{"_id":"131-59879","slug":"Bahraich-59879-131","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाघरा की गोद में समाए सात घर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाघरा की गोद में समाए सात घर
Bahraich
Updated Wed, 05 Jun 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महसी (बहराइच)। बिना मानसून हुई बरसात से घाघरा नदी के जलस्तर में भी इजाफा हुआ है। इससे कटान शुरू हो गई है। मंगलवार को अरनवा इतवारीपुरवा निवासी सात ग्रामीणों के मकान नदी में समा गए। लगभग 80 बीघा खेत भी कटा है। एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक को जांच सौंपी है। इसके बाद कटान पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।
घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। सोमवार को जिले में हुई भारी वर्षा के चलते नदी का जलस्तर अचानक एक मीटर के आसपास बढ़ गया, जिसके चलते बांसगढ़ी ग्राम पंचायत का अरनवा इतवारीपुरवा गांव फिर नदी के निशाने पर आ गया है। गांव निवासी निर्मल सिंह, सुरेश कुमार, रमेश, नवादीन, श्याम सिंह, मनोज कुमार और रामबिलास नदी मेें समा गए हैं। सुबह शुरू हुई तेज कटान को देखकर आननफानन ग्रामीणों ने अपने घर की संपत्ति निकाल ली। नदी में मकान समाहित होने के बाद सात परिवार के 43 लोग खुले आसमान तले गुजर-बसर करने को मजबूर हो गए हैं। 80 बीघा खेत भी कटा है।
उपजिलाधिकारी महसी बीके सिंह ने बताया कि कटान की सूचना मिली है। राजस्व निरीक्षक शारदा प्रसाद मिश्र को मौके पर भेजा गया है। राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट मिलने के बाद सभी कटान पीड़ितों को अहेतुक राहत सहायता प्रदान की जाएगी। नदी के अचानक बढ़े जलस्तर व शुरू हुए कटान से तटवर्ती इलाकों के ग्रामीण दहशत में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। सोमवार को जिले में हुई भारी वर्षा के चलते नदी का जलस्तर अचानक एक मीटर के आसपास बढ़ गया, जिसके चलते बांसगढ़ी ग्राम पंचायत का अरनवा इतवारीपुरवा गांव फिर नदी के निशाने पर आ गया है। गांव निवासी निर्मल सिंह, सुरेश कुमार, रमेश, नवादीन, श्याम सिंह, मनोज कुमार और रामबिलास नदी मेें समा गए हैं। सुबह शुरू हुई तेज कटान को देखकर आननफानन ग्रामीणों ने अपने घर की संपत्ति निकाल ली। नदी में मकान समाहित होने के बाद सात परिवार के 43 लोग खुले आसमान तले गुजर-बसर करने को मजबूर हो गए हैं। 80 बीघा खेत भी कटा है।
विज्ञापन
उपजिलाधिकारी महसी बीके सिंह ने बताया कि कटान की सूचना मिली है। राजस्व निरीक्षक शारदा प्रसाद मिश्र को मौके पर भेजा गया है। राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट मिलने के बाद सभी कटान पीड़ितों को अहेतुक राहत सहायता प्रदान की जाएगी। नदी के अचानक बढ़े जलस्तर व शुरू हुए कटान से तटवर्ती इलाकों के ग्रामीण दहशत में हैं।
विज्ञापन