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दरगाह की भीड़ मतगणना के लिए होगी चुनौती
Bahraich
Updated Fri, 09 May 2014 05:30 AM IST
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बहराइच (ब्यूरो)। लोकसभा चुनाव की मतगणना 16 मई को होगी। इसी दिन से दरगाह मेेला शुरू हो रहा है। दरगाह मेला स्थल और मतगणना स्थल के बीच महज 500 मीटर का फासला है। मेला शुरू होने के दिन कम से कम तीन लाख जायरीन दरगाह में मौजूद रहेंगे। ऐसे में इस भीड़ से होकर मतगणना स्थल तक पहुंचना होगा। यह जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। शांति-व्यवस्था बरकरार कैसे रहे, इस मुद्दे पर अधिकारी मंथन करने में तो जुटे हैं। लेकिन सभी के हाथ पांव फूल रहे हैं।
दरगाह शरीफ थाना अंतर्गत गल्लामंडी परिसर कोे स्ट्रांग रूम बनाया गया है। 16 मई को गल्लामंडी परिसर में ही मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू होगी। इसी दिन दरगाह का जेठ मेला भी शुरू हो रहा है। बीते वर्षोें के जेठ मेले की स्थिति पर नजर डालें तो जिस दिन मेले की औपचारिक शुरुआत होती है। उस दिन कम से कम दरगाह में तीन लाख के आसपास जायरीन मौजूद रहेंगे जबकि मेले के मुख्य दिन जायरीन की संख्या 10 लाख पहुंच जाती है। गल्लामंडी परिसर में मतगणना के लिए पहुंचने का रास्ता दरगाह से होकर है। ऐसे में जायरीन की भीड़ के बीच से होकर कर्मचारियों, प्रत्याशियों, अधिकारियों और प्रत्याशी एजेंट तथा उनके समर्थकों को जाना होगा। इतना ही नहीं प्रतिवर्ष गल्ला मंडी परिसर को अस्थाई वाहन स्टैंड बना दिया जाता था। लेकिन इस बार मतगणना होने के चलते जायरीन को लेकर आने वाले वाहन कहां खड़े होंगे। इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। मेला शुरू होने के दिन मतगणना की तिथि होने का पता चलने पर अब प्रशासनिक अधिकारियाें के भी हाथ पांव फूल रहे हैं।
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दरगाह शरीफ थाना अंतर्गत गल्लामंडी परिसर कोे स्ट्रांग रूम बनाया गया है। 16 मई को गल्लामंडी परिसर में ही मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू होगी। इसी दिन दरगाह का जेठ मेला भी शुरू हो रहा है। बीते वर्षोें के जेठ मेले की स्थिति पर नजर डालें तो जिस दिन मेले की औपचारिक शुरुआत होती है। उस दिन कम से कम दरगाह में तीन लाख के आसपास जायरीन मौजूद रहेंगे जबकि मेले के मुख्य दिन जायरीन की संख्या 10 लाख पहुंच जाती है। गल्लामंडी परिसर में मतगणना के लिए पहुंचने का रास्ता दरगाह से होकर है। ऐसे में जायरीन की भीड़ के बीच से होकर कर्मचारियों, प्रत्याशियों, अधिकारियों और प्रत्याशी एजेंट तथा उनके समर्थकों को जाना होगा। इतना ही नहीं प्रतिवर्ष गल्ला मंडी परिसर को अस्थाई वाहन स्टैंड बना दिया जाता था। लेकिन इस बार मतगणना होने के चलते जायरीन को लेकर आने वाले वाहन कहां खड़े होंगे। इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। मेला शुरू होने के दिन मतगणना की तिथि होने का पता चलने पर अब प्रशासनिक अधिकारियाें के भी हाथ पांव फूल रहे हैं।
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