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ट्रेन हाल्ट बनाने की मांग पर हंगामा
Bahraich
Updated Mon, 09 Dec 2013 05:42 AM IST
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बिछिया (बहराइच)। गोंडा-मैलानी प्रखंड पर गिरिजापुरी के निकट ट्रेन हाल्ट की स्थापना की मांग को लेकर क्षेत्र के लोग रविवार को आंदोलित हो उठे। ग्रामीणाें ने गिरिजापुरी रेलवे क्रॉसिंग के निकट मैलानी-गोंडा प्रखंड पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में जुटी भीड़ को देखते हुए मौके पर एसएसबी, जीआरपी, आरपीएफ और सुजौली पुलिस मोर्चा संभाले रही। बाद में मौके पर पहुंचे मंडलीय रेल प्रबंधक के प्रतिनिधि मुख्य यातायात निरीक्षक के समझाने और कार्रवाई के आश्वासन पर लोग शांत हुए। इस दौरान काफी तनाव की स्थिति रही।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्निया और निशानगाड़ा रेंज में कुरकुरी कुआं, कैलाशपुरी, चहलवा, निषादनगर, गिरिजापुरी, बड़खड़िया, आनंद नगर, चमन चौराहा, जंगू टंाड़ा आदि गांव स्थित हैं। इन गांवों की करीब 40 हजार आबादी आने-जाने के लिए रेल पर ही निर्भर है। गांव के लोग ट्रेन पकड़ने के लिए जंगल के बीच आठ किलोमीटर का रास्ता तय करते हैं। बिछिया रेलवे स्टेशन से ही ट्रेन मिल पाती है। मालूम हो कि बिछिया से मझरा रेलवे स्टेशन के मध्य 12 किलोमीटर घना जंगल है। ऐसे में आए दिन जंगली जानवरों के हमले का खतरा बना रहता है। इसी कारण गिरिजापुरी रेलवे क्रॉसिंग के निकट वन क्षेत्र से सटे गांव के लोग काफी दिनों से ट्रेन हाल्ट की स्थापना की मांग कर रहे हैं। रविवार सुबह करीब 10 बजे ग्रामीण गंगाराम की अगुवाई में रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। प्रदर्शन कर रहे लोग डीआरएम को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। काफी संख्या में ग्रामीणों के रेलवेे ट्रैक पर इकट्ठा होने की सूचना पाकर सुजौली थानाध्यक्ष अवध नारायन यादव दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। एसएसबी, आरपीएफ और जीआरपी जवान भी आ गए। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने गोंडा से मैलानी जा रही 52255 अप ट्रेन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मुस्तैद पुलिस और एसएसबी के जवानों ने ग्रामीणाें को फटकार कर किनारे कर दिया। ट्रेन तो गुजर गई, लेकिन ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। ट्रैक पर बैठ ग्रामीण डीआरएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। मझरा रेलवे स्टेशन के माध्यम से डीआरएम को सूचना भेजी गई। इस पर मंडलीय रेल प्रबंधक ने अपने प्रतिनिधि के रूप में मुख्य यातायात निरीक्षक मैलानी सुशील आर्य को सहायक स्टेशन मास्टर, मझरा प्रताप नारायण के साथ मौके पर भेजा। दोपहर करीब एक बजे के दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे। मुख्य यातायात निरीक्षक ने ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग ट्रैक से हटे। करीब तीन घंटे तक गहमागहमी का माहौल रहा।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्निया और निशानगाड़ा रेंज में कुरकुरी कुआं, कैलाशपुरी, चहलवा, निषादनगर, गिरिजापुरी, बड़खड़िया, आनंद नगर, चमन चौराहा, जंगू टंाड़ा आदि गांव स्थित हैं। इन गांवों की करीब 40 हजार आबादी आने-जाने के लिए रेल पर ही निर्भर है। गांव के लोग ट्रेन पकड़ने के लिए जंगल के बीच आठ किलोमीटर का रास्ता तय करते हैं। बिछिया रेलवे स्टेशन से ही ट्रेन मिल पाती है। मालूम हो कि बिछिया से मझरा रेलवे स्टेशन के मध्य 12 किलोमीटर घना जंगल है। ऐसे में आए दिन जंगली जानवरों के हमले का खतरा बना रहता है। इसी कारण गिरिजापुरी रेलवे क्रॉसिंग के निकट वन क्षेत्र से सटे गांव के लोग काफी दिनों से ट्रेन हाल्ट की स्थापना की मांग कर रहे हैं। रविवार सुबह करीब 10 बजे ग्रामीण गंगाराम की अगुवाई में रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। प्रदर्शन कर रहे लोग डीआरएम को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। काफी संख्या में ग्रामीणों के रेलवेे ट्रैक पर इकट्ठा होने की सूचना पाकर सुजौली थानाध्यक्ष अवध नारायन यादव दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। एसएसबी, आरपीएफ और जीआरपी जवान भी आ गए। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने गोंडा से मैलानी जा रही 52255 अप ट्रेन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मुस्तैद पुलिस और एसएसबी के जवानों ने ग्रामीणाें को फटकार कर किनारे कर दिया। ट्रेन तो गुजर गई, लेकिन ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। ट्रैक पर बैठ ग्रामीण डीआरएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। मझरा रेलवे स्टेशन के माध्यम से डीआरएम को सूचना भेजी गई। इस पर मंडलीय रेल प्रबंधक ने अपने प्रतिनिधि के रूप में मुख्य यातायात निरीक्षक मैलानी सुशील आर्य को सहायक स्टेशन मास्टर, मझरा प्रताप नारायण के साथ मौके पर भेजा। दोपहर करीब एक बजे के दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे। मुख्य यातायात निरीक्षक ने ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग ट्रैक से हटे। करीब तीन घंटे तक गहमागहमी का माहौल रहा।
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