्र को प्रत्याशी बनाया गया है। सपा की ओर से टिकट की दावेदारी करने वाले प्रत्याशियों को बड़ा झटका लगा है।
बसपा ने अब तक बलहा, नानपारा व महसी सीट पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा नहीं की है। कांग्रेस ने सदर, बलहा, कैसरगंज, महसी और सपा ने मटेरा व कैसरगंज सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। कयास लगाया जा रहा है कि रविवार तक सभी सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा हो जाएगी।