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गधे से डर गए अखिलेश जी
अमर उजाला/बहराइच
Updated Thu, 23 Feb 2017 10:53 PM IST
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जनसभा में अभिवादन करते पीएम
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बहराइच के विश्वरिया मैदान में सपा और कांग्रेस पर अनगिनत तीर चलाए। मुख्यमंत्री अखिलेश के गुजरात के गधों पर बयान के जवाब में कहा कि अखिलेश जी गधे से डर गए। सोच सही हो तो गधा भी प्रेरणा दे सकता है। वह मालिक का वफादार होता है। उसी तरह मोदी भी सवा सौ करोड़ का सेवक है। गठबंधन पर निशाना साधतेे हुए कहा कि सपा ने दिल बड़ा करके नहीं दिल कड़ा करके कांग्रेस से गठबंधन किया। लेकिन यूपी की जनता अवसरवादी गठबंधन स्वीकार नहीं करती। सीएम गधे से डरते हैं, पर अखिलेश की सरकार भैंस खोजने के लिए जुट जाती है।
मटेरा विधानसभा क्षेत्र के विश्वरिया गांव के मैदान में भाजपा की परिवर्तन रैली का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री अखिलेश के गधे पर दिए बयान के पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी, बीजेपी पर हमला करो, ठीक है। लेकिन गधे पर हमला, क्या गधे से डर लगता है। सपा की पूरी सरकार भैंस खोजने में जुट जाती है।
शायद अखिलेश जी को पता नहीं, गधा भी हमें प्रेरणा देता है। लेकिन दिल दिमाग जब सही हो, तभी ऐसी सोच विकसित होती है। गधा मालिक के प्रति वफादार होता है। कम से कम खर्च में बेहतर काम करता है। सवा सौ करोड़ देशवासी मेरे मालिक हैं। थक जाऊं, भूखा रहूं, फिर भी काम करता हूं। गधा कभी भेदभाव नहीं करता। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की तरफ इशारा कर कहा कि जिनको गले लगाया है, उन्हीं से पूछ लीजिए। 2013 में गधे पर डाक टिकट जारी किया था। वह गधा भाग्यशाली होगा। नफरत का भाव शोभा नहीं देता।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1:40 बजे सभास्थल पर पहुंचे। उन्होंने चिर-परिचित अंदाज में मंच पर चढ़ते ही हाथ हिलाकर अभिवादन किया। फिर भाषण शुरू करते ही मोदी ने पहले बहराइच वासियों से क्षमा मांगी। बोले कि दिसंबर 2016 में आना था, पर कोहरा अधिक था। कुछ दिख नहीं रहा था, चक्कर काटकर लौट गया। पर अब सब कुछ साफ हो गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपी के मंत्री हिसाब नहीं दे रहे। टीवी पर कहते हैं काम बोलता है पर, सब कुछ जनता के सामने है। इस दौरान मोदी ने एक नगर सेठ की कार की कहानी सुनाई, जिसका हॉर्न छोड़ कर सब कुछ बजता था। उसी तरह सपा की सरकार का कार्य है। काम नहीं कारनामे बोलते हैं। मार्ग ऐसे हैं, जिस पर चलना दुश्वार है, टायर बोलते हैं। सपा को यूपी के भविष्य की चिंता नहीं।
कहते हैं दिल बड़ा करके समझौता किया, लेकिन दिल कड़ा करके गठबंधन किया गया है। कांग्रेस नजर नहीं आती। वह तो डूबी ही है, अखिलेश को भी ले डूबेगी। इसके बाद बोले, यूपी सरकार गन्ना किसानों की सुनवाई नहीं करती।
भाजपा की सरकार बनी तो पुराना बकाया भी देंगे। ऐसा नियम बनाएंगे कि 14 दिन में गन्ना किसानों का भुगतान सुनिश्चित हो। कहा कि कांग्रेस के वक्त की सिंचाई परियोजना बहराइच अधूरी है। उसे पूरा करने के लिए प्रयास शुरू कर दिया गया है।
महंगाई, भ्रष्टाचार, महंगी दवा से निजात दिला रहे हैं। मुनाफे पर शिकंजा कसते हैं, इसलिए हम सबके दुश्मन हैं। लेकिन भ्रष्टाचार नहीं होने देंगे। जो कालाधन जमा हुआ है, जांच की जा रही है। पाई-पाई का हिसाब लेंगे। इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव महेंद्र सिंह, सांसद सावित्रीबाई फुले, जिलाध्यक्ष श्यामकरन टेकड़ीवाल, ब्रजभूषणशरण सिंह, दद्दून मिश्रा, किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष विजय सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।
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मटेरा विधानसभा क्षेत्र के विश्वरिया गांव के मैदान में भाजपा की परिवर्तन रैली का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री अखिलेश के गधे पर दिए बयान के पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी, बीजेपी पर हमला करो, ठीक है। लेकिन गधे पर हमला, क्या गधे से डर लगता है। सपा की पूरी सरकार भैंस खोजने में जुट जाती है।
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शायद अखिलेश जी को पता नहीं, गधा भी हमें प्रेरणा देता है। लेकिन दिल दिमाग जब सही हो, तभी ऐसी सोच विकसित होती है। गधा मालिक के प्रति वफादार होता है। कम से कम खर्च में बेहतर काम करता है। सवा सौ करोड़ देशवासी मेरे मालिक हैं। थक जाऊं, भूखा रहूं, फिर भी काम करता हूं। गधा कभी भेदभाव नहीं करता। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की तरफ इशारा कर कहा कि जिनको गले लगाया है, उन्हीं से पूछ लीजिए। 2013 में गधे पर डाक टिकट जारी किया था। वह गधा भाग्यशाली होगा। नफरत का भाव शोभा नहीं देता।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1:40 बजे सभास्थल पर पहुंचे। उन्होंने चिर-परिचित अंदाज में मंच पर चढ़ते ही हाथ हिलाकर अभिवादन किया। फिर भाषण शुरू करते ही मोदी ने पहले बहराइच वासियों से क्षमा मांगी। बोले कि दिसंबर 2016 में आना था, पर कोहरा अधिक था। कुछ दिख नहीं रहा था, चक्कर काटकर लौट गया। पर अब सब कुछ साफ हो गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपी के मंत्री हिसाब नहीं दे रहे। टीवी पर कहते हैं काम बोलता है पर, सब कुछ जनता के सामने है। इस दौरान मोदी ने एक नगर सेठ की कार की कहानी सुनाई, जिसका हॉर्न छोड़ कर सब कुछ बजता था। उसी तरह सपा की सरकार का कार्य है। काम नहीं कारनामे बोलते हैं। मार्ग ऐसे हैं, जिस पर चलना दुश्वार है, टायर बोलते हैं। सपा को यूपी के भविष्य की चिंता नहीं।
कहते हैं दिल बड़ा करके समझौता किया, लेकिन दिल कड़ा करके गठबंधन किया गया है। कांग्रेस नजर नहीं आती। वह तो डूबी ही है, अखिलेश को भी ले डूबेगी। इसके बाद बोले, यूपी सरकार गन्ना किसानों की सुनवाई नहीं करती।
भाजपा की सरकार बनी तो पुराना बकाया भी देंगे। ऐसा नियम बनाएंगे कि 14 दिन में गन्ना किसानों का भुगतान सुनिश्चित हो। कहा कि कांग्रेस के वक्त की सिंचाई परियोजना बहराइच अधूरी है। उसे पूरा करने के लिए प्रयास शुरू कर दिया गया है।
महंगाई, भ्रष्टाचार, महंगी दवा से निजात दिला रहे हैं। मुनाफे पर शिकंजा कसते हैं, इसलिए हम सबके दुश्मन हैं। लेकिन भ्रष्टाचार नहीं होने देंगे। जो कालाधन जमा हुआ है, जांच की जा रही है। पाई-पाई का हिसाब लेंगे। इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव महेंद्र सिंह, सांसद सावित्रीबाई फुले, जिलाध्यक्ष श्यामकरन टेकड़ीवाल, ब्रजभूषणशरण सिंह, दद्दून मिश्रा, किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष विजय सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।