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जिला अस्पताल में इलाज करते पकड़ा फर्जी डॉक्टर

Sat, 12 Oct 2013 05:38 AM IST
Bahraich
Bahraich Updated Sat, 12 Oct 2013 05:38 AM IST
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बहराइच। ‘माईसेल्फ डॉ. शकील अहमद, मैं यहां का डॉक्टर हूं। आप को शिकायत करनी है तो सीएमएस से कर दीजिएगा।’ यह बात जिला अस्पताल में मरीजों से रुपये लेकर दवा लिख रहे एक कथित डॉक्टर ने निरीक्षण के दौरान सीएमएस से ही कह डाली। जब सीएमएस ने अपना परिचय दिया तो उन्हें ही फर्जी बताते हुए अभद्रता करने लगा। इस पर मुख्य चिकित्साधीक्षक ने एक मरीज की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस दौरान जिला अस्पताल में गहमागहमी का माहौल रहा। चर्चा है कि अस्पताल के एक डॉक्टर के कहने पर कथित चिकित्सक मरीजों को देख रहा था, आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए रात में ही कई अधिकारियों के फोन आए लेकिन सीएमएस ने किसी की नहीं सुनी और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।
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गुरुवार रात जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. माहेश्वरी पांडेय वार्डों का निरीक्षण करने निकले। उन्होेंने इमरजेंसी वार्ड, आइसोलेशन वार्ड, जनरल वार्ड एक व दो का निरीक्षण किया और मरीजों से बातचीत की। इसके बाद सीएमएस जनरल वार्ड संख्या तीन में पहुंचे तो यहां उन्हें एक डॉक्टर मरीजों का इलाज करते मिला। वह मरीजों व उनके तीमारदारों पर रौब गांठते हुए रुपये लेकर दवाईयां लिख रहा था। यह देख सीएमएस को शक हुआ। उन्होंने कथित चिकित्सक से परिचय पूछने की कोशिश की तो वह सीएमएस से ही उनका परिचय पूछ बैठा। मरीजों को दवा लिखने के बाद फर्जी डॉक्टर ने बड़े जोश में सीएमएस से हाथ मिलाते हुए कहा कि, माई सेल्फ डॉ. शकील अमहद, मैं यहां का डॉक्टर हूं।
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आप को शिकायत करनी है तो सीएमएस से कर दीजिएगा। इस पर सीएमएस डॉ. पांडेय भौंचक रह गए। उन्होंने कहा कि वे खुद सीएमएस हैं। इस पर भी शकील पर कोई फर्क नहीं पड़ा। उसने सीएमएस डॉ. पांडेय से अभद्रता शुरू कर उन्हें ही फर्जी बता दिया। यह देख वार्ड नंबर तीन में हंगामा शुरू हो गया। फर्जी डॉक्टर के दवा लिखे जाने की बात जंगल में आग की तरह अस्पताल में फैल गई। तीमारदारों ने शकील अमहद को
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घेर लिया।
मारपीट की नौबत देख सीएमएस डॉ. पांडेय ने तत्काल कानूनगोपुरा चौकी इंचार्ज टीबी सिंह को सूचना दी। उन्होंने दल-बल के साथ अस्पताल पहुंचकर शकील अहमद को अपनी गिरफ्त में लिया। शकील को नगर कोतवाली लाया गया। जहां रात में ही शकील अहमद पर धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उप निरीक्षक राम प्रसिद्ध पांडेय ने बताया कि धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। बीएमएस है आरोपी
शहर के काजीपुरा मोहल्ला निवासी शकील अहमद ने हमदर्द विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मेडीसिन एंड सर्जरी की डिग्री प्राप्त की है। शकील ने अस्पताल में ही छह माह पूर्व इंटर्नशिप की है। अक्सर वह जिला अस्पताल जाया करता था। हाल ही में शकील ने तिकोनीबाग चौराहे के पास एक क्लीनिक खोला था।चिकित्सक की शह पर कर रहा था इलाज
चर्चा है कि मरीजों का इलाज करते दबोचा गया शकील अमहद जिला अस्पताल में कार्यरत डॉ. आरके वर्मा के कहने पर इलाज करने वार्ड में गया गया था लेकिन ऐसी किसी बात से उन्होंने साफ इन्कार कर दिया है, जबकि शकील को छोड़े जाने के लिए लगातार वे पुलिस अधिकारियों से मनुहार करते रहे।


तीन घंटे चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
कथित डॉक्टर को छुड़वाने के लिए नगर कोतवाली में देर रात तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चला। नगर के बड़े नेता से लेकर अस्पताल के कई कर्मचारी पूरे मामले को मैनेज करने में जुटे रहे। सीएमएस का दरवाजा पीट-पीट ऊंची पहुंच वाले लोग थक हार कर उल्टे पांव लौट आए। गिरफ्तारी के बाद करीब तीन घंटे तक नगर कोतवाली व अस्पताल में गहमा-गहमी का माहौल रहा।
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