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बहराइच: ऑडिट से खुलेगी दवा के पर्चों में कमीशनखोरी की पोल

Wed, 15 Feb 2023 11:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Wed, 15 Feb 2023 11:13 PM IST
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Audit will reveal the commission of commission in the prescriptions of medicines
बहराइच। सस्ते और बेहतर इलाज की आस लिए मेडिकल कॉलेज व इससे संबद्ध जिला चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई चिकित्सकों की ओर से अक्सर बिना जरूरत के ही पर्चों पर बेमतलब की दवाएं लिख दी जाती हैं। इनका मरीजों के रोग से कोई वास्ता नहीं होता। ऐसे में महंगी कीमत पर इन दवाओं की खरीद के लिए लोगों को विवश होना पड़ता है। चिकित्सकों की ओर से की जा रही इस मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए अब मेडिकल कॉलेज व जिला चिकित्सालय में प्रिस्क्रिप्शन ऑडिट शुरू की जा रही है। इसमें चिकित्सकों द्वारा मरीजों को दवाएं लिखने के बाद पर्चों की जांच कर वास्तविकता का पता लगाया जाएगा।महाराजा सुहेलदेव स्वायत्तशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय व इससे संबद्ध जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन लगभग दो से ढाई हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। इलाज की शुरुआत के साथ ही कुछ चिकित्सकों द्वारा मरीजों के इलाज में खेल शुरू कर दिया जाता है। मरीजों की आवश्यक दवाओं के साथ ही उनके पर्चे पर कई मल्टी विटामिन, कैल्शियम, ताकत बढ़़ाने के सीरप समेत अनावश्यक दवाएं लिख दी जाती हैं। मरीज के अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर भी यही खेल किया जाता है। बिना आवश्यकता के ही मरीजों को हजारों रुपए की दवाएं खरीदने के लिए विवश किया जाता है। यहां आने वाले मरीजों में काफी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज होते हैं। जिन्हें दवाओं के संबंध में अधिक जानकारी नहीं होती। ऐसे में चिकित्सक द्वारा लिखी सभी दवाएं यह खरीद लेते हैं। पर्चे पर लिखी आवश्यक दवाओं की संख्या सिर्फ दो या तीन होती है, लेकिन कमीशन के चक्कर में पिस रहे मरीजों को सात से आठ दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। अब इस पर अंकुश लगाने के लिए मेडिकल कॉलेज में केजीएमयू की तर्ज पर प्रिस्क्रिप्शन ऑडिट की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत टीम गठित कर अस्थि रोग, एमसीएच विंग, महिला वार्ड, बाल रोग विभाग समेत सभी विभागों में चिकित्सकों द्वारा मरीजों को लिखे गए पर्चों की जांच की जाएगी। यदि कोई भी चिकित्सक अनावश्यक दवाएं लिखता पाया गया तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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