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दिमागी बुखार से महिला समेत दो मरे
Bahraich
Updated Sat, 03 Nov 2012 12:00 PM IST
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बहराइच। दिमागी बुखार एक-एक कर लोगों की जिंदगी लील रहा है लेकिन स्वास्थ्य महकमा इस जानलेवा बीमारी पर शिकंजा कस पाने में नाकाम दिख रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती एक महिला समेत दो रोगियों की शुक्रवार को मौत हो गई। 26 नए रोगी भर्ती हुए हैं जिनमें चार की हालत नाजुक है।
ठंड की शुरुआत हो चुकी है लेकिन दिमागी बुखार प्रभावित रोगियों की आमद जिला चिकित्सालय में थम नहीं रही है। अभी भी तराई में दिमागी बुखार जानलेवा बना हुआ है। कोतवाली नगर अंतर्गत कानूनगोपुरा मोहल्ला निवासी छम्मो (20) पत्नी रंगीले विगत एक पखवारे से बुखार से पीड़ित थी। शुरुआत में परिजनों ने आम बुखार समझक र मेडिकल स्टोर से दवा लेकर इलाज शुरू किया लेकिन हालत लगातार बिगड़ती गई। गुरुवार को परिजनों ने जिला चिकित्सालय में लाकर भर्ती करवाया। शुक्रवार की सुबह छह बजे छम्मो ने दम तोड़ दिया। इसी तरह राजितराम (25) पुत्र छेदीराम निवासी नेवादा रामगांव की भी मौत बुखार से हुई। इन्हें तेज बुखार के साथ झटके आ रहे थे। जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने मरीजों में प्राथमिक स्तर पर दिमागी बुखार के लक्षणों की पुष्टि की है। इसके अलावा शुक्रवार को जिला चिकित्सालय के चिल्ड्रेन वार्ड में बुखार व अन्य संक्रामक रोगों से पीड़ित 26 नए मरीजों को भर्ती किया गया है। इनमें सोनू (1) दुलारपुर, हमजा (4) दरगाह, विपिन (1) गजपतिपुर, दयाराम (6) इकौना, आरिफ (10) नाजिरपुरा, नगमा (1) खैरीघाट, फरहान (14) फखरपुर, सुशीला (4) नगरौर, सरताज (5) दरगाह, विशाल (14) हुजूरपुर, आजाद (5) सुजौली, हसनरजा (2) नानपारा, मो. नाजिम (6) काजीपुरा, सिद्धनाथ (1) विशेश्वरगंज, अनिल (3) पयागपुर, रामकृष्ण (10) हुजूरपुर, कृष्णा (12) दरगाह शरीफ, फैसल अली (6) नानपारा शामिल हैं। जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. के. के. वर्मा ने बताया कि वर्तमान में रात के समय ठंड रहती है, जबकि दिन में धूप होती है। ऐसे में उन्होंने लोगों को सुबह व शाम ठंड से बचने व मच्छरों से बचकर बुखार व अन्य संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है।
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ठंड की शुरुआत हो चुकी है लेकिन दिमागी बुखार प्रभावित रोगियों की आमद जिला चिकित्सालय में थम नहीं रही है। अभी भी तराई में दिमागी बुखार जानलेवा बना हुआ है। कोतवाली नगर अंतर्गत कानूनगोपुरा मोहल्ला निवासी छम्मो (20) पत्नी रंगीले विगत एक पखवारे से बुखार से पीड़ित थी। शुरुआत में परिजनों ने आम बुखार समझक र मेडिकल स्टोर से दवा लेकर इलाज शुरू किया लेकिन हालत लगातार बिगड़ती गई। गुरुवार को परिजनों ने जिला चिकित्सालय में लाकर भर्ती करवाया। शुक्रवार की सुबह छह बजे छम्मो ने दम तोड़ दिया। इसी तरह राजितराम (25) पुत्र छेदीराम निवासी नेवादा रामगांव की भी मौत बुखार से हुई। इन्हें तेज बुखार के साथ झटके आ रहे थे। जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने मरीजों में प्राथमिक स्तर पर दिमागी बुखार के लक्षणों की पुष्टि की है। इसके अलावा शुक्रवार को जिला चिकित्सालय के चिल्ड्रेन वार्ड में बुखार व अन्य संक्रामक रोगों से पीड़ित 26 नए मरीजों को भर्ती किया गया है। इनमें सोनू (1) दुलारपुर, हमजा (4) दरगाह, विपिन (1) गजपतिपुर, दयाराम (6) इकौना, आरिफ (10) नाजिरपुरा, नगमा (1) खैरीघाट, फरहान (14) फखरपुर, सुशीला (4) नगरौर, सरताज (5) दरगाह, विशाल (14) हुजूरपुर, आजाद (5) सुजौली, हसनरजा (2) नानपारा, मो. नाजिम (6) काजीपुरा, सिद्धनाथ (1) विशेश्वरगंज, अनिल (3) पयागपुर, रामकृष्ण (10) हुजूरपुर, कृष्णा (12) दरगाह शरीफ, फैसल अली (6) नानपारा शामिल हैं। जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. के. के. वर्मा ने बताया कि वर्तमान में रात के समय ठंड रहती है, जबकि दिन में धूप होती है। ऐसे में उन्होंने लोगों को सुबह व शाम ठंड से बचने व मच्छरों से बचकर बुखार व अन्य संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है।
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