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दो बच्चियों को बंगाल से लाकर बेच डाला
Bahraich
Updated Wed, 11 Sep 2013 05:36 AM IST
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श्रावस्ती। पश्चिम बंगाल से बच्चियों को लाकर बेचने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो बच्चियों को मुक्त कराया है। यह गिरोह लंबे समय से जिले में सक्रिय है। इस सिलसिले में मंगलवार को मल्हीपुर व पश्चिम बंगाल पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पश्चिम बंगाल में भी बंदी युवक आैर उसकी पत्नी के खिलाफ मानव तस्करी संबंधित मामले दर्ज हैं।
मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कानीबोझी के मजरा तिघरवा निवासी नक्कू ने पश्चिम बंगाल की रहने वाली कमली नामक महिला से विवाह किया था। इसके बाद से ही कमली व नक्कू बच्चियों व महिलाओं की तस्करी करने लगे थे। दोनों मिलकर कुछ दिन पूर्व पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के थाना हबीबपुर से दो बालिकाएं लाए थे। इनमें से एक बालिका को बरेली में बेचा गया और दूसरी को दंपति ने मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम ऐंठा निवासी भगवानदीन के हाथ 18 हजार रुपये में बेचा। इसकी सूचना मुखबिरों द्वारा थानाध्यक्ष मल्हीपुर को मिली। इस मामले में थानाध्यक्ष ने नक्कू के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर हबीबपुर पुलिस से संपर्क किया था। मल्हीपुर व पश्चिम बंगाल पुलिस ने नक्कू को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर बरेली व ऐंठा गांव में बेची गई बालिकाओं को खोज निकाला।
इस मामले में पुलिस ने नक्कू व भगवानदीन को गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष मल्हीपुर आरके यादव का कहना है कि मिली बालिका को पश्चिम बंगाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है जबकि नक्कू व भगवानदीन के विरुद्ध संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर जेल भेजा गया है। वहीं कमली की तलाश जारी है।
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महिला तस्करी का मामला नया नहीं
श्रावस्ती। पश्चिम बंगाल से महिलाओं की तस्करी का यह कोई पहला मामला नहीं है। ढाई वर्ष पूर्व भिनगा कोतवाली पुलिस ने महिला तस्करी गैंग के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया था। यह गैंग आसपास के जिलों में महिलाओं को बेचने का काम करता था। पश्चिम बंगाल में गरीबी से तंग परिवारों की लड़कियों का अच्छे घर में विवाह कराने का झांसा देकर तस्कर इन लड़कियों को श्रावस्ती सहित आसपास के जनपदों में लाते हैं। यहां फिर एजेंटों के फैले जाल के माध्यम से इन लड़कियों को बेचा जाता है। इसका खुलासा लगभग ढाई वर्ष पूर्व भिनगा कोतवाली पुलिस द्वारा पकड़े गए एक दंपती ने किया था। यह दंपती स्थानीय स्तर पर लड़कियों को बेचने का काम करता था। इनमें से एक रामनरेश निवासी जमुनहा ने यह भी बताया था कि पश्चिम बंगाल में इस कार्य में ज्यादातर महिलाएं लगी हैं। उसने यह भी स्वीकार किया था कि मंगलवार को जमुनहा क्षेत्र में गिरफ्तार दो लोग इसी गैंग की कड़ी बताए जा रहे हैं।
राकेश चंद्र साहू,पुलिस अधीक्षक का कहना है कि मानव तस्करी रोकने के लिए प्रत्येक थानों को अलग से निर्देश दिए गए हैं। खासतौर से सीमावर्ती थानों को। धरपकड़ और तेज की जाएगी।
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मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कानीबोझी के मजरा तिघरवा निवासी नक्कू ने पश्चिम बंगाल की रहने वाली कमली नामक महिला से विवाह किया था। इसके बाद से ही कमली व नक्कू बच्चियों व महिलाओं की तस्करी करने लगे थे। दोनों मिलकर कुछ दिन पूर्व पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के थाना हबीबपुर से दो बालिकाएं लाए थे। इनमें से एक बालिका को बरेली में बेचा गया और दूसरी को दंपति ने मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम ऐंठा निवासी भगवानदीन के हाथ 18 हजार रुपये में बेचा। इसकी सूचना मुखबिरों द्वारा थानाध्यक्ष मल्हीपुर को मिली। इस मामले में थानाध्यक्ष ने नक्कू के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर हबीबपुर पुलिस से संपर्क किया था। मल्हीपुर व पश्चिम बंगाल पुलिस ने नक्कू को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर बरेली व ऐंठा गांव में बेची गई बालिकाओं को खोज निकाला।
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इस मामले में पुलिस ने नक्कू व भगवानदीन को गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष मल्हीपुर आरके यादव का कहना है कि मिली बालिका को पश्चिम बंगाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है जबकि नक्कू व भगवानदीन के विरुद्ध संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर जेल भेजा गया है। वहीं कमली की तलाश जारी है।
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महिला तस्करी का मामला नया नहीं
श्रावस्ती। पश्चिम बंगाल से महिलाओं की तस्करी का यह कोई पहला मामला नहीं है। ढाई वर्ष पूर्व भिनगा कोतवाली पुलिस ने महिला तस्करी गैंग के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया था। यह गैंग आसपास के जिलों में महिलाओं को बेचने का काम करता था। पश्चिम बंगाल में गरीबी से तंग परिवारों की लड़कियों का अच्छे घर में विवाह कराने का झांसा देकर तस्कर इन लड़कियों को श्रावस्ती सहित आसपास के जनपदों में लाते हैं। यहां फिर एजेंटों के फैले जाल के माध्यम से इन लड़कियों को बेचा जाता है। इसका खुलासा लगभग ढाई वर्ष पूर्व भिनगा कोतवाली पुलिस द्वारा पकड़े गए एक दंपती ने किया था। यह दंपती स्थानीय स्तर पर लड़कियों को बेचने का काम करता था। इनमें से एक रामनरेश निवासी जमुनहा ने यह भी बताया था कि पश्चिम बंगाल में इस कार्य में ज्यादातर महिलाएं लगी हैं। उसने यह भी स्वीकार किया था कि मंगलवार को जमुनहा क्षेत्र में गिरफ्तार दो लोग इसी गैंग की कड़ी बताए जा रहे हैं।
राकेश चंद्र साहू,पुलिस अधीक्षक का कहना है कि मानव तस्करी रोकने के लिए प्रत्येक थानों को अलग से निर्देश दिए गए हैं। खासतौर से सीमावर्ती थानों को। धरपकड़ और तेज की जाएगी।