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पत्नी को मायके भेज लगाई आग
Bahraich
Updated Mon, 20 Jan 2014 05:46 AM IST
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बिछिया (बहराइच)। पत्नी औैर बच्चों को ट्रेन द्वारा ससुराल भेजने के बाद युवक ने देर रात घर पहुंचकर खुद को आग के हवाले कर दिया। पड़ोसियों ने किसी तरह आग बुझाकर पुलिस को सूचना दी। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया गया है। युवक द्वारा आग लगाए जाने के कारणों का पता नहीं चल सका है। चिकित्सकों के मुताबिक युवक 95 फीसदी जला है।
सुजौली थाना अंतर्गत सुजौली टेपरा गांव निवासी महेश कुमार (30) पुत्र गुलाब की ससुराल लखनऊ में है। घर में महेश के अलावा उसकी पत्नी, तीन बेटे व एक बेटी है। शनिवार को महेश ने पत्नी रेनू तथा बेटे और बेटियों को ट्रेन पर बिठाकर लखनऊ के लिए रवाना कर महेश गांव पहुंचा। यहां पर उसने रात 11 बजे तक गांव निवासी कोटेदार प्रभुनाथ के घर के सामने हो रहे आर्केस्ट्रा पार्टी में शिरकत की। इसके बाद घर चला गया। पड़ोसियों के मुताबिक रात 11:30 बजे के आसपास महेश के घर से चीखने चिल्लाने की आवाज सुनाई पड़ी। पड़ोसी घर से बाहर निकले तो महेश के घर से धुंआ उठ रहा था। सभी दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे तो वह आग की लपटों से घिरा हुआ था। किसी तरह पड़ोसियों ने आग को बुझाया। इसके बाद थाने पर सूचना दी। थानाध्यक्ष भीष्मपाल ने पड़ोसी प्रकाश मौर्य व केवलनाथ की सहायता से गंभीर रूप से झुलसे महेश को मिहींपुरवा सीएचसी पहुंचाया। यहां पर डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखकर उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक महेश 95 फीसदी झुलस गया है। थानाध्यक्ष भीष्मपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने महेश से बयान लेने की कोशिश की, लेकिन वह बोेल नहीं पा रहा है। ऐसे में महेश ने किन कारणों से आग लगाई, पता नहीं चल पा रहा है।
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सुजौली थाना अंतर्गत सुजौली टेपरा गांव निवासी महेश कुमार (30) पुत्र गुलाब की ससुराल लखनऊ में है। घर में महेश के अलावा उसकी पत्नी, तीन बेटे व एक बेटी है। शनिवार को महेश ने पत्नी रेनू तथा बेटे और बेटियों को ट्रेन पर बिठाकर लखनऊ के लिए रवाना कर महेश गांव पहुंचा। यहां पर उसने रात 11 बजे तक गांव निवासी कोटेदार प्रभुनाथ के घर के सामने हो रहे आर्केस्ट्रा पार्टी में शिरकत की। इसके बाद घर चला गया। पड़ोसियों के मुताबिक रात 11:30 बजे के आसपास महेश के घर से चीखने चिल्लाने की आवाज सुनाई पड़ी। पड़ोसी घर से बाहर निकले तो महेश के घर से धुंआ उठ रहा था। सभी दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे तो वह आग की लपटों से घिरा हुआ था। किसी तरह पड़ोसियों ने आग को बुझाया। इसके बाद थाने पर सूचना दी। थानाध्यक्ष भीष्मपाल ने पड़ोसी प्रकाश मौर्य व केवलनाथ की सहायता से गंभीर रूप से झुलसे महेश को मिहींपुरवा सीएचसी पहुंचाया। यहां पर डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखकर उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक महेश 95 फीसदी झुलस गया है। थानाध्यक्ष भीष्मपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने महेश से बयान लेने की कोशिश की, लेकिन वह बोेल नहीं पा रहा है। ऐसे में महेश ने किन कारणों से आग लगाई, पता नहीं चल पा रहा है।
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