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जेई का कहर, चार ने दम तोड़ा
Bahraich
Updated Mon, 02 Sep 2013 05:35 AM IST
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बहराइच। तराई के लिए अभिशाप बना जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) एक बार फिर कहर बरपा रहा है। बीते हफ्ते में अकेले बहराइच जिला अस्पताल में इसके 21 मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें से चार की मौत ब्लड सैंपल की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही हो गई। जिला अस्पताल से केजीएमयू लखनऊ भेजे गए 30 सीरम में से 21 में जेई की पुष्टि हुई है। बड़े पैमाने पर मिल रहे जेई पॉजिटिव केस और आए दिन बुखार से हो रही मौतें हालात की भयावहता बताने के लिए काफी हैं।
बहराइच में दिमागी बुखार (जेई व एईएस) से लगातार मौतें हो रही हैं। इनमें बच्चे सर्वाधिक संख्या में शामिल हैं। जिला अस्पताल बहराइच से डॉक्टरों ने 30 रोगियों की रीढ़ से सीएचएफ (सेरेब्रो स्पाइनल फ्ल्यूड) का सैंपल एक सप्ताह पूर्व जांच के लिए किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ की पैथालॉजी भेजा था। शनिवार को आए जांच नतीजों में 30 में से 21 रोगियों में जेई की पुष्टि हुई है। इनमें शामिल चार लोगों की मौत एक सप्ताह के भीतर हो चुकी है। इनमें दो वर्षीय अखिलेश निवासी खैरीघाट, आठ वर्षीय राकेश निवासी श्रावस्ती, पांच वर्षीय रुचि, श्रावस्ती, चार साल का आजाद अली, निवासी श्रावस्ती शामिल हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग का कहना है कि अंकुश नहीं लगा तो जेई कहर बरपाएगा।
रविवार को तीन की मौत
बहराइच। तराई में दिमागी बुखार ने तेजी से पांव पसार लिए हैं। रविवार को जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे दो मासूमों समेत तीन रोगियों ने दम तोड़ दिया, जबकि 26 रोगियों को भर्ती किया गया है। इनमें चार रोगियों की हालत नाजुक है।
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विशेश्वरगंज थाना अंतर्गत लोनियनपुरवा गांव निवासी संतराम (3) को बुखार की शिकायत पर उसके परिवारीजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। उसे तेज बुखार के साथ झटके और बेहोशी के दौरे पड़ते थे। रविवार सुबह संतराम की मौत हो गई। इसी तरह थाना खैरीघाट अंतर्गत बरगदहा बाजार निवासी शिवम (2) और जरवल रोड के खसहा गांव निवासी खतीजा बानो (55) ने भी बुखार से दम तोड़ा है। सभी को तेज बुखार की शिकायत पर अस्पताल लाया गया था। उधर, रविवार को अस्पताल में बुखार, डायरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों की जद में आए 26 रोगियों को भर्ती किया गया है। इनमें जमीरुल बेगम (1) नानपारा, कामिनी (1) मल्हीपुर, सूरत (5) इकौना व नेहा (1) फखरपुर की हालत नाजुक है। पीड़ित मरीजों के तीमारदार दुखी हैं और बीमारी की दहशत उनके चेहरों पर साफ छलक रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र उपयुक्त चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।
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बहराइच में दिमागी बुखार (जेई व एईएस) से लगातार मौतें हो रही हैं। इनमें बच्चे सर्वाधिक संख्या में शामिल हैं। जिला अस्पताल बहराइच से डॉक्टरों ने 30 रोगियों की रीढ़ से सीएचएफ (सेरेब्रो स्पाइनल फ्ल्यूड) का सैंपल एक सप्ताह पूर्व जांच के लिए किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ की पैथालॉजी भेजा था। शनिवार को आए जांच नतीजों में 30 में से 21 रोगियों में जेई की पुष्टि हुई है। इनमें शामिल चार लोगों की मौत एक सप्ताह के भीतर हो चुकी है। इनमें दो वर्षीय अखिलेश निवासी खैरीघाट, आठ वर्षीय राकेश निवासी श्रावस्ती, पांच वर्षीय रुचि, श्रावस्ती, चार साल का आजाद अली, निवासी श्रावस्ती शामिल हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग का कहना है कि अंकुश नहीं लगा तो जेई कहर बरपाएगा।
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रविवार को तीन की मौत
बहराइच। तराई में दिमागी बुखार ने तेजी से पांव पसार लिए हैं। रविवार को जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे दो मासूमों समेत तीन रोगियों ने दम तोड़ दिया, जबकि 26 रोगियों को भर्ती किया गया है। इनमें चार रोगियों की हालत नाजुक है।
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विशेश्वरगंज थाना अंतर्गत लोनियनपुरवा गांव निवासी संतराम (3) को बुखार की शिकायत पर उसके परिवारीजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। उसे तेज बुखार के साथ झटके और बेहोशी के दौरे पड़ते थे। रविवार सुबह संतराम की मौत हो गई। इसी तरह थाना खैरीघाट अंतर्गत बरगदहा बाजार निवासी शिवम (2) और जरवल रोड के खसहा गांव निवासी खतीजा बानो (55) ने भी बुखार से दम तोड़ा है। सभी को तेज बुखार की शिकायत पर अस्पताल लाया गया था। उधर, रविवार को अस्पताल में बुखार, डायरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों की जद में आए 26 रोगियों को भर्ती किया गया है। इनमें जमीरुल बेगम (1) नानपारा, कामिनी (1) मल्हीपुर, सूरत (5) इकौना व नेहा (1) फखरपुर की हालत नाजुक है। पीड़ित मरीजों के तीमारदार दुखी हैं और बीमारी की दहशत उनके चेहरों पर साफ छलक रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र उपयुक्त चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।